हल्द्वानी: रोहित के अंतिम शब्द – नहाने का मजा तभी है जब तक बॉडी फूूलकर बाहर न आये, चार दिन बाद यहां मिली लाश

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Pahad Prahat News Haldwani:आखिरकार कोसी नदी में नहाने गये लापता हुए रोहित का शव 68 घंटे बाद चमडिय़ा क्षेत्र के पास पत्थरों में फंसा मिला। मंगलवार एसडीआरएफ की दो टीमें सुबह चार बजे से सर्च अभियान चला रही थीं। शव को टीम ने बमुश्किल नदी से बाहर निकाला। जिसके बाद पुलिस टीम ने पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए शव को नैनीताल भेज दिया है। रोहित के भाइयों ने बताया कि वह बार-बार 10 मिनट में नहाकर लौटने की बात कहता रहा, पर बीच में बोला कि नहाने का मजा तब ही है जब बॉडी फूल कर ऊपर न आ जाए। रोहित के बोले शब्द सबको सन्न कर गए।

बता दें कि हल्दुचौड़ निवासी रोहित कुमार पुत्र प्रकाश चंद अपने भाई और साथियों के साथ बीते शनिवार को नावली क्षेत्र में कोसी नदी में नहाने उतरा था। नहाते समय वह भंवर में फंस गया थोड़ी देर में ओझल हो गया। सूचना के बाद एसडीआरएफ की दो टीमों के साथ ही एनडीआरएफ ने भी सर्च अभियान चलाया। लेकिन रोहित नहीं मिला।

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मंगलवार सुबह एसडीआरएफ की दो टीमें एक बार फिर कोसी नदी में रोहित को खोजने निकली कि तभी चमडिय़ा के पास शव दिखाई दिया। एसडीआरएफ की टीम ने शव को कोसी नदी से बाहर निकालने का प्रयास किया। तेज बहाव ने एसडीआरएफ के जवानों की कई बार परीक्षा ली। बड़ी मुश्किल शव को नदी के बीच से बाहर निकाल हाईवे तक पहुंचाया गया। सूचना पर परिजनों ने शव की रोहित के रूप में शिनाख्त की। चौकी पुलिस ने शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए नैनीताल भेजने की तैयारी शुरू कर दी है।

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पहाड़ प्रभात डैस्क

समाजशास्त्र में मास्टर की डिग्री के साथ (MAJMC) पत्रकारिता और जनसंचार में मास्टर की डिग्री। पत्रकारिता में 15 वर्ष का अनुभव। अमर उजाला, वसुन्धरादीप सांध्य दैनिक में सेवाएं दीं। प्रिंट और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म में समान रूप से पकड़। राजनीतिक और सांस्कृतिक के साथ खोजी खबरों में खास दिलचस्‍पी। पाठकों से भावनात्मक जुड़ाव बनाना उनकी लेखनी की खासियत है। अपने लंबे करियर में उन्होंने ट्रेंडिंग कंटेंट को वायरल बनाने के साथ-साथ राजनीति और उत्तराखंड की संस्कृति पर लिखने में विशेषज्ञता हासिल की है। वह सिर्फ एक कंटेंट क्रिएटर ही नहीं, बल्कि एक ऐसे शख्स हैं जो हमेशा कुछ नया सीखने और ख़ुद को बेहतर बनाने के लिए तत्पर रहते हैं। देश के कई प्रसिद्ध मैगजीनों में कविताएं और कहानियां लिखने के साथ ही वह कुमांऊनी गीतकार भी हैं अभी तक उनके लिखे गीतों को कुमांऊ के कई लोकगायक अपनी आवाज दे चुके है। फुर्सत के समय में उन्हें संगीत सुनना, किताबें पढ़ना और फोटोग्राफी पसंद है। वर्तमान में पहाड़ प्रभात डॉट कॉम न्यूज पोर्टल और पहाड़ प्रभात समाचार पत्र के एडिटर इन चीफ है।