हल्द्वानी : वंदे मातरम् पर कांग्रेस का फैसला तुष्टिकरण की राजनीति का प्रमाण: सुरेश भट्ट

हल्द्वानी। उत्तराखंड राज्य स्तरीय राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य एवं अनु परिषद के उपाध्यक्ष सुरेश भट्ट ने कांग्रेस कार्यसमिति द्वारा वंदे मातरम् के केवल दो छंद गाने के फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कांग्रेस के इस निर्णय को तुष्टिकरण की राजनीति और देशविरोधी सोच का प्रमाण बताया।
सुरेश भट्ट ने कहा कि वर्ष 1937 में कांग्रेस ने मुस्लिम तुष्टिकरण के चलते वंदे मातरम् के केवल दो छंद गाने का निर्णय लिया था। उनका आरोप है कि कांग्रेस आज भी उसी सोच को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् के 150वें वर्ष के अवसर पर पूरे गीत का गायन कर राष्ट्रीय एकता और देशभक्ति की भावना को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन कांग्रेस का फैसला इसके विपरीत है।
भट्ट ने आरोप लगाया कि वोट बैंक की राजनीति के लिए कांग्रेस ने बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की अमर कृति और वंदे मातरम् का उद्घोष करते हुए शहादत देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान किया है।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस एक बार फिर तुष्टिकरण की राजनीति को बढ़ावा दे रही है। देश की राष्ट्रीय भावनाओं और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े प्रतीकों के प्रति सभी राजनीतिक दलों को सम्मान की भावना रखनी चाहिए।
























