हल्द्वानी: चुनावी हार की हताशा में लोकतांत्रिक मर्यादा भूल गए राहुल गांधी: कल्पना

राहुल गांधी का बयान भाजपा महिला मोर्चा प्रदेश प्रवक्ता कल्पना बोरा का पलटवार
हल्द्वानी। भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की प्रदेश प्रवक्ता कल्पना बोरा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई अमर्यादित टिप्पणी पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने राहुल गांधी के बयान को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय करार देते हुए कहा कि इस तरह की अमर्यादित भाषा उनकी अराजकतावादी और विभाजनकारी मानसिकता को पूरी तरह उजागर करती है।
प्रेस को जारी एक तीखे बयान में कल्पना बोरा ने कहा कि भारतीय राजनीति में हमेशा से शुचिता, शालीनता और परस्पर सम्मान की एक समृद्ध परंपरा रही है। लोकतांत्रिक ढांचे में ऐसे उच्च और गरिमामय पदों पर बैठे व्यक्तियों के लिए इस प्रकार की असभ्य शब्दावली का प्रयोग पूरी तरह से अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि लगातार मिल रही चुनावी शिकस्त के कारण विपक्ष के भीतर एक गहरी हताशा और निराशा घर कर चुकी है, जो अब उनके बयानों के माध्यम से बौखलाहट के रूप में साफ दिखाई दे रही है।
भाजपा प्रवक्ता कल्पना बोरा ने दोनों दलों के कामकाज और विचारधारा की तुलना करते हुए कहा कि कांग्रेस का पर्याय हमेशा से सिर्फ भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद रहा है। इसके विपरीत, भारतीय जनता पार्टी का एकमात्र पर्याय राष्ट्रवाद, सुशासन और निस्वार्थ जनसेवा की राजनीति है। देश की जागरूक जनता कांग्रेस की इस नकारात्मक और विकास विरोधी राजनीति को भली-भांति समझ चुकी है और समय आने पर इसका करारा जवाब देगी।
कांग्रेस के इतिहास पर सीधा प्रहार करते हुए प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि राहुल गांधी के पूर्वजों ने जहां एक दौर में देश की जमीन और जमीर को गिरवी रखने का कार्य किया था, वहीं आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सशक्त और साहसिक नेतृत्व में देश की सीमाएं व जमीन पूरी तरह सुरक्षित हुई हैं। पीएम मोदी सरकार की नीतियों के कारण ही आज वैश्विक मंच पर हर भारतवासी का आत्मविश्वास और मान-सम्मान मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा ही महिलाओं का अपमान किया। पहले महिला आरक्षण बिल का विरोध किया। उससे उनकी मानसिकता उजागर हो गई।
कल्पना बोरा ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि वर्तमान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संपूर्ण विश्व में भारत का डंका बज रहा है। दुनिया के अनेक शक्तिशाली राष्ट्र प्रधानमंत्री जी को अपने सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मानों से सम्मानित कर रहे हैं। ऐसे गौरवमयी समय में, एक राष्ट्रीय स्तर के विपक्षी नेता द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के लिए इस प्रकार के अपशब्दों का प्रयोग करना न केवल प्रधानमंत्री पद का, बल्कि पूरे देश का अपमान है।

























