उत्तराखंड : (स्मृति शेष)-जब 22 दिन में इंदिरा ने मंंगवा दिये थे देहरादून से बिजली के 500 पोल, देखते रह गये थे अधिकारी…

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Pahad Prabhat News Haldwani: आइरन लेडी इंदिरा हृदयेश आज हमारे बीच नहीं है। लेकिन राजनीति में उनकी जो धमक थी शायद ही ऐसा कोई महिला नेत्री आगे राजनीति मेें दिखे। बड़े से बड़े अधिकारी उनसे खौंफ खाते थे। इंदिरा ने हल्द्वानी को एक नई विकास की राह दिखाई। शहर ही नहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी इंदिरा ने सडक़ों का जाल बिछा दिया था। साथ ही लोगों को पेयजल से लेकर बिजली तक उपलब्ध करायी।

एक किस्सा वर्ष 2004 का है। तब दिवंगत नेता डॉ. इंदिरा हृदयेश संसदीय कार्यमंत्री ,लोनिवि मंत्री थी। हल्द्वानी में जनता दरबार लगा तो लोगों ने बिजली की मांग उठा दी। इंंदिरा नेे उसी समय अधिकारियों को 500 पोलों की व्यवस्था करने के लिए कहा। जब अधिकारियों ने 500 पोलों की बात सुनीं तो पोल देने की असमर्थता जता दी। ऐसे में इंदिरा ने उसी समय देहरादून एमडी को फोन लगाकर कहा किक 22 दिन में पोल हल्द्वानी पहुंचने चाहिए। इंदिरा की कार्यशैली से कई बड़े अधिकारी उनसे ज्यादा बात करने से कतराते थे।

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पहाड़ प्रभात डैस्क

समाजशास्त्र में मास्टर की डिग्री के साथ (MAJMC) पत्रकारिता और जनसंचार में मास्टर की डिग्री। पत्रकारिता में 15 वर्ष का अनुभव। अमर उजाला, वसुन्धरादीप सांध्य दैनिक में सेवाएं दीं। प्रिंट और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म में समान रूप से पकड़। राजनीतिक और सांस्कृतिक के साथ खोजी खबरों में खास दिलचस्‍पी। पाठकों से भावनात्मक जुड़ाव बनाना उनकी लेखनी की खासियत है। अपने लंबे करियर में उन्होंने ट्रेंडिंग कंटेंट को वायरल बनाने के साथ-साथ राजनीति और उत्तराखंड की संस्कृति पर लिखने में विशेषज्ञता हासिल की है। वह सिर्फ एक कंटेंट क्रिएटर ही नहीं, बल्कि एक ऐसे शख्स हैं जो हमेशा कुछ नया सीखने और ख़ुद को बेहतर बनाने के लिए तत्पर रहते हैं। देश के कई प्रसिद्ध मैगजीनों में कविताएं और कहानियां लिखने के साथ ही वह कुमांऊनी गीतकार भी हैं अभी तक उनके लिखे गीतों को कुमांऊ के कई लोकगायक अपनी आवाज दे चुके है। फुर्सत के समय में उन्हें संगीत सुनना, किताबें पढ़ना और फोटोग्राफी पसंद है। वर्तमान में पहाड़ प्रभात डॉट कॉम न्यूज पोर्टल और पहाड़ प्रभात समाचार पत्र के एडिटर इन चीफ है।