हल्द्वानी: डीएम रयाल ने चार माह में बदली तस्वीर, विरासत नामांतरण मामलों का ऐतिहासिक निस्तारण

खबर शेयर करें

Nainital Live News: जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के निर्देशानुसार जनपद नैनीताल में लंबे समय से लंबित निर्विवाद विरासत नामांतरण एवं राजस्व प्रकृति के मामलों का अभियान चलाकर तेजी से निस्तारण किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने इन मामलों को अपनी प्राथमिकताओं में रखते हुए ग्राम स्तर पर चौपाल लगाकर निस्तारण के निर्देश राजस्व विभाग के अधिकारियों को दिए थे, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।

29 जनवरी 2026 तक जनपद में लंबित निर्विवाद विरासत नामांतरण के कुल 7070 प्रकरणों का सफल निस्तारण किया जा चुका है। वहीं राजस्व प्रकृति के 1640 अन्य विवादों में से 1473 प्रकरणों का भी समाधान कर लिया गया है। चौपालों के माध्यम से किए जा रहे इस अभिनव प्रयास की सराहना उत्तराखंड शासन स्तर पर भी लगातार की जा रही है।

बीते चार माह में जिले में सरकारी भूमि से लगभग 200 अतिक्रमण हटाए गए हैं। इससे न केवल सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा हुई है, बल्कि आम जनता को भी राहत मिली है। राजस्व एवं नागरिक सेवाओं के त्वरित और प्रभावी निस्तारण की दिशा में जिला प्रशासन की कार्यवाही निरंतर जारी है।

तहसीलवार आंकड़ों की बात करें तो सबसे अधिक 2237 निर्विवाद विरासत नामांतरण प्रकरणों का निस्तारण तहसील नैनीताल में किया गया है। इसके अतिरिक्त तहसील हल्द्वानी में 728, रामनगर में 1280, कालाढूंगी में 767, धारी में 695, श्री कैंचीधाम में 405, लालकुआं तहसील में 335, बेतालघाट में 298 तथा खनस्यू तहसील में 325 प्रकरणों का निस्तारण किया गया है।

यह भी पढ़ें 👉  हल्द्वानीः इम्पीरियम सीनियर सेकेंडरी स्कूल में विंटर कार्निवल और वार्षिक खेल महोत्सव का भव्य आयोजन

इसी अवधि में स्थल स्तरीय एवं अन्य राजस्व विवादों के 1640 प्राप्त प्रकरणों में से 1473 मामलों का समाधान हुआ है। इनमें मार्ग पर अवैध कब्जा एवं अतिक्रमण के 142 मामलों में से 131, सिंचाई गूल पर अतिक्रमण के 20 में से 11, सार्वजनिक मार्गों व नहरों पर किए गए 62 अतिक्रमणों में से 54 मामलों का निस्तारण किया गया है। पेमाइश के 1011 मामलों में से 921, मेड़ एवं खेत सीमा विवाद के 121 में से 106, कुर्रा नक्शा के 73 में से 53 तथा नाम संशोधन के 84 में से 81 प्रकरणों का निस्तारण किया जा चुका है। इसके अलावा राजस्व से संबंधित अन्य 127 मामलों में से 116 प्रकरणों का भी समाधान किया गया है।

यह भी पढ़ें 👉  Uttrakhand News: मंडप में पहुंची पहली पत्नी, दूसरी शादी के बाद मचा बवाल

जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि यह अभियान निरंतर जारी रखा जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग का यह कार्य विभागीय प्राथमिकताओं में शामिल है। जिला प्रशासन नैनीताल द्वारा किए जा रहे इन ठोस प्रयासों से न केवल राजस्व एवं नागरिक सेवाओं में पारदर्शिता और गति बढ़ी है, बल्कि आम नागरिकों को समयबद्ध न्याय और राहत मिलने से प्रशासन पर जनता का भरोसा भी और मजबूत हुआ है।

Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad

पहाड़ प्रभात डैस्क

समाजशास्त्र में मास्टर की डिग्री के साथ (MAJMC) पत्रकारिता और जनसंचार में मास्टर की डिग्री। पत्रकारिता में 15 वर्ष का अनुभव। अमर उजाला, वसुन्धरादीप सांध्य दैनिक में सेवाएं दीं। प्रिंट और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म में समान रूप से पकड़। राजनीतिक और सांस्कृतिक के साथ खोजी खबरों में खास दिलचस्‍पी। पाठकों से भावनात्मक जुड़ाव बनाना उनकी लेखनी की खासियत है। अपने लंबे करियर में उन्होंने ट्रेंडिंग कंटेंट को वायरल बनाने के साथ-साथ राजनीति और उत्तराखंड की संस्कृति पर लिखने में विशेषज्ञता हासिल की है। वह सिर्फ एक कंटेंट क्रिएटर ही नहीं, बल्कि एक ऐसे शख्स हैं जो हमेशा कुछ नया सीखने और ख़ुद को बेहतर बनाने के लिए तत्पर रहते हैं। देश के कई प्रसिद्ध मैगजीनों में कविताएं और कहानियां लिखने के साथ ही वह कुमांऊनी गीतकार भी हैं अभी तक उनके लिखे गीतों को कुमांऊ के कई लोकगायक अपनी आवाज दे चुके है। फुर्सत के समय में उन्हें संगीत सुनना, किताबें पढ़ना और फोटोग्राफी पसंद है। वर्तमान में पहाड़ प्रभात डॉट कॉम न्यूज पोर्टल और पहाड़ प्रभात समाचार पत्र के एडिटर इन चीफ है।