हल्द्वानी: (JNU प्रकरण)-बेटियों की सुरक्षा और सम्मान से समझौता बर्दाश्त नहीं: कल्पना बोरा

Haldwani News: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में छात्राओं की ओर से एक प्रोफेसर के खिलाफ लगाए गए कथित यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर भाजपा महिला मोर्चा उत्तराखंड की प्रदेश प्रवक्ता कल्पना बोरा ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों में बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और गरिमा सर्वोपरि होनी चाहिए। किसी भी स्तर पर इससे समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
कल्पना बोरा ने कहा कि 11 छात्राओं की ओर से शिकायतें सामने आना गंभीर विषय है। विश्वविद्यालयों में ऐसा सुरक्षित माहौल होना चाहिए, जहां छात्राएं बिना किसी भय, दबाव या भेदभाव के अपनी पढ़ाई कर सकें। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति का पद, प्रतिष्ठा या राजनीतिक पहचान उसे जवाबदेही से ऊपर नहीं बनाती।
उन्होंने कहा कि मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, विश्वविद्यालय की आंतरिक शिकायत समिति की जांच के बाद संबंधित प्रोफेसर के खिलाफ सेवा से बर्खास्तगी की कार्रवाई की गई है। ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच, संस्थागत जवाबदेही और कानून के अनुरूप कार्रवाई जरूरी है।
कल्पना बोरा ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान किसी राजनीतिक दल तक सीमित मुद्दा नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज की जिम्मेदारी है। किसी भी बेटी की शिकायत को गंभीरता से सुना जाना चाहिए और उसे न्याय दिलाने के लिए उचित प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए। साथ ही, शिकायतकर्ता छात्राओं की पहचान और गरिमा की रक्षा भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय केवल शिक्षा प्राप्त करने के केंद्र नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य को आकार देने वाले संस्थान हैं। ऐसे में वहां का वातावरण सुरक्षित और भरोसेमंद होना चाहिए, ताकि छात्राएं बिना किसी डर के अपनी बात रख सकें।
कल्पना बोरा ने कहा कि बेटियों का सम्मान, उनकी सुरक्षा और उन्हें न्याय दिलाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। इस मामले में तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए, जिससे छात्राओं का शिक्षण संस्थानों पर विश्वास बना रहे और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाए जा सकें।
















