बड़ी खबर: नैनीताल से हल्द्वानी शिफ्ट नहीं होगा हाईकोर्ट, केंद्र ने दोनों प्रस्ताव किए खारिज

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बेलबाबा और गौलापार में जमीन के विकल्पों को मंजूरी नहीं, राज्य सरकार से गैर-वन भूमि तलाशने को कहा

हल्द्वानी/नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट को नैनीताल से हल्द्वानी में स्थायी रूप से स्थानांतरित करने की योजना को एक बार फिर झटका लगा है। हाईकोर्ट को हल्द्वानी के बेलबाबा या गौलापार क्षेत्र में शिफ्ट करने के लिए भेजे गए प्रस्तावों को केंद्र की क्षेत्रीय सशक्त समिति (Regional Empowered Committee—REC) ने खारिज कर दिया है। ऐसे में फिलहाल हाईकोर्ट को नैनीताल से हल्द्वानी स्थानांतरित करने का रास्ता साफ नहीं हो पाया है।

जानकारी के अनुसार, समिति ने वन (संरक्षण एवं संवर्धन) नियम, 2023 के पैरा 1.10(i) के तहत प्रस्तावों पर विचार किया। समिति ने पाया कि प्रस्ताव स्थल-विशिष्ट नहीं थे और उपयुक्त वैकल्पिक गैर-वन भूमि की पर्याप्त तलाश नहीं की गई थी। इसी आधार पर प्रस्तावों को मंजूरी नहीं दी गई।

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समिति ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि यदि हाईकोर्ट को स्थानांतरित करने की योजना पर आगे बढ़ना है, तो वन भूमि के बजाय किसी उपयुक्त गैर-वन भूमि की तलाश की जाए। इसके बाद ही नए प्रस्ताव पर आगे विचार संभव हो सकेगा।

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हाईकोर्ट को हल्द्वानी स्थानांतरित करने का मुद्दा लंबे समय से चर्चा में है। लेकिन बेलबाबा और गौलापार के विकल्पों को मंजूरी नहीं मिलने से फिलहाल स्थानांतरण की योजना आगे नहीं बढ़ सकी है। अब राज्य सरकार के सामने नए भूमि विकल्प तलाशने की चुनौती है।

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पहाड़ प्रभात डैस्क

समाजशास्त्र में मास्टर की डिग्री के साथ (MAJMC) पत्रकारिता और जनसंचार में मास्टर की डिग्री। पत्रकारिता में 15 वर्ष का अनुभव। अमर उजाला, वसुन्धरादीप सांध्य दैनिक में सेवाएं दीं। प्रिंट और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म में समान रूप से पकड़। राजनीतिक और सांस्कृतिक के साथ खोजी खबरों में खास दिलचस्‍पी। पाठकों से भावनात्मक जुड़ाव बनाना उनकी लेखनी की खासियत है। अपने लंबे करियर में उन्होंने ट्रेंडिंग कंटेंट को वायरल बनाने के साथ-साथ राजनीति और उत्तराखंड की संस्कृति पर लिखने में विशेषज्ञता हासिल की है। वह सिर्फ एक कंटेंट क्रिएटर ही नहीं, बल्कि एक ऐसे शख्स हैं जो हमेशा कुछ नया सीखने और ख़ुद को बेहतर बनाने के लिए तत्पर रहते हैं। देश के कई प्रसिद्ध मैगजीनों में कविताएं और कहानियां लिखने के साथ ही वह कुमांऊनी गीतकार भी हैं अभी तक उनके लिखे गीतों को कुमांऊ के कई लोकगायक अपनी आवाज दे चुके है। फुर्सत के समय में उन्हें संगीत सुनना, किताबें पढ़ना और फोटोग्राफी पसंद है। वर्तमान में पहाड़ प्रभात डॉट कॉम न्यूज पोर्टल और पहाड़ प्रभात समाचार पत्र के एडिटर इन चीफ है।