उत्तराखंड: धाना धनुली गीत से धमाल मचाएगें सुमित मनराल, सुरों में बसी है पहाड़ की मिठास

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उत्तराखंड के संगीत जगत में एक के बाद एक लोकगायक अपनी सुरीली आवाज से संस्कृति को संवारने में जुटे है। उन्हीं में एक नाम है सुमित मनराल का, जो लंबे समय से उत्तराख्ंाडी संगीत से जुड़े है। अभी तक सुमित मनराल कई गीतों से धमाल मचा चुके है। बचपन से ही गाने के शौक ने उन्हें लोकगायकी की दुनियां में कदम रखने में मजबूर कर दिया। दिल्ली में रहकर हमेशा पहाड़ के प्रति उनका समर्पण आपको सोशल मीडिया पर देखने को मिल जायेगा। वह उत्तराखंड के कलाकारों के सपोट में हमेशा खड़े रहते है। अब उनका गीत धाना धनुली आ रहा है जिसमें आपकों उनकी सुरीली आवाज सुनने को मिलेंगी।

इससे पहले 16 अप्रैल को इस गीत का प्रोमों लांच हो चुका है। एक गीत गुसाई म्यूजिक से रिलीज होगा। इस गीत को खुद लोकगायक सुमित मनराल ने लिखा है। वर्ष 2015 में संगीत के दुनियां में कदम रखने वाले लोकगायक सुमित मनराल अभी तक कई सुपरहिट गीत उत्तराखंड को दे चुके है। उनका पहला गीत साली हौसियां आया जिसके बाद उन्होंने कई गीत गाये। जिसमें रंगीली पिछौड़ी, द्वाराहाट की नीमा, मालूदेश, भल तेरो मिजात, हिट सरू रंगीलों पहाड़, हरिया रूमाल सुपरहिट रहे।

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मूलरूप से टिटारी देघाट के रहने वाले लोकगायक सुमित मनराल हमेशा पहाड़ के प्रति कुछ नया करने की सोचते है। वह गीतों के माध्यम से पहाड़ का दर्द लोगों तक पहुंचाते है। लोकगायक सुमित मनराल का कहना है कि फिलहाल कोरोना काल के चलते अभी गीतों की रिर्काडिंग नहीं हो पा रही है। जल्द लोगों को कई सुपरहिट गीत सुनने को मिलेंगी। लोगों को उनका धाना धनुली गीत खूब पसंद आयेगा।

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पहाड़ प्रभात डैस्क

समाजशास्त्र में मास्टर की डिग्री के साथ (MAJMC) पत्रकारिता और जनसंचार में मास्टर की डिग्री। पत्रकारिता में 15 वर्ष का अनुभव। अमर उजाला, वसुन्धरादीप सांध्य दैनिक में सेवाएं दीं। प्रिंट और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म में समान रूप से पकड़। राजनीतिक और सांस्कृतिक के साथ खोजी खबरों में खास दिलचस्‍पी। पाठकों से भावनात्मक जुड़ाव बनाना उनकी लेखनी की खासियत है। अपने लंबे करियर में उन्होंने ट्रेंडिंग कंटेंट को वायरल बनाने के साथ-साथ राजनीति और उत्तराखंड की संस्कृति पर लिखने में विशेषज्ञता हासिल की है। वह सिर्फ एक कंटेंट क्रिएटर ही नहीं, बल्कि एक ऐसे शख्स हैं जो हमेशा कुछ नया सीखने और ख़ुद को बेहतर बनाने के लिए तत्पर रहते हैं। देश के कई प्रसिद्ध मैगजीनों में कविताएं और कहानियां लिखने के साथ ही वह कुमांऊनी गीतकार भी हैं अभी तक उनके लिखे गीतों को कुमांऊ के कई लोकगायक अपनी आवाज दे चुके है। फुर्सत के समय में उन्हें संगीत सुनना, किताबें पढ़ना और फोटोग्राफी पसंद है। वर्तमान में पहाड़ प्रभात डॉट कॉम न्यूज पोर्टल और पहाड़ प्रभात समाचार पत्र के एडिटर इन चीफ है।