दिनभर की बड़ी खबरेंः होटल-रिसोर्ट पंजीकरण, रूस में फंसे पिथौरागढ़ के दो भाई, जीजा की मेहनत और साला IPS के बाद IAS

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नैनीताल: शासनादेश दिनांक 05 जून 2026 के क्रम में उत्तराखण्ड पर्यटन एवं यात्रा व्यवसाय पंजीकरण नियमावली 2026 लागू कर दी गई है। इस नियमावली के अंतर्गत जनपद में पूर्व से संचालित समस्त होटल/रिसोर्ट आदि, जिनके पंजीकरण की 05 वर्ष की अवधि 05 जून 2026 को पूर्ण हो चुकी है, उन्हें अपना पंजीकरण नवीनीकरण कराना अनिवार्य होगा।
जिला पर्यटन विकास अधिकारी कीर्ति चन्द्र आर्य ने बताया कि ऐसे होटल/रिसोर्ट संचालक अपना पंजीकरण/नवीनीकरण का आवेदन विभागीय वेबसाइट www.uttarakhand.turism.gov.in पर ऑनलाइन कर सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित अवधि में पंजीकरण/नवीनीकरण न कराने वाले संस्थानों के विरुद्ध पंजीकरण नियमावली के प्रावधानों के अनुसार वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।अधिक जानकारी के लिए संबंधित होटल/रिसोर्ट संचालक जिला पर्यटन विकास अधिकारी कार्यालय, नैनीताल से संपर्क कर सकते हैं।

खबर नंबर-2

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एनालॉग पनीर पर शिकंजा, भीमताल-भवाली में ताबड़तोड़ छापेमारी

भीमताल/भवाली। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तराखंड द्वारा एनालॉग पनीर पर प्रदेशव्यापी प्रतिबंध के दृष्टिगत चलाए जा रहे सघन अभियान के तहत बुधवार को भीमताल एवं भवाली क्षेत्र में खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण एवं नमूनाकरण अभियान चलाया गया।

अभियान के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं खाद्य सुरक्षा मानकों की जांच के उद्देश्य से आटे का एक तथा खुले पनीर का एक नमूना लिया गया। दोनों नमूनों को विधिवत संग्रहित कर जांच के लिए राजकीय खाद्य प्रयोगशाला, रुद्रपुर भेजा गया है।

खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद उसमें सामने आने वाले तथ्यों एवं परिणामों के आधार पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा संबंधित नियम एवं विनियमों के तहत नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। यह सघन निरीक्षण एवं नमूनाकरण अभियान खाद्य सुरक्षा अधिकारी अभय कुमार सिंह, नैनीताल द्वारा संचालित किया गया। अभियान का उद्देश्य बाजार में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के साथ उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं मानकों के अनुरूप खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है।

खबर नंबर-3

’केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने उत्तराखंड के ‘पूर्ण साक्षर राज्य’ बनने पर मुख्यमंत्री को दी बधाई’

केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने उत्तराखंड कोे ‘उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम’ के तहत ‘पूर्ण साक्षर राज्य’ घोषित किये जाने पर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी तथा प्रदेशवासियों शुभकामनाएं दी हैं। ज्ञातव्य है कि उत्तराखंड को यह उपलब्धि 08 जुलाई 2026 को प्राप्त हुई।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भेजे गये बधाई पत्र में केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि यह महत्वपूर्ण उपलब्धि मुख्यमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व, प्रशासनिक प्रतिबद्धता तथा प्रदेशवासियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद उत्तराखंड ने पूर्ण साक्षरता के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल कर देश के समक्ष एक प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि जहाँ समग्र शिक्षा बाल्यावस्था की प्रारंभिक शिक्षा से लेकर बालवाटिका, पूर्व-प्राथमिक शिक्षा और कक्षा 12 तक स्कूली शिक्षा को सुदृढ़ करते हुए सभी के लिए शिक्षा की पहुँच, समानता और गुणवत्ता सुनिश्चित करती है। वहीं उल्लास उन वयस्क शिक्षार्थियों को सशक्त बनाता है, जो औपचारिक शिक्षा से वंचित रह गए हैं। यह उन्हें आधारभूत साक्षरता, जीवन कौशल और डिजिटल दक्षता भी प्रदान करता है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तराखंड की यह उपलब्धि अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी तथा वे समावेशी और समानतापूर्ण साक्षरता के लक्ष्य को प्राप्त करने के अपने प्रयासों को और अधिक गति देंगे।

केन्द्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि सतत शिक्षा, जीवन कौशल और व्यावसायिक प्रशिक्षण के माध्यम से नव-साक्षरों के समग्र सशक्तीकरण तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने में उत्तराखंड की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तराखंड का ‘पूर्ण साक्षर राज्य’ बनना प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि राज्य सरकार, शिक्षा विभाग के अधिकारियों, शिक्षकों, स्वयंसेवकों और प्रदेशवासियों की सामूहिक प्रतिबद्धता एवं जनभागीदारी का परिणाम है। राज्य सरकार का लक्ष्य साक्षरता तक सीमित न रहकर प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, डिजिटल साक्षरता और आजीवन सीखने के अवसर उपलब्ध कराना है।

खबर नंबर-4

97 दिनों से रूस में फंसे थे पिथौरागढ़ निवासी आनंद कार्की और भूपेंद्र कार्की

Dehradun News: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के हस्तक्षेप और राज्य सरकार के निरंतर प्रयासों से रूस में करीब 97 दिनों से फंसे पिथौरागढ़ निवासी दो भाई आनंद सिंह कार्की एवं भूपेंद्र सिंह कार्की सुरक्षित अपने घर लौट आए हैं।

दोनों भाइयों की सकुशल वापसी के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनसे दूरभाष पर वार्ता कर उनकी कुशलक्षेम जानी। मुख्यमंत्री ने दोनों युवकों और उनके परिजनों से बातचीत करते हुए पूरे घटनाक्रम की जानकारी भी ली। लंबे समय बाद दोनों बेटों के सुरक्षित घर लौटने पर परिवार ने राहत व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री जी के संवेदनशील हस्तक्षेप एवं त्वरित प्रयासों के लिए आभार जताया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दोनों भाइयों को सितारगंज स्थित एक ट्रैवल एजेंसी के माध्यम से विदेश में बेहतर रोजगार दिलाने का भरोसा दिया गया था। परिवार का आरोप है कि रोजगार के नाम पर उनसे करीब ₹8 लाख लिए गए, जिसके बाद दोनों भाइयों को रूस भेज दिया गया।

दोनों भाई 5 मई 2026 को भारत से रवाना हुए और 6 मई को मॉस्को पहुंचे। परिजनों के अनुसार, रूस पहुंचने के बाद उन्हें उस कार्य में नहीं लगाया गया, जिसके लिए उन्हें विदेश भेजा गया था। इसके बजाय उनसे उनकी इच्छा के विपरीत अन्य कार्य कराए गए और उसका पारिश्रमिक भी नहीं दिया गया।

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परिवार के मुताबिक, दोनों युवकों को स्वतंत्र रूप से आने-जाने की अनुमति भी नहीं थी और कार्य करने से मना करने पर उन्हें धमकाया जाता था। लंबे समय तक नियमित संपर्क नहीं हो पाने के कारण परिजनों की चिंता लगातार बढ़ती गई। अंतिम संपर्क के दौरान युवकों ने जिस परिसर में उन्हें रखा गया था, उसके आसपास ड्रोन अथवा मिसाइल हमले की जानकारी भी परिवार को दी थी, जिसके बाद उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता और गहरा गई।

मामला संज्ञान में आते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को दोनों युवकों की सुरक्षित और शीघ्र वापसी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्य सरकार के अधिकारियों ने विदेश मंत्रालय एवं रूस स्थित भारतीय दूतावास के साथ लगातार संपर्क और समन्वय स्थापित कर दोनों भाइयों की सुरक्षित वापसी के प्रयास तेज किए। निरंतर प्रयासों के फलस्वरूप दोनों भाइयों की सुरक्षित भारत वापसी सुनिश्चित हुई और करीब 97 दिनों के लंबे इंतजार के बाद वे सकुशल अपने घर पहुंच सके।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड का कोई भी नागरिक दुनिया के किसी भी हिस्से में संकट में हो, राज्य सरकार उसकी सहायता के लिए हरसंभव प्रयास करेगी। प्रदेशवासियों की सुरक्षा, सम्मान और हितों की रक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में राज्य सरकार केंद्र सरकार, विदेश मंत्रालय एवं संबंधित भारतीय मिशनों के साथ समन्वय स्थापित कर हरसंभव सहायता सुनिश्चित करती है।

दोनों युवकों की सुरक्षित वापसी के प्रयासों में यूकेडी के वरिष्ठ नेता काशी सिंह ऐरी एवं समाजसेवी रामदेव वर्मा ने भी परिवार के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा तथा सरकार एवं संबंधित अधिकारियों के स्तर पर समन्वय में सहयोग किया। दोनों भाइयों की सकुशल घर वापसी पर परिजनों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी , विदेश मंत्रालय, भारतीय दूतावास, राज्य सरकार के अधिकारियों एवं इस प्रयास में सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।

खबर नंबर-5

उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय में जुलाई 2026 सत्र के ऑनलाइन प्रवेश की अंतिम तिथि 31 अगस्त तक विस्तारित

हल्द्वानी। उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय, हल्द्वानी ने अकादमिक सत्र जुलाई 2026 में ऑनलाइन प्रवेश लेने वाले शिक्षार्थियों के लिए प्रवेश की अंतिम तिथि बढ़ाकर 31 अगस्त 2026 कर दी है। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार अब इच्छुक अभ्यर्थी निर्धारित तिथि तक विश्वविद्यालय के विभिन्न स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा एवं प्रमाण-पत्र पाठ्यक्रमों में ऑनलाइन प्रवेश ले सकेंगे।
विश्वविद्यालय की ओर से समस्त अध्ययन केन्द्रों, क्षेत्रीय केन्द्रों एवं संबंधित विद्याशाखाओं से अपील की गई है कि वे इस प्रवेश तिथि विस्तार की जानकारी अधिक से अधिक शिक्षार्थियों तक पहुंचाएं तथा उन्हें समय पर प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने के लिए मार्गदर्शन प्रदान करें।
इसके साथ ही अध्ययन केन्द्रों एवं विद्याशाखाओं में अध्ययनरत ऐसे शिक्षार्थी, जिनका अगले सेमेस्टर अथवा अगले वर्ष में प्रवेश लिया जाना है, उन्हें भी समय रहते पुनः प्रवेश/अगले सेमेस्टर में प्रवेश की प्रक्रिया पूरी करने के लिए सूचित करने को कहा गया है।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी ने कहा कि उन्हें अध्ययन केन्द्रों से अपेक्षा है कि वे प्रवेश की अंतिम तिथि का व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए शिक्षार्थियों को ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया में आवश्यक सहयोग एवं मार्गदर्शन प्रदान करें, ताकि कोई भी पात्र शिक्षार्थी प्रवेश से वंचित न रह जाए। यह जानकारी विश्वविद्यालय के प्रवेश प्रभारी, डॉ. सुमित प्रसाद ने दी।

खबर नंबर-6

जीजा की मेहनत रंग लाई, साले ने रचा सफलता का इतिहास: IPS के बाद IAS की राह में अनुज पंत

नैनीताल। नैनीताल पुलिस परिवार के लिए गर्व का विषय है कि परिवहन शाखा में तैनात कांस्टेबल चंद्रशेखर गैतोड़ी ने अपने साले अनुज पंत को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में निरंतर मार्गदर्शन और प्रोत्साहन देकर सफलता की राह दिखाई। अनुज पंत ने वर्ष 2025 में IPS परीक्षा उत्तीर्ण कर सफलता हासिल की और वर्ष 2026 में IAS बनने की दिशा में भी महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की।

चंपावत जनपद के ग्राम झूलापे निवासी 23 वर्षीय अनुज पंत ने अपनी स्कूली शिक्षा गाजियाबाद से पूरी की। उनके पिता गणेश चंद्र पंत गाजियाबाद की एक निजी कंपनी में प्रबंधक हैं, जबकि माता निजी विद्यालय में शिक्षिका हैं। परिवार में अनुज सबसे छोटे हैं।

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान कांस्टेबल चंद्रशेखर गैतोड़ी ने अनुज को अपने साथ रखते हुए पढ़ाई, अनुशासन और परीक्षा की रणनीति को लेकर लगातार मार्गदर्शन दिया। जीजा के सहयोग और अनुज की कड़ी मेहनत ने आखिरकार सफलता की राह आसान कर दी।

अनुज की उपलब्धि पर नैनीताल पुलिस परिवार ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे पुलिस विभाग के लिए भी गौरव का क्षण बताया। इस अवसर पर अनुज पंत ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टीसी से मुलाकात की। एसएसपी एवं एसपी संचार रेवाधर मठपाल ने उनकी सफलता पर बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। नैनीताल पुलिस ने कहा कि अनुज पंत की उपलब्धि युवाओं के लिए प्रेरणा है और कांस्टेबल चंद्रशेखर गैतोड़ी का मार्गदर्शन व सहयोग भी सराहनीय है।

खबर नंबर-7

मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं एवं निर्माण कार्यों के लिए ₹ 7 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति।

Dehradun News: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा जनपद पिथौरागढ़ के विधानसभा क्षेत्र पिथौरागढ़ के अन्तर्गत एंचोली जाख मोटर मार्ग में मोती मार्ग प्रवेश द्वार के निर्माण किये जाने हेतु ₹ 8.93 लाख, जनपद चम्पावत के विधानसभा क्षेत्र चम्पावत में सेलागाड से कोटकेन्द्री तक सम्पर्क मार्ग का निर्माण किये जाने हेतु ₹ 40.53 लाख तथा जनपद टिहरी के विधानसभा क्षेत्र नई टिहरी में ग्राम पुलिया नामे पंचायत खडीखाल में सडक से भारी केमर गांव डाबरा पानी तोक तक आरसीसी खडिंजा रेलिंग मार्ग का निर्माण किये जाने हेतु ₹ 52.06 लाख की स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रथम किश्त में ₹ 31.23 लाख की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

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मुख्यमंत्री द्वारा जनपद पिथौरागढ़ के विधानसभा क्षेत्र पिथौरागढ़ में ध्वज जयंती माता मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु विकास कार्य यथा-आवास, पेयजल, शौचालय मार्ग आदि का निर्माण किये जाने हेतु ₹ 97.09 लाख की स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रथम किश्त में ₹ 58.25 लाख, जनपद उत्तरकाशी के विधानसभा क्षेत्र पुरोला के विकासखण्ड नौगांव में रंवाई घाटी के आराध्य देवी श्री रुद्रेश्वर महाराज मंदिर बिल्ला नौगाव का सौन्दर्यीकरण किये जाने हेतु ₹ 1.79 करोड़ की स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रथम किश्त में ₹ 1.07 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा जनपद अल्मोड़ा के विधानसभा क्षेत्र सल्ट में मल्ली मनिला मंदिर का सौन्दर्यीकरण किये जाने हेतु ₹ 98.80 लाख की स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रथम किश्त में ₹ 59.28 लाख, जनपद अल्मोड़ा के विधानसभा क्षेत्र जागेश्वर के विकासखण्ड धौलादेवी के न्याय पंचायत क्षेत्र ध्याडी के भेटाबडोली में भीमादेवी मंदिर का सौन्दर्यीकरण किये जाने हेतु ₹ 98.50 लाख की स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रथम किश्त में ₹ 59.1 लाख की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा जनपद उधमसिंहनगर के विधानसभा क्षेत्र गदरपुर के ग्राम रामबाग, ग्राम हरिपुरा एवं ग्राम पंचाननपुर में गोविन्द मंदिर/धर्मशाला, मसीत मंदिर/धर्मशाला एवं तालाब के पास मंदिर/धर्मशाला का निर्माण किये जाने हेतु ₹ 2.54 करोड़ की स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रथम किश्त में ₹ 1.02 करोड़, जनपद पिथौरागढ़ के विधानसभा क्षेत्र डीडीहाट के ग्राम पंचायत सिरड के नैनीपाताल से गाम पंचायत नाघर इंटर कालेज तक सीसी सम्पर्क मार्ग का निर्माण किये जाने हेतु ₹ 79.87 लाख की स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रथम किश्त में ₹ 47.92 लाख तथा विधानसभा क्षेत्र चम्पावत के अन्तर्गत ग्राम पंचायत मैरोली के आन्तरिक मार्गों के इंटरलॉकिंग टाईल्स द्वारा निर्माण एवं ग्राम पंचायत बडपास में आन्तरिक मार्गों के इंटरलॉकिंग टाईल्स द्वारा निर्माण किये जाने हेतु ₹ 3.89 करोड की स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रथम किश्त में ₹ 1.87 करोड की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है। मुख्यमंत्री ने किया स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय कल्याण सिंह अधिकारी के सम्मान में मूर्ति स्थापित किये जाने का अनुमोदन।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा जनपद चम्पावत के विधानसभा क्षेत्र लोहाघाट के विकासखण्ड बाराकोट के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय कल्याण सिंह अधिकारी के सम्मान में मूर्ति स्थापित किये जाने हेतु ₹ 32.49 लाख की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

खबर नंबर-8

अरुणाचल प्रदेश के अभिनेता ताई तुगुंग को प्रदान किया गया नरेंद्र सिंह नेगी संस्कृति सम्मान-2026

Dehradun News: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में लोकगायक श्री नरेंद्र सिंह नेगी के जन्मदिवस के अवसर पर आयोजित ‘नरेंद्र सिंह नेगी संस्कृति सम्मान समारोह’ में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नरेंद्र सिंह नेगी के गीतों के अंग्रेजी अनुवाद पर आधारित पुस्तक “Mountain Melodies of Narendra Singh Negi” का विमोचन किया तथा अरुणाचल प्रदेश के प्रख्यात अभिनेता, रंगकर्मी और नाटककार ताई तुगुंग को ‘नरेंद्र सिंह नेगी संस्कृति सम्मान-2026’ प्रदान किया।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में नरेंद्र सिंह नेगी को जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु की कामना की। उन्होंने कहा कि नेगी उत्तराखंड की लोक संस्कृति के ऐसे पुरोधा हैं, जिन्होंने अपने गीतों और संगीत के माध्यम से राज्य की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट प्रतिष्ठा दिलाई है। उन्होंने कहा कि नेगी जी के गीतों में उत्तराखंड के जनजीवन, प्रकृति, संघर्ष, संवेदनाओं और सामाजिक सरोकारों की सशक्त अभिव्यक्ति देखने को मिलती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नरेंद्र सिंह नेगी के नाम पर दिया जाने वाला यह प्रतिष्ठित सम्मान हिमालयी राज्यों में संस्कृति, साहित्य, कला और सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तित्वों को समर्पित है। उन्होंने श्री ताई तुगुंग को सम्मान प्राप्त होने पर बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने न्यीशी भाषा, अरुणाचली हिंदी, रंगकर्म, नाटकों और सिनेमा के माध्यम से अरुणाचल प्रदेश की लोक संस्कृति और परंपराओं को व्यापक पहचान दिलाई है। उनका चर्चित नाटक ‘लप्या’ और फिल्म ‘संगी माई’, जिसका प्रदर्शन कांस फिल्म फेस्टिवल में भी हुआ, उनकी रचनात्मक यात्रा के महत्वपूर्ण उदाहरण हैं।

मुख्यमंत्री ने पुस्तक “Mountain Melodies of Narendra Singh Negi” के विमोचन को उत्तराखंड की लोकभाषा और लोकसंस्कृति के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पुस्तक आने वाली पीढ़ियों को नरेंद्र सिंह नेगी के जीवन, व्यक्तित्व और दशकों लंबी संगीत यात्रा से परिचित कराएगी तथा राज्य की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक परिप्रेक्ष्य में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की लोक संस्कृति अत्यंत समृद्ध और विविधतापूर्ण है। जागर, बेड़ा, मांगल, खुदेड़, छोपाटी जैसे पारंपरिक गीत तथा ढोल, दमाऊ, हुड़का, मशक, तुर्री और भंकोरा जैसे लोक वाद्य हमारी सांस्कृतिक पहचान के आधार हैं। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि प्रदेश के अनेक युवा आधुनिक संगीत के साथ लोकगीतों को नए कलेवर में प्रस्तुत कर उन्हें नई पहचान देने का कार्य कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार लोकभाषाओं, लोककलाओं, साहित्य और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि लोक कलाकारों को सम्मान और अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सूचीबद्धकरण की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है तथा अब तक 275 सांस्कृतिक दलों और 226 एकल कलाकारों को सूचीबद्ध किया जा चुका है, जिससे उन्हें अपनी प्रतिभा के प्रदर्शन के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी प्राप्त हो रहे हैं।

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उन्होंने कहा कि ढोल-दमाऊ जैसे पारंपरिक वाद्ययंत्रों और उनसे जुड़े कलाकारों को प्रोत्साहित करने के लिए पात्र कलाकारों को प्रतिवर्ष निःशुल्क वाद्ययंत्र एवं वेशभूषा उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही लोककला और साहित्य को जीवन समर्पित करने वाले वृद्ध एवं आर्थिक रूप से कमजोर कलाकारों, साहित्यकारों और लेखकों की मासिक पेंशन 3 हजार रुपये से बढ़ाकर 6 हजार रुपये प्रतिमाह की गई है, जिसका लाभ वर्तमान में 180 कलाकार प्राप्त कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु-शिष्य परंपरा को जीवंत बनाए रखने के लिए लोक कलाकारों के माध्यम से छह माह की प्रशिक्षण कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है, ताकि नई पीढ़ी अपनी लोककलाओं और परंपराओं को सीखकर आगे बढ़ा सके। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में ‘दीर्घकालीन साहित्य सेवी सम्मान’ की शुरुआत की गई, जिसके अंतर्गत 5 लाख रुपये की सम्मान राशि प्रदान की जाती है। इसके अतिरिक्त ‘उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान’ के माध्यम से अब तक हिंदी सहित विभिन्न भाषाओं के 57 साहित्यकारों को सम्मानित किया जा चुका है तथा ‘साहित्य भूषण पुरस्कार’ की भी शुरुआत की गई है, जिसकी सम्मान राशि 5 लाख 51 हजार रुपये निर्धारित की गई है। वर्ष 2022 से अब तक 102 लेखकों की पुस्तकों के प्रकाशन के लिए आर्थिक अनुदान भी प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार लोकभाषाओं और बोलियों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए विभिन्न स्तरों पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड को केवल पर्यटन की दृष्टि से ही नहीं, बल्कि साहित्य और संस्कृति के राष्ट्रीय केंद्र के रूप में स्थापित करना है। इसी उद्देश्य से प्रदेश में दो ‘साहित्य ग्राम’ विकसित करने की योजना पर कार्य किया जा रहा है, जहाँ साहित्यकारों के लिए आवास, पुस्तकालय, अध्ययन केंद्र और संगोष्ठी जैसी सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। देहरादून में हिमालय सांस्कृतिक केंद्र, आर्ट गैलरी और संग्रहालय जैसी पहलें भी इसी सांस्कृतिक दृष्टि का हिस्सा हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और लोक परंपराओं के संरक्षण के लिए ‘विकल्प रहित संकल्प’ के मूलमंत्र के साथ निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि समाज, कलाकारों और साहित्यकारों के सहयोग से उत्तराखंड की सांस्कृतिक धरोहर और अधिक सशक्त, समृद्ध और प्रेरणादायी बनेगी।

खबर नंबर-9

राजकीय शिक्षक संघ के चुनाव परिणाम पर हाईकोर्ट की रोक, 23 सितंबर को अगली सुनवाई

नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने राजकीय शिक्षक संघ के चुनाव को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए 19 जुलाई 2026 को घोषित चुनाव परिणाम के आधार पर आगे की कार्रवाई पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ में हुई।

याचिकाकर्ता मुराद शाह ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा कि राजकीय शिक्षक संघ शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षकों का मान्यता प्राप्त संगठन है। संघ के उपनियमों के अनुसार 31 जुलाई तक सदस्य बनने वाला व्यक्ति चुनाव में भाग लेने के साथ मतदान भी कर सकता है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि इसके बावजूद संघ के चुनाव 17 और 18 जुलाई को ही करा दिए गए।

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से आपत्ति जताते हुए कहा गया कि राजकीय शिक्षक संघ सोसायटी रजिस्ट्रेशन एक्ट के तहत पंजीकृत है। वहीं याचिकाकर्ता की ओर से इस दावे का विरोध करते हुए कहा गया कि संघ उक्त अधिनियम के तहत पंजीकृत नहीं है।

मामले में हाईकोर्ट ने निजी प्रतिवादियों को 24 घंटे के भीतर नोटिस की तामील कराने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 23 सितंबर 2026 की तारीख तय की है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई तक 19 जुलाई 2026 को घोषित चुनाव परिणाम के आधार पर कोई आगे की कार्रवाई नहीं की जाएगी।

हालांकि अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि राजकीय शिक्षक संघ के सोसायटी रजिस्ट्रेशन एक्ट के तहत पंजीकृत न होने संबंधी याचिकाकर्ता के अधिवक्ता का कथन गलत पाया गया, तो याचिकाकर्ता पर एक लाख रुपये का हर्जाना लगाया जा सकता है।

खबर नंबर-10

नानक सागर जलाशय में मिला उर्दू अनुवादक का शव, मंगलवार से थे लापता

नानकमत्ता। नानक सागर जलाशय में बुधवार को एक व्यक्ति का शव उतराता मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान खटीमा ब्लॉक कार्यालय में तैनात उर्दू अनुवादक वसीम कुरैशी (50) पुत्र अब्दुल सलाम, निवासी आवास विकास कॉलोनी खटीमा के रूप में हुई है।

जानकारी के अनुसार बुधवार को नानक सागर जलाशय के तटबंध से गुजर रहे राहगीरों ने पानी में एक व्यक्ति का शव उतराता देखा। उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जल पुलिस की मदद से शव को जलाशय से बाहर निकाला।

मृतक के पास मिले दस्तावेजों के आधार पर उनकी पहचान वसीम कुरैशी के रूप में हुई। घटना की सूचना मिलते ही मृतक के परिजन भी मौके पर पहुंच गए। परिजनों ने पुलिस को बताया कि वसीम मंगलवार से घर से लापता थे और परिवार के लोग उनकी तलाश कर रहे थे, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल पाया।

परिजनों के अनुसार वसीम कुरैशी खटीमा ब्लॉक कार्यालय में उर्दू अनुवादक के पद पर तैनात थे। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। कोतवाल संजय पाठक ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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पहाड़ प्रभात डैस्क

समाजशास्त्र में मास्टर की डिग्री के साथ (MAJMC) पत्रकारिता और जनसंचार में मास्टर की डिग्री। पत्रकारिता में 15 वर्ष का अनुभव। अमर उजाला, वसुन्धरादीप सांध्य दैनिक में सेवाएं दीं। प्रिंट और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म में समान रूप से पकड़। राजनीतिक और सांस्कृतिक के साथ खोजी खबरों में खास दिलचस्‍पी। पाठकों से भावनात्मक जुड़ाव बनाना उनकी लेखनी की खासियत है। अपने लंबे करियर में उन्होंने ट्रेंडिंग कंटेंट को वायरल बनाने के साथ-साथ राजनीति और उत्तराखंड की संस्कृति पर लिखने में विशेषज्ञता हासिल की है। वह सिर्फ एक कंटेंट क्रिएटर ही नहीं, बल्कि एक ऐसे शख्स हैं जो हमेशा कुछ नया सीखने और ख़ुद को बेहतर बनाने के लिए तत्पर रहते हैं। देश के कई प्रसिद्ध मैगजीनों में कविताएं और कहानियां लिखने के साथ ही वह कुमांऊनी गीतकार भी हैं अभी तक उनके लिखे गीतों को कुमांऊ के कई लोकगायक अपनी आवाज दे चुके है। फुर्सत के समय में उन्हें संगीत सुनना, किताबें पढ़ना और फोटोग्राफी पसंद है। वर्तमान में पहाड़ प्रभात डॉट कॉम न्यूज पोर्टल और पहाड़ प्रभात समाचार पत्र के एडिटर इन चीफ है।