हल्द्वानी: ट्यूशन फीस के साथ वसूली जा रही अन्य फीस, अब ऐसे निजी स्कूलों को चिन्हित कर कार्यवाही के आदेश जारी

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Pahad Prabhat News Haldwani: अब निजी स्कूलों की खैर नहीं। शासन को लगातार शिकायत मिल रही है कि अधिकतर निजी एवं पब्लिक स्कूलों की ओर से ट्यूशन फीस में अन्य मदों की फीस को शामिल कर फीस वसूलने की है, लेकिन स्थानीय शिक्षाधिकारी शासन के आदेश के बावजूद शिकायतों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।

अब इस मामले मंडलीय अपर शिक्षा निदेशक माध्यमिक रघुनाथ लाल आर्या ने शुक्रवार को आदेश जारी किया है, आदेश में कहा गया कि उक्त निर्देशों के बावजूद कतिपय निजी विद्यालयों द्वारा विगत वर्षों में विभिन्न मदों खेल कंप्यूटर आदि में ली जाने वाली फीस को भी शिक्षण शुल्क में सम्मिलित कर शिक्षण शुल्क में वृद्धि की गई है जो उक्त निर्देशों का उल्लंघन है। जबकि खंड शिक्षा अधिकारी एवं उप शिक्षा अधिकारियों द्वारा प्रकरण को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।

आर्या ने निर्देश दिए हैं कि तत्काल ऐसे निजी विद्यालयों को चिह्नित कर जांच करें। दोषी पाये जाने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कर उसकी रिपोर्ट शिक्षा निदेशालय एवं मंडलीय कार्यालय को भेजी जाए। इस प्रकरण में लापरवाही बरतने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि कोविड-19 के संक्रमण की दूसरी लहर की रोकथाम के दृष्टिगत विद्यालय बंद रहने के दौरान निजी एवं पब्लिक स्कूलों की फीस भुगतान की प्रक्रिया के संबंध में शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम ने 26 अप्रैल को विस्तृत आदेश जारी किए थे।

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पहाड़ प्रभात डैस्क

समाजशास्त्र में मास्टर की डिग्री के साथ (MAJMC) पत्रकारिता और जनसंचार में मास्टर की डिग्री। पत्रकारिता में 15 वर्ष का अनुभव। अमर उजाला, वसुन्धरादीप सांध्य दैनिक में सेवाएं दीं। प्रिंट और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म में समान रूप से पकड़। राजनीतिक और सांस्कृतिक के साथ खोजी खबरों में खास दिलचस्‍पी। पाठकों से भावनात्मक जुड़ाव बनाना उनकी लेखनी की खासियत है। अपने लंबे करियर में उन्होंने ट्रेंडिंग कंटेंट को वायरल बनाने के साथ-साथ राजनीति और उत्तराखंड की संस्कृति पर लिखने में विशेषज्ञता हासिल की है। वह सिर्फ एक कंटेंट क्रिएटर ही नहीं, बल्कि एक ऐसे शख्स हैं जो हमेशा कुछ नया सीखने और ख़ुद को बेहतर बनाने के लिए तत्पर रहते हैं। देश के कई प्रसिद्ध मैगजीनों में कविताएं और कहानियां लिखने के साथ ही वह कुमांऊनी गीतकार भी हैं अभी तक उनके लिखे गीतों को कुमांऊ के कई लोकगायक अपनी आवाज दे चुके है। फुर्सत के समय में उन्हें संगीत सुनना, किताबें पढ़ना और फोटोग्राफी पसंद है। वर्तमान में पहाड़ प्रभात डॉट कॉम न्यूज पोर्टल और पहाड़ प्रभात समाचार पत्र के एडिटर इन चीफ है।