उत्तराखंड:(बड़ी खबर)-निठारी कांड से जुड़े सुरेंद्र कोली की हरिद्वार में मौत, अल्मोड़ा का रहने वाला था कोली

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हरिद्वार। नोएडा के बहुचर्चित निठारी कांड से जुड़े रहे सुरेंद्र कोली की शुक्रवार को हरिद्वार में मौत हो गई। उसका शव उत्तरी हरिद्वार के भूपतवाला क्षेत्र में सप्त सरोवर रोड स्थित लालमाता मंदिर के सामने एक चाय की दुकान में फंदे से लटका मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार, मौके से फिलहाल कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम और जांच पूरी होने के बाद ही होगी। पुलिस ने परिजनों को घटना की सूचना दे दी है।

बताया जा रहा है कि सुरेंद्र कोली पिछले कुछ महीनों से हरिद्वार में रह रहा था और चाय की दुकान चला रहा था। वह मूल रूप से उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के भिकियासैंण क्षेत्र का रहने वाला था।

निठारी कांड से ऐसे जुड़ा था कोली का नाम

सुरेंद्र कोली का नाम वर्ष 2006 में सामने आए नोएडा के निठारी हत्याकांड के मामलों में सामने आया था। उसके खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हुए और वह लंबे समय तक जेल में रहा। निठारी मामले में उसके खिलाफ कुल 13 अभियोजन मामलों में कार्रवाई हुई थी।

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नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने उसके खिलाफ लंबित अंतिम मामले में भी दोषसिद्धि को रद्द करते हुए उसे बरी कर दिया था। इससे पहले वह निठारी से जुड़े 12 अन्य मामलों में बरी हो चुका था। शीर्ष अदालत ने उसे तत्काल रिहा करने का आदेश दिया था, बशर्ते किसी अन्य मामले में उसकी आवश्यकता न हो।

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सुप्रीम कोर्ट ने अंतिम मामले में कहा था कि उसी साक्ष्य के आधार पर एक मामले में दोषसिद्धि कायम रखना उचित नहीं था, जबकि संबंधित अन्य मामलों में उसी आधार को अदालतों द्वारा स्वीकार नहीं किया गया था।

करीब दो दशक तक चले निठारी कांड के कानूनी घटनाक्रम के बाद अब हरिद्वार में सुरेंद्र कोली की मौत से यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। फिलहाल पुलिस मौत की परिस्थितियों और कारणों की जांच कर रही है।

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पहाड़ प्रभात डैस्क

समाजशास्त्र में मास्टर की डिग्री के साथ (MAJMC) पत्रकारिता और जनसंचार में मास्टर की डिग्री। पत्रकारिता में 15 वर्ष का अनुभव। अमर उजाला, वसुन्धरादीप सांध्य दैनिक में सेवाएं दीं। प्रिंट और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म में समान रूप से पकड़। राजनीतिक और सांस्कृतिक के साथ खोजी खबरों में खास दिलचस्‍पी। पाठकों से भावनात्मक जुड़ाव बनाना उनकी लेखनी की खासियत है। अपने लंबे करियर में उन्होंने ट्रेंडिंग कंटेंट को वायरल बनाने के साथ-साथ राजनीति और उत्तराखंड की संस्कृति पर लिखने में विशेषज्ञता हासिल की है। वह सिर्फ एक कंटेंट क्रिएटर ही नहीं, बल्कि एक ऐसे शख्स हैं जो हमेशा कुछ नया सीखने और ख़ुद को बेहतर बनाने के लिए तत्पर रहते हैं। देश के कई प्रसिद्ध मैगजीनों में कविताएं और कहानियां लिखने के साथ ही वह कुमांऊनी गीतकार भी हैं अभी तक उनके लिखे गीतों को कुमांऊ के कई लोकगायक अपनी आवाज दे चुके है। फुर्सत के समय में उन्हें संगीत सुनना, किताबें पढ़ना और फोटोग्राफी पसंद है। वर्तमान में पहाड़ प्रभात डॉट कॉम न्यूज पोर्टल और पहाड़ प्रभात समाचार पत्र के एडिटर इन चीफ है।