लोकसंगीत: आमा हैगे दुुबलि-पतली-बुबु टनाटन, लोकगायिका बबीता देवी का ये गीत थिरका देगा आपके कदम…

खबर शेयर करें

Pahad Prabhat News: (जीवन राज)-लोकगाायिका बबीता देवी की आवाज आज लोगों की पहली पसंद बन चुकी है। अभिनय से उत्तराखंड के संगीत जगत में कदम रखने वाली लोकगायिका बबीता देवी का गीत बूबू टनाटन इन दिनों खूब वायरल हो रहा है। आप भी एक बार इस गीत को सुनकर अपने कदमों को थिरकने से रोक नहीं पायेंगे। लोकगायिका बबीता देवी का यह गीत उनके चैनल कुमाऊं की कला (केकेके) से रिलीज हुआ है। इस गीत में उनका साथ दिया है लोकगायक शेर सिंह महर ने। इससे पहलेे लोकगायिका बबीता देवी कई सुपरहिट गीत दे चुकी है।

लोकगायक बबीता देवी से पहाड़ प्रभात ने विशेष बातचीत की। उन्होंने सबसे पहले पहाड़ प्रभात के शुभारंभ पर बधाई दी। लोकगायिका बबीता देवी ने बताया कि उनके इस गीत को लोग बहुत पंसद कर रहे है। वह लंबे समय उत्तराखंड से संगीत जगत से जुड़ी है। जब भी उन्हें समय मिलता है तो वह कुछ नया करने की सोचती है। बुबु टनाटन पहाड़ में बढ़ते नशे पर आधारित है। किस तरह पहाड़ शराब में लगातार डूब रहा है। शराब से परिवार के लोगों की क्या हालत हो जाती है, इसी को इस गीत के माध्यम से व्यक्त किया है।

Ad Ad

बता दें कि लोकगायिका बबीता देवी कई कुमाऊंनी फिल्मों और गीतों में अभिनय कर चुकी है। इसके बाद उन्होंने लोकगायकी में कदम रखा जिसमें उन्हें सफलता मिली। कुमाऊंनी गीतों के अलावा बबीता देवी ने जिस चीज से सबसे ज्यादा लोगों को प्रभावित किया है वो है न्योली। न्योली कुमाऊं के संगीत की जान है। बबीता देेवी ने कई न्योली में अपनी सुंदर आवाज दी है। संगीत के इस लंबे सफर में लोकगायिका बबीता देवी कई सुपरहिट गीत गा चुकी है। जल्द उनके कई और गीत रिलीज होने वाले है। एक बार आप भी सुनिये आमा हैगे दुुबलि-पतली-बुबु टनाटन…

ADVERTISEMENTSAd Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad

पहाड़ प्रभात डैस्क

समाजशास्त्र में मास्टर की डिग्री के साथ (MAJMC) पत्रकारिता और जनसंचार में मास्टर की डिग्री। पत्रकारिता में 15 वर्ष का अनुभव। अमर उजाला, वसुन्धरादीप सांध्य दैनिक में सेवाएं दीं। प्रिंट और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म में समान रूप से पकड़। राजनीतिक और सांस्कृतिक के साथ खोजी खबरों में खास दिलचस्‍पी। पाठकों से भावनात्मक जुड़ाव बनाना उनकी लेखनी की खासियत है। अपने लंबे करियर में उन्होंने ट्रेंडिंग कंटेंट को वायरल बनाने के साथ-साथ राजनीति और उत्तराखंड की संस्कृति पर लिखने में विशेषज्ञता हासिल की है। वह सिर्फ एक कंटेंट क्रिएटर ही नहीं, बल्कि एक ऐसे शख्स हैं जो हमेशा कुछ नया सीखने और ख़ुद को बेहतर बनाने के लिए तत्पर रहते हैं। देश के कई प्रसिद्ध मैगजीनों में कविताएं और कहानियां लिखने के साथ ही वह कुमांऊनी गीतकार भी हैं अभी तक उनके लिखे गीतों को कुमांऊ के कई लोकगायक अपनी आवाज दे चुके है। फुर्सत के समय में उन्हें संगीत सुनना, किताबें पढ़ना और फोटोग्राफी पसंद है। वर्तमान में पहाड़ प्रभात डॉट कॉम न्यूज पोर्टल और पहाड़ प्रभात समाचार पत्र के एडिटर इन चीफ है।