हल्द्वानी: पहले इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड का खिताब जीता, अब युवाओं लिए प्रेरणास्रोत बने पहाड़ के करन

India Book Of Records Karan Kumar Tattoo uttarakhand
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Haldwani Exclusive News: (Jeevan Raj)-प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के नारे को लेकर देश के सैकड़ों युवा आगे बढ़ रहे है। ऐसे में उत्तराखंड के कई युवाओं ने स्वरोजगार को पंख लगाकर नई इबारत लिखी है। उन्हीं में से एक युवा करन कुमार भी है, जिन्होंने अपने मेहनत के दम पर देशभर में बड़ा नाम कमाया है। टैटू बनाने के हुनर ने करन को बुलंदियों पर पहुंचा दिया है। आज करन कुमार उत्तराखंड के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बने है।

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बने यंगेस्ट टैटू आर्टिस्‍ट ऑफ इंडिया

मूलरूप से नैनीताल जिले के भवाली निवासी करन कुमार ने मात्र 20 साल की उम्र में इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड मेेंं यंगेस्ट टैटू आर्टिस्‍ट ऑफ इंडिया का अवार्ड जीतकर अपना लोहा मनवाया। इसके बाद उन्होंने खुद का काम शुरू कर टैटू बनाने शुरू किये। पहाड़ प्रभात से खास बातचीत में करन कुमार ने बताया कि बचपन में उन्हें ड्राइंग का बड़ा शौक था, इसी शौक ने आगे जाकर उन्हें टैटू आर्टिस्‍ट बनाया। अपनी कला की बदौलत उन्होंने यंगेस्ट टैटू आर्टिस्‍ट ऑफ इंडिया के खिताब अपने नाम किया।

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बचपन के शौक ने बनाया टैटू आर्टिस्‍ट

12वीं तक की पढ़ाई भीमताल से करने के बाद करन ने यूपी की राजधानी लखनऊ का चुना। जहां उन्होंने टेक्नो ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट से बीईफ किया। वहीं उन्होंने एक शॉप खोलकर अपनी कला को टैटू के माध्यम से लोगों के शरीर पर उतारने का काम किया। धीरे-धीरे उनकी कला का हर कोई दीवाना हो गया। करन बताते है कि टैटू कला सीखने के लिए उन्होंने कई प्रतियोगिताओं मेें भाग लिया। दिल्ली, भोपाल, गोवा, गुजरात समेत कई शहरों के टैटू फेस्टिवल्स में जाकर टैटू स्पेशिलिस्ट के साथ इसकी बारीकियां सीखीं। जिसके बाद उन्हें उत्तर प्रदेश आर्टिस्‍ट एसोशिएसन ने बेस्ट आर्टिस्‍ट लखनऊ चुना। वहीं वह लखनऊ में रेडियो मिर्ची के एक कार्यक्रम में भी शामिल हुए, जहां की यादें उन्होंने संजोकर रखी है।

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Instagram.com/the_inkedboy_karan

युवाओं लिए ऐसे बने प्रेरणात्रोत

करन ने बताया कि उनके पिता हरीश चंद्र आर्य टीबी हॉस्पिटल सेनिटोरियम भवाली में वाहन चालक हैं जबकि माता विमला देवी गृहिणी हैं। उनका छोटा भाई सीए की पढ़ाई कर रहा है। उन्होंनें बताया कि उनके पास लोग टैटू बनवाने के लिए आते है, इसी हुनर को लेकर वह अब लखनऊ से घर वापस आये है। उनका कहना है कि लोग उत्तराखंड को पयर्टन और देवभूमि के नाम से जानते है। ऐसे में वह अपने हुनर के दम पर टैटू के क्षेत्र में भी उत्तराखंड को आगे बढ़ाने के लिए अपने घर वापस आये है। अब उन्होंने नैनीताल रोड दुर्गा सिटी सेंटर अपनी शॉप खोली है, जहां टैटू बनवाने के लिए युवाओं की भीड़ उमड़ रही है। उन्होंने बताया कि अधिकांश युवा भगवान शिव, हनुमान जी के टैटू पसंद करते है, जबकि कलर टैटू लड़कियों की पहली पसंद बना हुआ है। इसके अलावा वह युवाओं को टैटू बनाना भी सीखा रहे है, जिससे युवा इस हुनर को रोजगार से जोडक़र आत्मनिर्भर बने। अगर आप भी टैटू बनवाने के शौकीन है या टैटू बनाना सीखना चाहते है तो उनसे संपर्क कर सकते है।

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