उत्तराखंड: (लोक संगीत)-लोकगायक भुवन फुलारा ने लौटी जोंल पहाड़ गीत से जीता दिल, पहाड़ की सुंदरता के साथ दर्द भी किया बयां

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Pahad Prabhat News Exclusive: उत्तराखंड के संगीत जगत में अपने गीतों से बड़ा नाम कमा चुके लोकगायक भुवन फुलारा का एक और शानदार गीत रिलीज हुआ है। जिसके बोल है लौटी जोंल पहाड़। इस गीत को लोग खूब पसंद कर रहे है। इससे पहले उनके गीत ओ मेरी ईजू को लोगों ने भरपूर प्यार दिया। अपनी मधुर आवाज से लोगों के दिलों पर राज कर चुके है। लोकगायक भुवन फुलारा का गीत लौटी जोंल पहाड़ सोशल मीडिया पर छाया हुआ है।

मूलरूप से अल्मोड़ा जिले के गनोली सुराईखेत निवासी भुवन फुुलारा इन दिनों दिल्ली में रहकर चिकित्सकीय क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहे है। पहाड़ से गरीबी से निकले भुवन ने दिल्ली पहुंचकर एक बड़ा मुकाम हासिल किया। उनकी मांं ने पहाड़ में पहाड़ जैसे कष्टों से संघर्ष कर उनका पालन किया। उन्हीं की याद में भुवन ने एक गीत ओ मेरी ईजू गाया जो लोगों को खूब पसंद है। इस गीत में उन्होंने अपनी मां के प्रति प्यार और उससे बिछडक़र प्रदेश में रहने का दुख बयां किया था।

उनका एक और नया गीत दो जून को रिलीज हो चुका है। लौटी जोंल पहाड़… इस गीत के माध्यम से लोकगायक भुवन फुलारा ने अपने क्षेत्र का वर्णन कि या है। पहाड़ की सुंदरता को गीत के माध्यम से उन्होंने लोगों तक पहुंचाया है। उन्होंने गीत में जालली, गनोली, सुरेखेत, पढुला, मयोली, भटकोट क्षेत्र की सुंदरता को देखने के लिए घूमाने का वादा किया है। जिसे लोग खूब पसंद कर रहे है। इससे पहले उनके गीत के ल्याला हो सजना, ओ मेरी इजू , खली खाव डन, तू मेरी हिकई मा गीत सुपर हिट गीत गा चुके है।

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अब उनके गीत लौटी जोंल पहाड़ को लोगों ने खूब पसंद किया है। इस गीत को खुद भुवन फुलारा ने लिखा है जबकि गीत में विशेष सहयोग निवीन रावत, शिव दत्त पन्त, प्रकाश फुलारा, प्रिंस चौहान, डा. शंकर दत्त तिवारी व ईशा नेगी ने दियाा है। जबकि इस गीत में म्यूजिक संजीव दादा ने दिया और रिकॉडिंग जय राज ने की है। आप भी जरूर सुनें लौटी जोंल पहाड़ …

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पहाड़ प्रभात डैस्क

समाजशास्त्र में मास्टर की डिग्री के साथ (MAJMC) पत्रकारिता और जनसंचार में मास्टर की डिग्री। पत्रकारिता में 15 वर्ष का अनुभव। अमर उजाला, वसुन्धरादीप सांध्य दैनिक में सेवाएं दीं। प्रिंट और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म में समान रूप से पकड़। राजनीतिक और सांस्कृतिक के साथ खोजी खबरों में खास दिलचस्‍पी। पाठकों से भावनात्मक जुड़ाव बनाना उनकी लेखनी की खासियत है। अपने लंबे करियर में उन्होंने ट्रेंडिंग कंटेंट को वायरल बनाने के साथ-साथ राजनीति और उत्तराखंड की संस्कृति पर लिखने में विशेषज्ञता हासिल की है। वह सिर्फ एक कंटेंट क्रिएटर ही नहीं, बल्कि एक ऐसे शख्स हैं जो हमेशा कुछ नया सीखने और ख़ुद को बेहतर बनाने के लिए तत्पर रहते हैं। देश के कई प्रसिद्ध मैगजीनों में कविताएं और कहानियां लिखने के साथ ही वह कुमांऊनी गीतकार भी हैं अभी तक उनके लिखे गीतों को कुमांऊ के कई लोकगायक अपनी आवाज दे चुके है। फुर्सत के समय में उन्हें संगीत सुनना, किताबें पढ़ना और फोटोग्राफी पसंद है। वर्तमान में पहाड़ प्रभात डॉट कॉम न्यूज पोर्टल और पहाड़ प्रभात समाचार पत्र के एडिटर इन चीफ है।