अल्मोड़ा :(बड़ी खबर)-अल्मोड़ा-क्वारब हाईवे पर भारी व यात्री वाहनों का डायवर्जन, पढ़ लीजिए खबर

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अल्मोड़ा। मानसूनी परिस्थितियों और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए अल्मोड़ा–क्वारब राष्ट्रीय राजमार्ग-109 के कि.मी.-56 तथा क्वारब बाईपास मोटर मार्ग पर भारी, व्यावसायिक एवं यात्री वाहनों के आवागमन पर अस्थायी रोक लगा दी गई है। जिलाधिकारी/अध्यक्ष, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, अल्मोड़ा के आदेश के अनुपालन में यह यातायात डायवर्जन प्लान 8 सितंबर से 9 सितंबर 2026 तक लागू रहेगा।

प्रशासन के अनुसार संबंधित मार्ग पर भूस्खलन, पत्थर एवं बोल्डर गिरने तथा मार्ग अवरुद्ध होने की आशंका को देखते हुए सुरक्षा के दृष्टिगत भारी एवं यात्री वाहनों को प्रतिबंधित मार्ग पर प्रवेश नहीं दिया जाएगा। हल्के वाहनों, आपातकालीन वाहनों और आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों का संचालन मार्ग की वास्तविक स्थिति एवं सुरक्षा व्यवस्था के अधीन रहेगा।

इन वैकल्पिक मार्गों से गुजरेंगे वाहन

अल्मोड़ा की ओर से मैदानी क्षेत्रों की तरफ जाने वाले भारी वाहनों एवं यात्री वाहनों के लिए दो वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं। इनमें अल्मोड़ा–विश्वनाथ–शेरघाट/शहरफाटक मोटर मार्ग (राज्य मार्ग-13) तथा खैरना–रानीखेत मोटर मार्ग (राज्य मार्ग-14) शामिल हैं।

वहीं, मैदानी जनपदों से पर्वतीय क्षेत्रों की ओर जाने वाले वाहनों को भीमताल–खुटानी–धानाचूली–शहरफाटक तथा भवाली–कैंची–खैरना–भुजान–रानीखेत मोटर मार्ग से भेजा जाएगा।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भारी वाहनों एवं यात्री वाहनों को निर्धारित डायवर्जन प्वाइंट से ही वैकल्पिक मार्गों पर भेजा जाएगा और प्रतिबंधित मार्ग पर किसी भी स्थिति में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।

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आपातकालीन वाहनों के लिए रहेगा कॉरिडोर

एम्बुलेंस, अग्निशमन वाहन, पुलिस वाहन, आपदा राहत एवं बचाव दल तथा आवश्यक खाद्य सामग्री, दवा एवं अन्य अत्यावश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों के लिए आपातकालीन कॉरिडोर उपलब्ध रखा जाएगा। आपदा की स्थिति में संबंधित विभाग आपसी समन्वय से इन वाहनों को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराएंगे।

यातायात व्यवस्था को लेकर पुलिस एवं यातायात कर्मियों द्वारा वाहन चालकों का मार्गदर्शन किया जा रहा है। साथ ही स्थानीय स्तर पर उद्घोषणा और विभिन्न माध्यमों से लोगों को डायवर्जन की जानकारी दी जा रही है।

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निरीक्षण के बाद होगा मार्ग खोलने का निर्णय

9 सितंबर 2026 के बाद संबंधित विभागों द्वारा मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा। मार्ग को यातायात के लिए पूरी तरह सुरक्षित पाए जाने के बाद सक्षम स्तर से निर्देश मिलने पर भारी वाहनों का आवागमन दोबारा शुरू कराया जाएगा। अनुमति मिलने तक प्रतिबंधित मार्ग पर भारी एवं यात्री वाहनों का संचालन जारी नहीं होगा।

प्रशासन ने वाहन स्वामियों और चालकों से अपील की है कि वे यातायात डायवर्जन प्लान का पालन करें और निर्धारित वैकल्पिक मार्गों के अनुसार ही अपनी यात्रा की योजना बनाएं।

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पहाड़ प्रभात डैस्क

समाजशास्त्र में मास्टर की डिग्री के साथ (MAJMC) पत्रकारिता और जनसंचार में मास्टर की डिग्री। पत्रकारिता में 15 वर्ष का अनुभव। अमर उजाला, वसुन्धरादीप सांध्य दैनिक में सेवाएं दीं। प्रिंट और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म में समान रूप से पकड़। राजनीतिक और सांस्कृतिक के साथ खोजी खबरों में खास दिलचस्‍पी। पाठकों से भावनात्मक जुड़ाव बनाना उनकी लेखनी की खासियत है। अपने लंबे करियर में उन्होंने ट्रेंडिंग कंटेंट को वायरल बनाने के साथ-साथ राजनीति और उत्तराखंड की संस्कृति पर लिखने में विशेषज्ञता हासिल की है। वह सिर्फ एक कंटेंट क्रिएटर ही नहीं, बल्कि एक ऐसे शख्स हैं जो हमेशा कुछ नया सीखने और ख़ुद को बेहतर बनाने के लिए तत्पर रहते हैं। देश के कई प्रसिद्ध मैगजीनों में कविताएं और कहानियां लिखने के साथ ही वह कुमांऊनी गीतकार भी हैं अभी तक उनके लिखे गीतों को कुमांऊ के कई लोकगायक अपनी आवाज दे चुके है। फुर्सत के समय में उन्हें संगीत सुनना, किताबें पढ़ना और फोटोग्राफी पसंद है। वर्तमान में पहाड़ प्रभात डॉट कॉम न्यूज पोर्टल और पहाड़ प्रभात समाचार पत्र के एडिटर इन चीफ है।