उत्तराखंड: अगर फीस को लेकर किया ऐसा तो प्राइवेट स्कूलों की खैर नहीं, पढ़ लिजिए खबर…

खबर शेयर करें

UTTARAKHAND NEWS: उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए फीस जमा न होने पर बच्चों की टीसी रोकने वाले स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ गीता खन्ना ने कहा की फीस जमा नहीं होने पर बच्चों की टीसी नहीं रोकी जा सकती। उन्होंने सीईओ को निर्देश दिए कि यदि कोई स्कूल ऐसा करता है तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए।

यही नहीं आयोग की अध्यक्ष डॉ गीता खन्ना ने सभी सरकारी और गैर सरकारी स्कूल के मुख्य गेट पर साइन बोर्ड लगाने को कहा है। जिसमें शिक्षा के अधिकार अधिनियम लिखने और इसके साथ ही आयोग की ईमेल आईडी और सदस्यों के मोबाइल नंबर दर्ज करने को कहा है। आयोग के अध्यक्ष डॉ गीता खन्ना ने कहा कि आयोग के साथ मिलकर एक रोटी प्रोग्राम बनवाया जाना है। उन्होंने मसूरी क्षेत्र में टीसी रोकने वाले एक निजी स्कूल के खिलाफ कार्यवाही के निर्देश भी दिए हैं।

ADVERTISEMENTSAd Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad

पहाड़ प्रभात डैस्क

समाजशास्त्र में मास्टर की डिग्री के साथ (MAJMC) पत्रकारिता और जनसंचार में मास्टर की डिग्री। पत्रकारिता में 15 वर्ष का अनुभव। अमर उजाला, वसुन्धरादीप सांध्य दैनिक में सेवाएं दीं। प्रिंट और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म में समान रूप से पकड़। राजनीतिक और सांस्कृतिक के साथ खोजी खबरों में खास दिलचस्‍पी। पाठकों से भावनात्मक जुड़ाव बनाना उनकी लेखनी की खासियत है। अपने लंबे करियर में उन्होंने ट्रेंडिंग कंटेंट को वायरल बनाने के साथ-साथ राजनीति और उत्तराखंड की संस्कृति पर लिखने में विशेषज्ञता हासिल की है। वह सिर्फ एक कंटेंट क्रिएटर ही नहीं, बल्कि एक ऐसे शख्स हैं जो हमेशा कुछ नया सीखने और ख़ुद को बेहतर बनाने के लिए तत्पर रहते हैं। देश के कई प्रसिद्ध मैगजीनों में कविताएं और कहानियां लिखने के साथ ही वह कुमांऊनी गीतकार भी हैं अभी तक उनके लिखे गीतों को कुमांऊ के कई लोकगायक अपनी आवाज दे चुके है। फुर्सत के समय में उन्हें संगीत सुनना, किताबें पढ़ना और फोटोग्राफी पसंद है। वर्तमान में पहाड़ प्रभात डॉट कॉम न्यूज पोर्टल और पहाड़ प्रभात समाचार पत्र के एडिटर इन चीफ है।