Surya Grahan 2022: साल का आखिरी सूर्य ग्रहण आज, भूलकर भी न करें ये काम…

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Surya Grahan 2022 : आज साल का आखिरी सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। इसे भारत में भी देखा जा सकता है। सूतक काल ग्रहण से 12 घंटे पहले लगेगा। साल का आखिरी सूर्यग्रहण आज लगेगा। भारत में सूतक काल भोर में 4 बजे से शुरू हो गया है। ग्रहण की वजह से गोवर्धन पूजा 25 अक्टूबर की जगह 26 अक्टूबर और भैया दूज 27 अक्टूबर को मनाया जाएगा। इस साल का दीपोत्सव पांच दिन की जगह 6 दिन का होगा। सूर्य ग्रहण भारत में शाम 4 बजकर 29 मिनट से शुरू होगा और शाम 6 बजकर 9 मिनट पर खत्म होगा। ग्रहण लगने के 12 घंटे पहले से सूतक काल प्रभावी हो गया है। ग्रहण को भारत समेत दुनिया के कुछ हिस्सों में देखा जा सकता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूतक काल को अशुभ माना जाता है। सूतक में किसी भी तरह के शुभ काम,पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठान नहीं किए जा सकते हैं। जब सूर्य ग्रहण लगता है तो उसके 12 घंटे पहले से सूतक काल मान्य हो जाता है और जब चंद्र ग्रहण लगता है तो 5 घंटे पहले सूतक मान्य होता है। इस बार आंशिक सूर्य ग्रहण शाम के 4 बजे के बाद ही लगेगा ऐसे में इस समय सूतक काल प्रभावी हो चुका है।

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सूर्य ग्रहण के दौरान करें इन मंत्रों का जाप

ज्योतिषशास्त्र के अनुसार सूर्य ग्रहण के दौरान सूर्य देवता की मानसिक आराधना करना शुभ होता है। सूर्य ग्रहण के दौरान इन सूर्य मंत्रों का जाप करें- 

  • ॐ घृणि: सूर्यादित्योम
  • ऊँ घृणि: सूर्य आदित्य श्री
  • ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं स: सूर्याय: नम: 
  • ऊँ ह्रीं ह्रीं सूर्याय नम:
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सूर्य ग्रहण के दौरान ये का भूलकर भी न करें

  • शास्त्रों के अनुसार, सूर्य ग्रहण के दौरान कुछ भी खाने से उसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। ऐसे में इस दौरान पका हुआ खाना खाने की मनाही होती है। इ इस दौरान काटने-छीलने का काम भी न करें।
  • कहा जाता है कि ग्रहण के दौरान नकारात्मक ऊर्जा बढ़ जाती है, इसलिए किसी भी नए काम की शुरुआत या मांगलिक कार्य नहीं करना चाहिए। इसके अलावा ग्रहण के दौरान नाखून काटना, कंघी करना भी शुभ नहीं माना जाता है।
  • ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण काल के दौरान गर्भवती महिलाएं घर से बाहर न निकलें और न ही इस दौरान चाकू-कैंची या किसी भी धारदार चीज का इस्तेमाल न करें। कहा जाता है कि ऐसा करने से बच्चे पर बुरा असर पड़ता है।
  • ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कहा जाता है कि ग्रहण के समय सोना नहीं चाहिए। साथ ही सुई में धागा भी डालने की मनाही की गई है। इसके अलावा ग्रहण के दौरान यात्रा करने से भी बचना चाहिए।
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पहाड़ प्रभात डैस्क

समाजशास्त्र में मास्टर की डिग्री के साथ (MAJMC) पत्रकारिता और जनसंचार में मास्टर की डिग्री। पत्रकारिता में 15 वर्ष का अनुभव। अमर उजाला, वसुन्धरादीप सांध्य दैनिक में सेवाएं दीं। प्रिंट और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म में समान रूप से पकड़। राजनीतिक और सांस्कृतिक के साथ खोजी खबरों में खास दिलचस्‍पी। पाठकों से भावनात्मक जुड़ाव बनाना उनकी लेखनी की खासियत है। अपने लंबे करियर में उन्होंने ट्रेंडिंग कंटेंट को वायरल बनाने के साथ-साथ राजनीति और उत्तराखंड की संस्कृति पर लिखने में विशेषज्ञता हासिल की है। वह सिर्फ एक कंटेंट क्रिएटर ही नहीं, बल्कि एक ऐसे शख्स हैं जो हमेशा कुछ नया सीखने और ख़ुद को बेहतर बनाने के लिए तत्पर रहते हैं। देश के कई प्रसिद्ध मैगजीनों में कविताएं और कहानियां लिखने के साथ ही वह कुमांऊनी गीतकार भी हैं अभी तक उनके लिखे गीतों को कुमांऊ के कई लोकगायक अपनी आवाज दे चुके है। फुर्सत के समय में उन्हें संगीत सुनना, किताबें पढ़ना और फोटोग्राफी पसंद है। वर्तमान में पहाड़ प्रभात डॉट कॉम न्यूज पोर्टल और पहाड़ प्रभात समाचार पत्र के एडिटर इन चीफ है।