सोमेश्वर: पहाड़ी स्वैग के रंग में रंगेगा सोमेश्वर, दिग्गज कलाकारों से सजेगा सांस्कृतिक मंच

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सोमेश्वर: पहाड़ी लोक संस्कृति, संगीत और पारंपरिक कला को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पहाड़ी स्वैग सांस्कृतिक कला मंच पंजीकृत टीम की ओर से तीन दिवसीय चौथा विशाल सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘सोमेश्वर महोत्सव सीजन-4’ आयोजित किया जा रहा है। महोत्सव का आयोजन 30, 31 अक्टूबर और 1 नवंबर 2026 को किया जाएगा। कार्यक्रम को लेकर क्षेत्र के लोगों में खासा उत्साह है।

महोत्सव में उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति और पारंपरिक कला की शानदार झलक देखने को मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान लोक गीत गायन, विद्यालयी बच्चों की नृत्य प्रतियोगिता तथा स्थानीय कलाकारों द्वारा झोड़ा-चांचरी सहित विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी। आयोजकों का कहना है कि महोत्सव का उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी लोक संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना भी है।

इस तीन दिवसीय आयोजन में उत्तराखंड के कई चर्चित लोक गायक और गायिकाएं अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मनोरंजन करेंगे। कार्यक्रम में फौजी ललित मोहन जोशी, गजेंद्र राणा, दर्शन फर्स्वाण, इंदर आर्या, खुशी जोशी, जितेंद्र टम्टा, राकेश खनवाल, प्रेम बिष्ट, गोपाल गुसाईं, नीमा भंडारी, लक्ष्मी रावत और रितु लोहिया सहित कई कलाकार अपनी आवाज और प्रस्तुतियों का जादू बिखेरेंगे।

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कार्यक्रम के मंच संचालन की जिम्मेदारी शिबू रावत और आयुषी जुयाल संभालेंगे। आयोजन को सफल बनाने में पहाड़ी स्वैग सांस्कृतिक कला मंच की पूरी टीम जुटी हुई है।

महोत्सव के संरक्षक विजय सिंह भंडारी तथा अध्यक्ष नीमा भंडारी हैं, जबकि उपाध्यक्ष गोपाल गुसाईं आयोजन की व्यवस्थाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। आयोजकों ने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है।

सोमेश्वर महोत्सव सीजन-4 का आयोजन प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से रात 8 बजे तक किया जाएगा। कार्यक्रम का स्थान भारतीय स्टेट बैंक रोड स्थित उत्तराखंड स्टेडियम, सोमेश्वर, जिला अल्मोड़ा निर्धारित किया गया है।

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आयोजकों ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि यह महोत्सव केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि उत्तराखंड की लोक संस्कृति, परंपराओं और कलाकारों को मंच देने का एक प्रयास है। ऐसे में क्षेत्र के लोग परिवार और मित्रों के साथ महोत्सव में पहुंचकर लोक संस्कृति के इस रंग में शामिल हों। तीन दिनों तक सोमेश्वर में लोकगीत, नृत्य और पहाड़ी संस्कृति की धूम रहेगी। आयोजन समिति ने लोगों से कहा है, तो देर किस बात की, आइए जरूर… यहीं होगी आपसे भेंट।

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पहाड़ प्रभात डैस्क

समाजशास्त्र में मास्टर की डिग्री के साथ (MAJMC) पत्रकारिता और जनसंचार में मास्टर की डिग्री। पत्रकारिता में 15 वर्ष का अनुभव। अमर उजाला, वसुन्धरादीप सांध्य दैनिक में सेवाएं दीं। प्रिंट और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म में समान रूप से पकड़। राजनीतिक और सांस्कृतिक के साथ खोजी खबरों में खास दिलचस्‍पी। पाठकों से भावनात्मक जुड़ाव बनाना उनकी लेखनी की खासियत है। अपने लंबे करियर में उन्होंने ट्रेंडिंग कंटेंट को वायरल बनाने के साथ-साथ राजनीति और उत्तराखंड की संस्कृति पर लिखने में विशेषज्ञता हासिल की है। वह सिर्फ एक कंटेंट क्रिएटर ही नहीं, बल्कि एक ऐसे शख्स हैं जो हमेशा कुछ नया सीखने और ख़ुद को बेहतर बनाने के लिए तत्पर रहते हैं। देश के कई प्रसिद्ध मैगजीनों में कविताएं और कहानियां लिखने के साथ ही वह कुमांऊनी गीतकार भी हैं अभी तक उनके लिखे गीतों को कुमांऊ के कई लोकगायक अपनी आवाज दे चुके है। फुर्सत के समय में उन्हें संगीत सुनना, किताबें पढ़ना और फोटोग्राफी पसंद है। वर्तमान में पहाड़ प्रभात डॉट कॉम न्यूज पोर्टल और पहाड़ प्रभात समाचार पत्र के एडिटर इन चीफ है।