हल्द्वानी : मुक्त विवि में कुलपति प्रो. लोहनी के एक वर्ष के सफल कार्यकाल की उपलब्धियों का हुआ प्रस्तुतीकरण

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हल्द्वानी: उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय के आन्तरिक गुणवत्ता एवं आश्वासन केन्द्र (CIQA) की चतुर्थ बैठक शनिवार को विश्वविद्यालय मुख्यालय में कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में विश्वविद्यालय की गुणवत्ता संवर्धन, शैक्षणिक उत्कृष्टता, प्रशासनिक दक्षता, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) एवं NAAC मानकों के अनुरूप संस्थागत विकास से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा करते हुए अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

अनुसंधान एवं CIQA निदेशक प्रो. गिरिजा पाण्डे ने उद्घाटन वक्तव्य में विश्वविद्यालय की स्थापना से अब तक की सुदीर्घ यात्रा का स्मरण करते हुए इस अवधि में हुई उल्लेखनीय प्रगति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहानी को विश्वविद्यालय में एक वर्ष के सफल कार्यकाल पूर्ण करने पर हार्दिक बधाई दी और आगामी NAAC मूल्यांकन में समस्त शिक्षकों, कर्मचारियों एवं हितधारकों से पूर्ण सहयोग एवं समर्थन की अपेक्षा व्यक्त की।

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CIQA के अपर निदेशक प्रो. गगन सिंह ने विगत मूल्यांकन के पश्चात् उत्पन्न हुई कमियों और उनके समाधान की दिशा में उठाए गए कदमों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने विगत एक वर्ष की प्रमुख उपलब्धियों, शिक्षक विकास एवं गुणवत्ता संवर्धन से सम्बन्धित सफलतापूर्वक आयोजित कार्यक्रमों तथा लागू की गई नीतियों एवं प्रक्रियाओं का व्यापक ब्यौरा प्रस्तुत किया। उन्होंने समस्त हितधारकों से आह्वान किया कि वे एकजुट होकर विश्वविद्यालय की बेहतरी में पूर्ण मनोयोग से योगदान दें और आगामी मूल्यांकन से पूर्व निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करें।

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बैठक के दौरान कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी के एक वर्ष के सफल कार्यकाल (24 जुलाई 2025 से 24 जुलाई 2026) की उपलब्धियों पर आधारित एक विशेष वृत्तचित्र का प्रदर्शन किया गया। इसके साथ ही विश्वविद्यालय की ‘प्रगति, परिवर्तन और नई ऊँचाइयाँ’ शीर्षक से तैयार प्रगति आख्या का लोकार्पण एवं प्रस्तुतीकरण किया गया। कार्यक्रम में गत एक वर्ष के दौरान विश्वविद्यालय की उपलब्धियों को राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय प्रिंट मीडिया में प्राप्त व्यापक स्थान को अभिलेखों के माध्यम से भी प्रस्तुत किया गया, जिसे उपस्थित सदस्यों एवं विशेषज्ञों ने सराहा।

इस अवसर पर आयोजित विशेष सत्र में उच्च शिक्षा, गुणवत्ता आश्वासन, संस्थागत विकास, NAAC, डिजिटल शिक्षा तथा भविष्य की चुनौतियों एवं संभावनाओं पर विशेषज्ञों ने अपने व्याख्यान दिए। वक्ताओं ने उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय द्वारा बीते एक वर्ष में किए गए नवाचारों, गुणवत्ता सुधार की पहलों और संस्थागत विकास की दिशा में उठाए गए कदमों की सराहना करते हुए भविष्य के लिए महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए।

इग्नू, नई दिल्ली के CIQA निदेशक प्रो. विजय कुमार ने कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहानी को मात्र एक वर्ष में इतनी उल्लेखनीय उपलब्धियाँ अर्जित करने पर बधाई देते हुए कहा कि गुणवत्ता आश्वासन किसी एक व्यक्ति या विभाग की नहीं, अपितु सम्पूर्ण संस्था की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि गुणवत्ता आश्वासन से मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा संस्थाओं में विद्यार्थी नामांकन एवं शैक्षणिक प्रदर्शन में भी सुधार होता है। उन्होंने कहा कि संस्थाओं का ध्यान शिक्षार्थी-केन्द्रित दृष्टिकोण, निरन्तर सुधार और पारदर्शिता पर केन्द्रित होना चाहिए। उन्होंने इग्नू के CIQA की कार्यप्रणाली साझा करते हुए बताया कि वह एक बॉटम-अप दृष्टिकोण के अन्तर्गत अल्पकालिक लक्ष्यों पर काम करती है, जिसमें शैक्षणिक कार्यक्रम, अनुसंधान एवं नवाचार, प्रौद्योगिकी-सक्षम शिक्षण, आउटरीच कार्यक्रम, गुणवत्ता आश्वासन एवं संवर्धन का समावेश है। उन्होंने इकोटूरिज्म एवं स्वदेशी ज्ञान पर आधारित पाठ्यक्रमों तथा MOOCs जैसे नवीन कार्यक्रमों के शुभारम्भ का सुझाव भी दिया।

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चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ के पूर्व प्रति-कुलपति, प्रो. मृदुल कुमार गुप्ता ने उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय की हालिया उपलब्धियों और 12 MOOC कार्यक्रमों के शुभारम्भ पर विश्वविद्यालय को बधाई दी। उन्होंने विश्वविद्यालय की रैंकिंग सुधार के लिए कुछ दीर्घकालिक श्रेष्ठ प्रथाएँ साझा कीं — प्रौद्योगिकी-सक्षम शिक्षण सुविधाओं के साथ शैक्षणिक प्रगति, अनुसंधान एवं उत्कृष्ट शोध प्रकाशनों पर बल, अभिलेख प्रबन्धन में सुधार (शोध डेटा, पी-एच.डी. डेटा, प्रकाशन डेटा) और विश्वविद्यालय की उपलब्धियों का व्यापक प्रचार-प्रसार, पूर्व छात्र सम्मेलनों का नियमित आयोजन, पुस्तकालय सहित अवसंरचना में सुधार तथा सभी हितधारकों को सम्मिलित करते हुए लोकतान्त्रिक एवं सहभागी शासन व्यवस्था।

बैठक में वर्ष 2025-26 की वार्षिक कार्ययोजना की समीक्षा, वर्ष 2026-27 की प्रस्तावित कार्ययोजना, AQAR एवं NAAC से संबंधित नवीन दिशा-निर्देशों, विभिन्न अनुभागों की समीक्षा रिपोर्ट, गुणवत्ता संवर्धन गतिविधियों, आईटी अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण, परीक्षा एवं मूल्यांकन प्रणाली के आधुनिकीकरण, शोध गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा विश्वविद्यालय की विभिन्न नीतियों के पुनरावलोकन सहित अनेक विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

अपने संबोधन में कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी ने कहा कि उनके कार्यकाल का पहला वर्ष किसी एक व्यक्ति की उपलब्धि नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय परिवार के प्रत्येक अधिकारी, शिक्षक, कर्मचारी, अध्ययन केन्द्रों, विद्यार्थियों तथा सभी हितधारकों के सामूहिक प्रयास, समर्पण और सहयोग का परिणाम है। उन्होंने विश्वविद्यालय परिवार के सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इसी टीम भावना के बल पर विश्वविद्यालय ने गुणवत्ता, नवाचार, शोध, डिजिटल शिक्षा, प्रशासनिक सुधार तथा सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ प्राप्त की हैं।

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कुलपति ने अपने आगामी एक वर्ष की कार्ययोजना भी साझा करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट मुक्त विश्वविद्यालय के रूप में स्थापित करने के लिए गुणवत्ता आश्वासन, डिजिटल परिवर्तन, शोध एवं नवाचार, कौशल विकास, अंतरराष्ट्रीय सहयोग, छात्र सहायता सेवाओं के विस्तार तथा नई शैक्षणिक पहल पर विशेष बल दिया जाएगा। उन्होंने सभी कार्मिकों से इसी समर्पण और सहभागिता के साथ आगे भी विश्वविद्यालय के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।

प्रो. गगन सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का कुशल संचालन डॉ. शशांक शुक्ल द्वारा किया गया। इस अवसर पर प्रो. सोमेश कुमार, प्रो. मंजरी अग्रवाल, प्रो. दिगर सिंह फर्स्वाण, प्रो. जीतेन्द्र पाण्डे, डॉ. आशुतोष भट्ट, सहित विश्वविद्यालय के अनेक प्राध्यापक, शिक्षण संकाय एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। बैठक का समापन विश्वविद्यालय को गुणवत्ता, पारदर्शिता, नवाचार और उत्कृष्टता की दिशा में नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।

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पहाड़ प्रभात डैस्क

समाजशास्त्र में मास्टर की डिग्री के साथ (MAJMC) पत्रकारिता और जनसंचार में मास्टर की डिग्री। पत्रकारिता में 15 वर्ष का अनुभव। अमर उजाला, वसुन्धरादीप सांध्य दैनिक में सेवाएं दीं। प्रिंट और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म में समान रूप से पकड़। राजनीतिक और सांस्कृतिक के साथ खोजी खबरों में खास दिलचस्‍पी। पाठकों से भावनात्मक जुड़ाव बनाना उनकी लेखनी की खासियत है। अपने लंबे करियर में उन्होंने ट्रेंडिंग कंटेंट को वायरल बनाने के साथ-साथ राजनीति और उत्तराखंड की संस्कृति पर लिखने में विशेषज्ञता हासिल की है। वह सिर्फ एक कंटेंट क्रिएटर ही नहीं, बल्कि एक ऐसे शख्स हैं जो हमेशा कुछ नया सीखने और ख़ुद को बेहतर बनाने के लिए तत्पर रहते हैं। देश के कई प्रसिद्ध मैगजीनों में कविताएं और कहानियां लिखने के साथ ही वह कुमांऊनी गीतकार भी हैं अभी तक उनके लिखे गीतों को कुमांऊ के कई लोकगायक अपनी आवाज दे चुके है। फुर्सत के समय में उन्हें संगीत सुनना, किताबें पढ़ना और फोटोग्राफी पसंद है। वर्तमान में पहाड़ प्रभात डॉट कॉम न्यूज पोर्टल और पहाड़ प्रभात समाचार पत्र के एडिटर इन चीफ है।