उत्तराखंड: आज था छुट्टी पर घर आने का वादा आज ही तिरंगे में लिपटकर आये शहीद जगेंद्र, बदहवास हुई मां और पत्नी…

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UTTARAKHAND NEWS: सियाचिन में शहीद हवलदार जगेंद्र सिंह चौहान का पार्थिव शरीर आज सुबह उनके घर पहुंच गया है। पार्थिव शरीर के घर पहुंचते ही घर पर कोहराम मच गया। बता दे कि ड्यूटी में गश्त के दौरान ग्लेशियर टूटने के कारण कान्हरवाला डोईवाला निवासी हवलदार जगेंद्र सिंह चौहान शहीद हो गये। गुरुवार को उनका पार्थिव शरीर को सेना के विमान से दिल्ली एयरपोर्ट लाया गया है, इसके बाद सडक़ मार्ग से जगेंद्र चौहान का पार्थिव शरीर को शाम करीब तीन बजे रुडक़ी एमएच पहुंचाया गया। रुडक़ी से बलिदानी जगेंद्र के पार्थिव शरीर को सुबह आठ बजे डोईवाला स्थित उनके आवास पर लाया गया।

बता दें कि हवलदार जगेंद्र सिंह चौहान आज 25 फरवरी को ही छुट्टी लेकर घर आने वाले थे। लेकिन इससे पूर्व ही ड्यूटी के दौरान हादसे में वह शहीद हो गये। उसके बाद मौसम खराबी के चलते बुधवार को उनका पार्थिव शरीर नहीं पहुंच सका। आज सुबह 25 फरवरी को ही उनका पार्थिव शरीर घर पहुंचा। हरिद्वार गंगा तट पर उनका अंतिम संस्कार सैन्य सम्मान के साथ किया जाएगा।

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पहाड़ प्रभात डैस्क

समाजशास्त्र में मास्टर की डिग्री के साथ (MAJMC) पत्रकारिता और जनसंचार में मास्टर की डिग्री। पत्रकारिता में 15 वर्ष का अनुभव। अमर उजाला, वसुन्धरादीप सांध्य दैनिक में सेवाएं दीं। प्रिंट और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म में समान रूप से पकड़। राजनीतिक और सांस्कृतिक के साथ खोजी खबरों में खास दिलचस्‍पी। पाठकों से भावनात्मक जुड़ाव बनाना उनकी लेखनी की खासियत है। अपने लंबे करियर में उन्होंने ट्रेंडिंग कंटेंट को वायरल बनाने के साथ-साथ राजनीति और उत्तराखंड की संस्कृति पर लिखने में विशेषज्ञता हासिल की है। वह सिर्फ एक कंटेंट क्रिएटर ही नहीं, बल्कि एक ऐसे शख्स हैं जो हमेशा कुछ नया सीखने और ख़ुद को बेहतर बनाने के लिए तत्पर रहते हैं। देश के कई प्रसिद्ध मैगजीनों में कविताएं और कहानियां लिखने के साथ ही वह कुमांऊनी गीतकार भी हैं अभी तक उनके लिखे गीतों को कुमांऊ के कई लोकगायक अपनी आवाज दे चुके है। फुर्सत के समय में उन्हें संगीत सुनना, किताबें पढ़ना और फोटोग्राफी पसंद है। वर्तमान में पहाड़ प्रभात डॉट कॉम न्यूज पोर्टल और पहाड़ प्रभात समाचार पत्र के एडिटर इन चीफ है।