लालकुआं: बेटी के नाम से शुरू किया काम, बिंदुखत्ता में चखिए प्राची पहाड़ी अचार का असली स्वाद

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आम से लेकर लाल मिर्च और नींबू के अचार तक मिलेंगे पहाड़ी जायके

लालकुआं/बिंदुखत्ता। पहाड़ का नाम सुनते ही मन में हरे-भरे जंगल, सीढ़ीनुमा खेत, गांवों की सादगी और घर में तैयार होने वाले पारंपरिक पकवानों की याद ताजा हो जाती है। खासकर पहाड़ी अचार का चटपटा स्वाद ऐसा है, जो पहाड़ से दूर रहने वाले लोगों को भी अपने गांव और घर की याद दिला देता है। इसी पारंपरिक स्वाद और संस्कृति को लोगों तक पहुंचाने की पहल बिंदुखत्ता में शुरू हुई है। यहां दिव्या खोलिया ने ‘प्राची पहाड़ी अचार’ नाम से दुकान का शुभारंभ किया है।

दुकान की संचालिका दिव्या खोलिया का कहना है कि पहाड़ की संस्कृति और पारंपरिक स्वाद को बरकरार रखने की इच्छा से उन्होंने यह पहल की है। उन्होंने अपनी बेटी के नाम पर दुकान का नाम ‘प्राची पहाड़ी अचार’ रखा है। उनका प्रयास है कि लोगों को पहाड़ के पारंपरिक जायके का स्वाद मिले और घरों में पीढ़ियों से चली आ रही खानपान की परंपरा को भी आगे बढ़ाया जा सके।

अचार के साथ पहाड़ी उत्पादों का स्वाद

‘प्राची पहाड़ी अचार’ में ग्राहकों को आम का अचार, लाल मिर्च का अचार, नींबू का अचार और मिक्स अचार सहित कई तरह के चटपटे स्वाद मिलेंगे। इसके अलावा यहां पहाड़ी पिसी नूण (नमक), धूप और शहद जैसे पारंपरिक पहाड़ी उत्पाद भी उपलब्ध होंगे। पहाड़ में भोजन के साथ परोसा जाने वाला चटपटा नमक अपने खास स्वाद और स्थानीय पहचान के लिए जाना जाता है। वहीं पहाड़ी शहद और अन्य स्थानीय उत्पाद भी लोगों के बीच खास पसंद रखते हैं।

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पहाड़ के खानपान की खासियत केवल उसका स्वाद नहीं, बल्कि उससे जुड़ी परंपराएं और स्थानीय जीवनशैली भी हैं। घरों में तैयार होने वाले अचार में इस्तेमाल होने वाले मसाले, पारंपरिक विधियां और स्वाद की विविधता इसे दूसरी जगहों से अलग पहचान देते हैं। ऐसे में स्थानीय स्तर पर पहाड़ी उत्पादों को बढ़ावा देने की पहल लोगों को अपनी जड़ों से जोड़ने के साथ छोटे कारोबार को भी प्रोत्साहित कर सकती है।

स्थानीय लोगों को मिलेगा पहाड़ी जायका

बिंदुखत्ता और आसपास के क्षेत्र के लोग अब पहाड़ी अचार और पारंपरिक उत्पादों का स्वाद स्थानीय स्तर पर ले सकेंगे। दिव्या खोलिया की यह पहल उन लोगों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन सकती है, जो पहाड़ के पारंपरिक स्वाद को पसंद करते हैं और अपने घरों में उसी जायके को बनाए रखना चाहते हैं।

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‘प्राची पहाड़ी अचार’ की दुकान घोड़ानाला, बिंदुखत्ता, लालकुआं में ग्राउंड से लगभग दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। पहाड़ के स्वाद को सहेजने और उसे अधिक लोगों तक पहुंचाने की यह पहल स्थानीय उत्पादों को नई पहचान देने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। अब बिंदुखत्ता में भी लोग पहाड़ी अचार के चटपटे स्वाद के साथ अपने पहाड़ की खुशबू महसूस कर सकेंगे। इसके अलावा आप ऑर्डर पर भी मंगा सकते है।

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पहाड़ प्रभात डैस्क

समाजशास्त्र में मास्टर की डिग्री के साथ (MAJMC) पत्रकारिता और जनसंचार में मास्टर की डिग्री। पत्रकारिता में 15 वर्ष का अनुभव। अमर उजाला, वसुन्धरादीप सांध्य दैनिक में सेवाएं दीं। प्रिंट और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म में समान रूप से पकड़। राजनीतिक और सांस्कृतिक के साथ खोजी खबरों में खास दिलचस्‍पी। पाठकों से भावनात्मक जुड़ाव बनाना उनकी लेखनी की खासियत है। अपने लंबे करियर में उन्होंने ट्रेंडिंग कंटेंट को वायरल बनाने के साथ-साथ राजनीति और उत्तराखंड की संस्कृति पर लिखने में विशेषज्ञता हासिल की है। वह सिर्फ एक कंटेंट क्रिएटर ही नहीं, बल्कि एक ऐसे शख्स हैं जो हमेशा कुछ नया सीखने और ख़ुद को बेहतर बनाने के लिए तत्पर रहते हैं। देश के कई प्रसिद्ध मैगजीनों में कविताएं और कहानियां लिखने के साथ ही वह कुमांऊनी गीतकार भी हैं अभी तक उनके लिखे गीतों को कुमांऊ के कई लोकगायक अपनी आवाज दे चुके है। फुर्सत के समय में उन्हें संगीत सुनना, किताबें पढ़ना और फोटोग्राफी पसंद है। वर्तमान में पहाड़ प्रभात डॉट कॉम न्यूज पोर्टल और पहाड़ प्रभात समाचार पत्र के एडिटर इन चीफ है।