उत्तराखंड: (शाबास भुला)-सोशल मीडिया में ट्रेंड हुआ कांडपाल हेयर सैलून, पढिय़े इस सैलून के मालिक की संघर्ष भरी कहानी…

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Uttarakhand News: कोरोनाकाल में हजारों युवा बेरोजगार हो गये। लाखों की संख्या में प्रवासी पहाड़ लौट आये। जिसमें से कई लोगों ने स्वरोजगार को अपना लिया। उत्तराखंड के अधिकांश युवाओं ने कुछ न कुछ कर कोरोनाकाल मेंं छाये रहे। ऐसे में एक फोटो आजकल सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है। कांडपाल हैयर सैलून। लोग इस फोटो को शेयर कर अन्य युवाओं को भी जागरूक करने का संदेश दे है। कांडपाल सैलून की जमकर तारीफ हो रही है। आज हम आपको बतायेंगेे आखिर कौन है कांडपाल सैलून को चलाने वाला शख्स।

हल्द्वानी के कुसुमखेड़ा विनोद कांडपाल लॉकडाउन सेे पहले दिल्ली में काम करते थे। लेकिन इस बीच पूरे देश में लॉकडाउन लगा तो अन्य युवाओं की तरह वह भी घर लौट आये। उनके ऊपर परिवार की जिम्मेदारी थी। ऐसे में उन्होंने सैलून खोलने का मन बनाया। सैलून खोलते ही उनकी दुकान में लोग आने लगे, जिससे उनका आत्मविश्वास औरबढ़ गया। विनोद कांडपाल का कहना है कि कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता है। उन्होंने युवाओंं को खुद का कोई भी छोटा-मोटा व्यवसाय करने की सलाह दी।

विनोद कांडपाल बताते है कि वह मूलरूप से अल्मोड़ा जिले के रहनेे वालेे है। कई सालों से हल्द्वानी में रह रहे है। बचपन सेे ही गरीबी में पले-बढ़े विनोद ने काफी संघर्ष केे बाद एक बेहतर जीवन की कल्पना की थी लेेकिन कोरोना ने उनके अरमानों पर पानी फेर दिया। पर कांडपाल कहा हार मानने वाले थे। उन्होंने सैलून का काम शुरू कर एक नई कहानी लिख दी। आज उनके सैलून की चर्चा पूरे उत्तराखंड में हो रही है। युवा उनसे प्रेरणा ले रहे हैै।

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पहाड़ प्रभात डैस्क

समाजशास्त्र में मास्टर की डिग्री के साथ (MAJMC) पत्रकारिता और जनसंचार में मास्टर की डिग्री। पत्रकारिता में 15 वर्ष का अनुभव। अमर उजाला, वसुन्धरादीप सांध्य दैनिक में सेवाएं दीं। प्रिंट और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म में समान रूप से पकड़। राजनीतिक और सांस्कृतिक के साथ खोजी खबरों में खास दिलचस्‍पी। पाठकों से भावनात्मक जुड़ाव बनाना उनकी लेखनी की खासियत है। अपने लंबे करियर में उन्होंने ट्रेंडिंग कंटेंट को वायरल बनाने के साथ-साथ राजनीति और उत्तराखंड की संस्कृति पर लिखने में विशेषज्ञता हासिल की है। वह सिर्फ एक कंटेंट क्रिएटर ही नहीं, बल्कि एक ऐसे शख्स हैं जो हमेशा कुछ नया सीखने और ख़ुद को बेहतर बनाने के लिए तत्पर रहते हैं। देश के कई प्रसिद्ध मैगजीनों में कविताएं और कहानियां लिखने के साथ ही वह कुमांऊनी गीतकार भी हैं अभी तक उनके लिखे गीतों को कुमांऊ के कई लोकगायक अपनी आवाज दे चुके है। फुर्सत के समय में उन्हें संगीत सुनना, किताबें पढ़ना और फोटोग्राफी पसंद है। वर्तमान में पहाड़ प्रभात डॉट कॉम न्यूज पोर्टल और पहाड़ प्रभात समाचार पत्र के एडिटर इन चीफ है।