हल्द्वानी: अलविदा मैडम…पंचतत्व में विलीन हुए आइयन लेडी इंदिरा हृदयेश

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Pahad Prabhat News Haldwani: सोमवार को नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश का रानीबाग के चित्रशिला घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। उनके तीनों बेटे चित्रशिला घाट पर अपनी मां के अंतिम संस्कार मौजूद रहें। इस बीच पूर्व सीएम हरीश रावत उन्हें अंतिम विदाई लौटे। इंदिरा हृदयेश को अंतिम विदाई देने के लिए लोगों को हूजूम उमड़ पड़ा। कांग्रेस पार्टी के तमाम छोटे बड़े नेता चित्रशिला घाट पर ही है। सभी दलों के नेताओं ने दलगत भावना से ऊपर उठकर डा. इंदिरा हृदयेश को विदाई देने की परंपरा को निर्वहन किया है।

मुख्यमंत्री तीरथ रावत ने स्वयं उनके आवास पर उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए आए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके लिए शोक संदेश जारी किया। इंदिरा के बेटे संजीव, सौरव और सुमित तीनों ही संयुक्त रूप से मां का अंतिम संस्कार किया। इससे पहले नैनीताल पुलिस के विशेष दस्ते ने नेता प्रतिपक्ष को सलामी दी।

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पहाड़ प्रभात डैस्क

समाजशास्त्र में मास्टर की डिग्री के साथ (MAJMC) पत्रकारिता और जनसंचार में मास्टर की डिग्री। पत्रकारिता में 15 वर्ष का अनुभव। अमर उजाला, वसुन्धरादीप सांध्य दैनिक में सेवाएं दीं। प्रिंट और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म में समान रूप से पकड़। राजनीतिक और सांस्कृतिक के साथ खोजी खबरों में खास दिलचस्‍पी। पाठकों से भावनात्मक जुड़ाव बनाना उनकी लेखनी की खासियत है। अपने लंबे करियर में उन्होंने ट्रेंडिंग कंटेंट को वायरल बनाने के साथ-साथ राजनीति और उत्तराखंड की संस्कृति पर लिखने में विशेषज्ञता हासिल की है। वह सिर्फ एक कंटेंट क्रिएटर ही नहीं, बल्कि एक ऐसे शख्स हैं जो हमेशा कुछ नया सीखने और ख़ुद को बेहतर बनाने के लिए तत्पर रहते हैं। देश के कई प्रसिद्ध मैगजीनों में कविताएं और कहानियां लिखने के साथ ही वह कुमांऊनी गीतकार भी हैं अभी तक उनके लिखे गीतों को कुमांऊ के कई लोकगायक अपनी आवाज दे चुके है। फुर्सत के समय में उन्हें संगीत सुनना, किताबें पढ़ना और फोटोग्राफी पसंद है। वर्तमान में पहाड़ प्रभात डॉट कॉम न्यूज पोर्टल और पहाड़ प्रभात समाचार पत्र के एडिटर इन चीफ है।