Dilip Kumar Death: अभिनेता दिलीप कुमार का निधन, यहां ली अंतिम सांस

खबर शेयर करें

Dilip Kumar Death: हिंदी सिनेमा के अभिनेता दिलीप कुमार का निधन हो गया है। उन्हें पिछले महीने से ही सांस की समस्या थी। उन्हें मुंबई के हिंदुजा अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्होंने 98 वर्षीय दिलीप कुमार ने आखिरी सांस ली। दिलीप साहब के साथ उनकी पत्नी और अभिनेत्री सायरा बानो उनकी आखिरी सांस तक साथ रहीं। सायरा दिलीप कुमार का खास ख्याल रख रही थीं और फैंस से लगातार दुआ करने की अपील भी कर रही थीं। दिलीप कुमार की निधन की खबर से फिल्म इंडस्ट्री में शोक पसर गया है। सेलेब्स सोशल मीडिया पोस्ट साझा कर अभिनेता को श्रद्धांजलि दे रहे हैं।

दिलीप कुमार का असली नाम मोहम्मद युसूफ खान (Mohammed Yusuf Khan) था. उनका जन्म 11 दिसंबर 1922 को हुआ था। उन्हें हिंदी सिनेमा में ‘द फस्ट खान’ और ‘ट्रैजडी किंग’ के नाम से जाना जाता है। हिंदी सिनेमा में मेथड एक्टिंग का क्रेडिट उन्हें ही जाता है

Ad Ad

उन्होंने 6 दशकों तक शानदार काम किया। दिलीप कुमार ने अपने एक्टिंग की शुरुआत 1944 में फिल्म ज्वार भाटा से की थी, इसे बॉम्बे टॉकीज ने प्रोड्यूस किया था। करीब पांच दशक के एक्टिंग करियर में 65 से ज्यादा फिल्मों में काम किया है, जिसमें देवदास, नया दौर, मुगल-ए-आजम, गांगा-जमुना, क्रांति और कर्मा शामिल हैं. दिलीप कुमार आखिरी बार 1998 में फिल्म किला में नजर आए थे।

ADVERTISEMENTSAd Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad

पहाड़ प्रभात डैस्क

समाजशास्त्र में मास्टर की डिग्री के साथ (MAJMC) पत्रकारिता और जनसंचार में मास्टर की डिग्री। पत्रकारिता में 15 वर्ष का अनुभव। अमर उजाला, वसुन्धरादीप सांध्य दैनिक में सेवाएं दीं। प्रिंट और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म में समान रूप से पकड़। राजनीतिक और सांस्कृतिक के साथ खोजी खबरों में खास दिलचस्‍पी। पाठकों से भावनात्मक जुड़ाव बनाना उनकी लेखनी की खासियत है। अपने लंबे करियर में उन्होंने ट्रेंडिंग कंटेंट को वायरल बनाने के साथ-साथ राजनीति और उत्तराखंड की संस्कृति पर लिखने में विशेषज्ञता हासिल की है। वह सिर्फ एक कंटेंट क्रिएटर ही नहीं, बल्कि एक ऐसे शख्स हैं जो हमेशा कुछ नया सीखने और ख़ुद को बेहतर बनाने के लिए तत्पर रहते हैं। देश के कई प्रसिद्ध मैगजीनों में कविताएं और कहानियां लिखने के साथ ही वह कुमांऊनी गीतकार भी हैं अभी तक उनके लिखे गीतों को कुमांऊ के कई लोकगायक अपनी आवाज दे चुके है। फुर्सत के समय में उन्हें संगीत सुनना, किताबें पढ़ना और फोटोग्राफी पसंद है। वर्तमान में पहाड़ प्रभात डॉट कॉम न्यूज पोर्टल और पहाड़ प्रभात समाचार पत्र के एडिटर इन चीफ है।