अल्मोड़ा: प्लास्टिक मुक्त पंचायतों की दिशा में द हंगर प्रोजेक्ट की पहल, 25 पंचायतों में पर्यावरण जागरूकता अभियान

अल्मोड़ा। The Hunger Project India द्वारा द्वाराहाट ब्लॉक की 25 पंचायतों में 10 दिवसीय पर्यावरण जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य महिला जनप्रतिनिधियों की क्षमता का विकास करना तथा उन्हें अपने पद पर निर्भीकता और प्रभावी ढंग से कार्य करने के लिए सशक्त बनाना है।
संस्था की ओर से महिला जनप्रतिनिधियों को पंचायतों के साथ-साथ वन पंचायतों के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके तहत जनप्रतिनिधियों और वन पंचायत सदस्यों की बैठकें आयोजित की जा रही हैं। साथ ही प्रत्येक पंचायत में जागरूक मंच का गठन किया गया है, ताकि स्थानीय लोग अपने क्षेत्र के विकास और पर्यावरण संरक्षण में सहयोग कर सकें।

अभियान के दौरान जलवायु परिवर्तन (क्लाइमेट चेंज) के प्रभावों और चुनौतियों पर विस्तार से जानकारी दी जा रही है। लोगों को प्राकृतिक जल स्रोतों, नौलों और धारों के संरक्षण के प्रति जागरूक किया जा रहा है। साथ ही केवल पौधारोपण ही नहीं, बल्कि पौधों के संरक्षण और देखभाल के महत्व पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।
कार्यक्रम में प्लास्टिक के कम उपयोग और उसके दुष्प्रभावों के बारे में भी जागरूक किया जा रहा है। प्रतिभागियों को बताया गया कि जलवायु परिवर्तन के लिए मानवीय गतिविधियां प्रमुख रूप से जिम्मेदार हैं और इसके प्रभावों को कम करने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।
अभियान में रावलसेरा, नौलाकोट, रवाड़ी, बाड़ी, कामा, भंडरगांव, च्याली, बिंता, पारकोट, ईड़ासेरा, धनकल, मनेला सहित विभिन्न पंचायतों की महिला प्रधान, जागरूक मंच की सदस्य और वन पंचायत सदस्य भाग ले रहे हैं। इस अवसर पर हंगर प्रोजेक्ट के जिला समन्वयक गिरीश जोशी, केवल चंद, भगवती गोस्वामी और दया नेगी सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।



























