IND vs ENG: ओपनर से फिनिशर तक, सिर्फ 70 गेंदों में फुस

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IND vs ENG: ओपनर से फिनिशर तक, सिर्फ 70 गेंदों में फुसकुछ ही महीनों पहले की बात है, जब टीम इंडिया ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 250 से ज्यादा रन बनाए थे. फिर फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ भी 255 रन बनाकर खिताब जीता था. फिर उन्हीं बल्लेबाजों ने आईपीएल 2026 में खूब रन बनाए. मगर अचानक इन्हीं बल्लेबाजों को क्या हो गया, जो रन निकलने दूभर हो गए? ये ऐसा सवाल है जिसने हर किसी को परेशान कर दिया है क्योंकि इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टी20 मैच में सिर्फ 70 गेंदों के अंदर टीम इंडिया ढेर हो गई, जो इससे पहले न कभी हुआ था और न कभी किसी ने इसकी कल्पना की थी.

नॉटिंघम में खेले गए तीसरे टी20 मैच में टीम इंडिया का इस पूरे दौरे पर अब तक का सबसे खराब प्रदर्शन देखने को मिला. सिर्फ इस दौरे का ही नहीं, बल्कि टी20 क्रिकेट के इतिहास में टीम इंडिया की बल्लेबाजी सबसे ज्यादा फिसड्डी इसी मैच में देखने को मिली. इंग्लैंड से मिले 202 रन के लक्ष्य के जवाब में भारतीय टीम इसके करीब पहुंचना तो दूर, आधे रन भी नहीं बना पाई और सिर्फ 76 के स्कोर पर ऑल आउट होकर 125 रन से हार गई.

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IPL में विस्फोटक बल्लेबाजी करने वाले ओपनर अभिषेक शर्मा, 15 साल के युवा वैभव सूर्यवंशी, विकेटकीपर ईशान किशन और कप्तान श्रेयस अय्यर समेत 5 बल्लेबाज तो सिर्फ 5वें ओवर तक पवेलियन लौट गए. भारतीय क्रिकेट में ये पहला मौका था, जब पावरप्ले में ही आधी टीम आउट हो गई. इसके बाद शिवम दुबे, अक्षर पटेल और तिलक वर्मा जैसे फिनिशर भी टीम को शर्मनाक हालात से नहीं बचा सके और आखिरकार सिर्फ 11.4 ओवर में 76 रन पर ढेर हो गई.

ये भारतीय टीम की टी20 क्रिकेट में सबसे छोटी पारी है. इससे पहले जितने भी टी20 मुकाबलों में टीम इंडिया ऑल आउट हुई, कभी भी इतने कम ओवर में उसकी पारी का अंत नहीं हुआ. पिछला रिकॉर्ड 17.2 ओवर था, जो 2015 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ था. यहां तक कि 74 रन की पारी में भी भारतीय टीम ने 17.3 ओवर तक बैटिंग की थी. मगर इस बार वो सारे रिकॉर्ड ध्वस्त हो गए. वहीं 125 रन से शिकस्त टी20 में भारत की सबसे बड़ी हार है. पिछली बड़ी हार 80 रन से थी.

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पहाड़ प्रभात डैस्क

समाजशास्त्र में मास्टर की डिग्री के साथ (MAJMC) पत्रकारिता और जनसंचार में मास्टर की डिग्री। पत्रकारिता में 15 वर्ष का अनुभव। अमर उजाला, वसुन्धरादीप सांध्य दैनिक में सेवाएं दीं। प्रिंट और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म में समान रूप से पकड़। राजनीतिक और सांस्कृतिक के साथ खोजी खबरों में खास दिलचस्‍पी। पाठकों से भावनात्मक जुड़ाव बनाना उनकी लेखनी की खासियत है। अपने लंबे करियर में उन्होंने ट्रेंडिंग कंटेंट को वायरल बनाने के साथ-साथ राजनीति और उत्तराखंड की संस्कृति पर लिखने में विशेषज्ञता हासिल की है। वह सिर्फ एक कंटेंट क्रिएटर ही नहीं, बल्कि एक ऐसे शख्स हैं जो हमेशा कुछ नया सीखने और ख़ुद को बेहतर बनाने के लिए तत्पर रहते हैं। देश के कई प्रसिद्ध मैगजीनों में कविताएं और कहानियां लिखने के साथ ही वह कुमांऊनी गीतकार भी हैं अभी तक उनके लिखे गीतों को कुमांऊ के कई लोकगायक अपनी आवाज दे चुके है। फुर्सत के समय में उन्हें संगीत सुनना, किताबें पढ़ना और फोटोग्राफी पसंद है। वर्तमान में पहाड़ प्रभात डॉट कॉम न्यूज पोर्टल और पहाड़ प्रभात समाचार पत्र के एडिटर इन चीफ है।