देहरादून: जिला स्तरीय अधिकारी स्वीकृत करेंगे बाल्य अवकाश, डॉ. नीतू कार्की ने किया स्वागत

देहरादून। उत्तराखंड की महिला कार्मिकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राजकीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी फार्मासिस्ट एसोसिएशन उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद चौहान के प्रयासों के बाद वित्त विभाग ने बाल्य देखभाल अवकाश (Child Care Leave) संबंधी व्यवस्था में महत्वपूर्ण संशोधन किया है।
प्रदेश अध्यक्ष अरविंद चौहान ने 26 नवंबर 2025 कोउत्तराखंड शासन के वित्त विभाग को भेजे गए पत्र में मांग की थी कि पूर्व में जारी आदेश के बिंदु-5 में बाल्य देखभाल अवकाश की स्वीकृति का अधिकार नियुक्ति प्राधिकारी को दिया गया था। इसके कारण सुदूरवर्ती क्षेत्रों में कार्यरत महिला कर्मचारियों को अवकाश स्वीकृति में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था और समय पर अवकाश स्वीकृत नहीं हो पा रहा था।
उन्होंने वित्त विभाग से अनुरोध किया था कि बाल्य देखभाल अवकाश स्वीकृत करने का अधिकार जनपद स्तरीय अधिकारियों को दिया जाए, ताकि महिला कर्मचारियों को समय पर सुविधा मिल सके।
वहीं आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्साधिकारी सेवा संघ की प्रांतीय महिला उपाध्यक्ष डॉ नीतू कार्की ने शासनादेश में हुए संशोधन का स्वागत करते हुए कहा कि इस निर्णय से प्रदेश की सभी महिला कर्मचारियों और एकल पुरुष अभिभावकों को भी लाभ मिलेगा।
वित्त विभाग ने इस मामले में सकारात्मक रुख अपनाते हुए शासनादेश जारी कर दिया है। नए आदेश के अनुसार अब महिला कार्मिकों के बाल्य देखभाल अवकाश को जनपद स्तरीय अधिकारी स्वीकृत कर सकेंगे, जिससे महिला कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
संघ की इस मांग को स्वीकार किए जाने पर प्रदेश अध्यक्ष अरविंद चौहान ने प्रमुख सचिव वित्त, सचिव वित्त, अपर सचिव वित्त तथा मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।


























