उत्तराखंडः रक्षाबंधन की खुशियां मातम में बदलीं: सुबह बहनों से बंधवाई राखी, शाम को हादसे में दो चचेरे भाइयों की मौत

ऋषिकेश। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर जहां सुबह बहनों ने अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र की कामना की, वहीं शाम होते-होते दो परिवारों की खुशियां मातम में बदल गईं। ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर भद्रकाली के समीप शुक्रवार शाम हुए दर्दनाक सड़क हादसे में दो चचेरे भाइयों की मौके पर ही मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार, तीर्थयात्रियों को लेकर खारास्रोत पार्किंग से हरिद्वार की ओर जा रही बस भद्रकाली से आगे ढलान पर पहुंची। इसी दौरान बस के ब्रेक फेल हो गए और चालक बस पर नियंत्रण नहीं रख सका। अनियंत्रित बस सड़क पर पलट गई। इसी दौरान सड़क किनारे बैठे दो चचेरे भाई शुभम और ऋषभ बस की चपेट में आ गए। हादसा इतना भयावह था कि दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
सबसे दर्दनाक बात यह रही कि दोनों युवक रक्षाबंधन के दिन सुबह ही अपनी बहनों से राखी बंधवाकर आए थे। बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधते हुए उनके स्वस्थ और दीर्घ जीवन की कामना की थी। भाइयों ने भी बहनों की रक्षा का वचन दिया था। किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही घंटों बाद यह वचन एक दर्दनाक स्मृति बन जाएगा।
शाम को हादसे की खबर घर पहुंचते ही दोनों परिवारों में कोहराम मच गया। जिन घरों में सुबह रक्षाबंधन की खुशियां और उत्साह था, वहां देखते ही देखते चीख-पुकार मच गई। बहनों को जब अपने भाइयों के निधन की खबर मिली तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।
रक्षाबंधन पर बांधा गया राखी का पवित्र धागा कुछ ही घंटों में दोनों परिवारों के लिए ऐसी याद बन गया, जिसे वे जीवनभर अपने सीने में संजोकर रखेंगे। इस हादसे ने न केवल दो परिवारों के चिराग बुझा दिए, बल्कि रक्षाबंधन की खुशियों को भी गहरे मातम में बदल दिया।
























