नैनीताल: आठ माह पुरानी बैटरी वाला ई-स्कूटर बेचने पर डीलर और कंपनी दोषी, जुर्माना

नैनीताल। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने ई-स्कूटर में आठ माह पुरानी बैटरी लगाकर बेचने के मामले में डीलर और निर्माता कंपनी को सेवा में कमी का दोषी ठहराया है। आयोग ने दोनों पक्षों को उपभोक्ता को बैटरी की वर्तमान बाजार कीमत का आधा मूल्य लौटाने के साथ 20 हजार रुपये क्षतिपूर्ति और 10 हजार रुपये वाद व्यय का भुगतान करने के निर्देश दिए हैं।
आयोग के अध्यक्ष रमेश कुमार जायसवाल एवं सदस्य लक्ष्मण सिंह रावत की पीठ ने मामले की सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया। आयोग ने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय सीमा के भीतर आदेश का पालन नहीं करने पर वसूली सहित अन्य वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

मामले के अनुसार, हल्द्वानी निवासी श्रेया अग्रवाल, प्रोपराइटर मैसर्स भगवती ट्रेडर्स ने 22 जून 2022 को हल्द्वानी स्थित बेतिया ट्रेडर्स से 65,400 रुपये में निस्को इलेक्ट्रा कंपनी का ई-स्कूटर खरीदा था। खरीद के करीब चार माह बाद ही स्कूटर में बैटरी खराब होने, कम पिकअप मिलने और चार्जिंग संबंधी समस्याएं आने लगीं। कई बार वाहन रास्ते में बंद हो गया, जिसके कारण उसे टो कराकर घर लाना पड़ा।
सुनवाई के दौरान आयोग ने पाया कि स्कूटर में लगी लेड-एसिड बैटरी का निर्माण अक्टूबर 2021 में हुआ था, जबकि वाहन जून 2022 में बेचा गया। यानी बिक्री के समय बैटरी लगभग आठ माह पुरानी थी। आयोग ने इसे उपभोक्ता के साथ अनुचित व्यवहार और सेवा में कमी मानते हुए डीलर व निर्माता कंपनी के खिलाफ उपभोक्ता के पक्ष में फैसला सुनाया।





























