हल्द्वानी। कोरोना काल में एक-दूसरे को जोड़ेगी रिश्तों की फुलवारी, प्रो संतोष की अनोखी मुहिम

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हल्द्वानी। प्रकृति प्रेमियों के सहयोग से रिश्तों की फुलवारी मुहिम के लिए हल्द्वानी शहर के जगदम्बा नगर में खुला फूलों, फलों, सब्जियों के पौधों और बीजों का निःशुल्क संग्रह-वितरण केंद्र। जहां पर लोग खुद के उगाए फल-फूल सब्ज़ियों के बीज, पौधे दान कर सकेंगे और इच्छुक लोग ले जा सकेंगे। मुहिम की शुरुआत करते हुए एमबीपीजी महाविद्यालय के हिंदी विभाग के एसो प्रो डॉ. सन्तोष मिश्र ने कहा कि कोरोना काल में जब मिलना-जुलना थोड़ा कम हो चला है तो हम सब रिश्तों की फुलवारी मुहिम से जुड़कर एक दूसरे के और करीब होंगे। सभी लोग अपनी किचनबगिया में रंग रंग के फूल-सब्ज़ियों-पौधों को उगाते ही हैं। प्यारे फूलों, फलों और सब्जियों के बीज संभालकर रखते हैं और अपने किचन गार्डन में पौधे भी तैयार करते हैं। डॉ मिश्र ने आग्रह किया कि इन बीजों , पौधों का आदान-प्रदान एक-दूसरे को करते रहें। यकीन मानिए आपके द्वारा दिया गया एक बीज, एक पौधा या एक कटिंग जब किसी के यहां उगेगा, खिलेगा या फलेगा तो आपकी याद ज़रूर आएगी। रिश्तों की फुलवारी मुहिम बेहद आसान माध्यम है किसी के करीब बने रहने का।

मुहिम के पहले संग्रह और वितरण केंद्र के संचालक जगदम्बा नगर स्थित श्री मार्बल संस्थान के कमल उप्रेती ने सभी नगरवासियों से आग्रह किया कि इस मुहिम से जुड़कर फूल, फल, सब्जी के पौधे, बीज उपहारस्वरूप केंद्र पर भेंट करें और किसी के द्वारा दिए ऐसे उपहार लेकर जाँय ताकि रिश्तों की फुलवारी फलती, फूलती और महकती रहे। हम सब इस कोरोना महामारी की विषम परिस्थिति में भी रिश्तेदारी-नातेदारी बनाए रख सकें, एक दूसरे से जुड़े रह सकें और भारतीय संस्कृति की मूल अवधारणा वसुधैव कुटुम्बकम को चरितार्थ कर सकें। इस अवसर पर कमल उप्रेती, पूजा बिष्ट, राजेश पंत, जीवन बोहरा आदि उपस्थित थे।

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पहाड़ प्रभात डैस्क

समाजशास्त्र में मास्टर की डिग्री के साथ (MAJMC) पत्रकारिता और जनसंचार में मास्टर की डिग्री। पत्रकारिता में 15 वर्ष का अनुभव। अमर उजाला, वसुन्धरादीप सांध्य दैनिक में सेवाएं दीं। प्रिंट और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म में समान रूप से पकड़। राजनीतिक और सांस्कृतिक के साथ खोजी खबरों में खास दिलचस्‍पी। पाठकों से भावनात्मक जुड़ाव बनाना उनकी लेखनी की खासियत है। अपने लंबे करियर में उन्होंने ट्रेंडिंग कंटेंट को वायरल बनाने के साथ-साथ राजनीति और उत्तराखंड की संस्कृति पर लिखने में विशेषज्ञता हासिल की है। वह सिर्फ एक कंटेंट क्रिएटर ही नहीं, बल्कि एक ऐसे शख्स हैं जो हमेशा कुछ नया सीखने और ख़ुद को बेहतर बनाने के लिए तत्पर रहते हैं। देश के कई प्रसिद्ध मैगजीनों में कविताएं और कहानियां लिखने के साथ ही वह कुमांऊनी गीतकार भी हैं अभी तक उनके लिखे गीतों को कुमांऊ के कई लोकगायक अपनी आवाज दे चुके है। फुर्सत के समय में उन्हें संगीत सुनना, किताबें पढ़ना और फोटोग्राफी पसंद है। वर्तमान में पहाड़ प्रभात डॉट कॉम न्यूज पोर्टल और पहाड़ प्रभात समाचार पत्र के एडिटर इन चीफ है।