पाथफाइंडर बोर्डिंग स्कूल में वास्तुकला विद्यार्थियों का शैक्षणिक भ्रमण

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कालाढूंगी। पाथफाइंडर बोर्डिंग स्कूल, विदरामपुर, चकलुवा में दिल्ली स्थित कॉलेज ऑफ आर्किटेक्चर के 35 वास्तुकला विद्यार्थियों और चार प्रोफेसरों के दल ने शैक्षणिक भ्रमण किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने विद्यालय परिसर की वास्तुकला, डिजाइन और पर्यावरण-अनुकूल व्यवस्थाओं का व्यावहारिक अध्ययन किया।

शैक्षणिक भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों और शिक्षकों को आधुनिक आवासीय विद्यालय के निर्माण, उसकी वास्तुकला तथा प्राकृतिक वातावरण के बीच बेहतर सामंजस्य को समझने का अवसर प्रदान करना था। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने विद्यालय के हॉस्टल, कक्षाओं, पुस्तकालय, भोजन कक्ष, खेल मैदान सहित विभिन्न सुविधाओं का बारीकी से अध्ययन किया।

विद्यार्थियों ने विद्यालय परिसर में अपनाई गई पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों और भवन निर्माण की विभिन्न व्यवस्थाओं की भी जानकारी ली। इस दौरान प्रोफेसरों ने विद्यार्थियों को बताया कि बोर्डिंग स्कूल की डिजाइन तैयार करते समय सुरक्षा, प्राकृतिक रोशनी, वायु संचार और बच्चों के समग्र विकास जैसे पहलुओं का विशेष ध्यान रखा जाता है।

इस अवसर पर पाथफाइंडर बोर्डिंग स्कूल के प्रधानाचार्य डॉ. दीपक मनचंदा ने अपनी टीम के साथ दिल्ली से आए विद्यार्थियों और प्रोफेसरों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह विद्यालय के लिए गर्व की बात है कि उसके परिसर को वास्तुकला के विद्यार्थियों के अध्ययन के लिए उपयोगी और मॉडल परिसर के रूप में चुना गया है।

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उन्होंने कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों को किताबों में पढ़ी गई वास्तुकला और डिजाइन की अवधारणाओं को वास्तविक परिसर में समझने का अवसर प्रदान करते हैं। इससे विद्यार्थियों को भवन निर्माण के साथ-साथ पर्यावरण, सुरक्षा और उपयोगिता के बीच संतुलन समझने में भी मदद मिलती है।

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शैक्षणिक भ्रमण में प्रो. विजय मातंगे, प्रो. बिनिता तांबोली, प्रो. विदुषी सिंह और प्रो. मोहम्मद शोएब आलम सहित चार प्रोफेसर शामिल रहे। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने विद्यालय की विभिन्न व्यवस्थाओं का अध्ययन किया और वास्तुकला एवं डिजाइन से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी प्राप्त की। विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि इस तरह के शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान देने के साथ-साथ आधुनिक शैक्षणिक परिसरों की योजना और निर्माण को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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पहाड़ प्रभात डैस्क

समाजशास्त्र में मास्टर की डिग्री के साथ (MAJMC) पत्रकारिता और जनसंचार में मास्टर की डिग्री। पत्रकारिता में 15 वर्ष का अनुभव। अमर उजाला, वसुन्धरादीप सांध्य दैनिक में सेवाएं दीं। प्रिंट और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म में समान रूप से पकड़। राजनीतिक और सांस्कृतिक के साथ खोजी खबरों में खास दिलचस्‍पी। पाठकों से भावनात्मक जुड़ाव बनाना उनकी लेखनी की खासियत है। अपने लंबे करियर में उन्होंने ट्रेंडिंग कंटेंट को वायरल बनाने के साथ-साथ राजनीति और उत्तराखंड की संस्कृति पर लिखने में विशेषज्ञता हासिल की है। वह सिर्फ एक कंटेंट क्रिएटर ही नहीं, बल्कि एक ऐसे शख्स हैं जो हमेशा कुछ नया सीखने और ख़ुद को बेहतर बनाने के लिए तत्पर रहते हैं। देश के कई प्रसिद्ध मैगजीनों में कविताएं और कहानियां लिखने के साथ ही वह कुमांऊनी गीतकार भी हैं अभी तक उनके लिखे गीतों को कुमांऊ के कई लोकगायक अपनी आवाज दे चुके है। फुर्सत के समय में उन्हें संगीत सुनना, किताबें पढ़ना और फोटोग्राफी पसंद है। वर्तमान में पहाड़ प्रभात डॉट कॉम न्यूज पोर्टल और पहाड़ प्रभात समाचार पत्र के एडिटर इन चीफ है।