हल्द्वानी: UOU के पर्यावरण विज्ञान के शिक्षार्थियों ने किया उत्तराखंड काउंसिल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी, पंतनगर का भ्रमण

खबर शेयर करें

Haldwani News: उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय, हल्द्वानी, के वानिकी एवं पर्यावरण विज्ञान विभाग में चल रही एम.एससी.पर्यावरण विज्ञान विषय की सात दिवसीय कार्यशाला के दौरान आज शिक्षार्थियों के लिए उत्तराखंड काउंसिल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी, पंतनगर का शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किया गया।

उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के भौमिकी एवं पर्यावरण विज्ञान विद्या शाखा के निदेशक प्रो- पीडी- पन्त ने कहा कि शैक्षणिक भ्रमण प्रयोगात्मक कार्यशाला का अभिन्न हिस्सा है। विभाग के समन्वयक डॉ. एच.सी. जोशी ने बताया कि इस प्रायोगिक कार्यशाला में एम.एससी. पर्यावरण विज्ञान तृतीय समेस्टर के शिक्षार्थी प्रतिभाग कर रहे हैं । उन्होंने बताया कि शिक्षार्थियों के शैक्षणिक भ्रमण की उनके व्यवहारिक ज्ञान वर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका होती है और इस भ्रमण के द्वारा उन्हें जैव प्रौद्योगिकी के पर्यावरण विज्ञान में विभिन्न अनुप्रयोगों को समझने में सहायता मिलेगी। इस भ्रमण में शिक्षार्थियों के साथ विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. प्रीति पंत, एवं डॉ. खष्टी डसीला भी मौजूद रहे।

डॉ. खष्टी डसीला ने बताया की इस भ्रमण के दौरान शिक्षार्थियों को पादप ऊतक संवर्धन प्रयोगशाला, अणुजैविकी जीवविज्ञान एवं जेनेटिक इंजीनियरिंग प्रयोगशाला, जैव प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला तथा हाइड्रोपोनिक्स पॉलीहाउस तकनीक के विषय में विस्तृत जानकारी दी गई। इस दौरान केंद्र के प्रयोगशाला सहायक ललित मिश्रा, यंग प्रोफेशनल अमन प्रताप सिंह एवं शैलजा आर्या ने सभी का स्वागत करते हुए जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक अग्रणी संस्थान के रूप में परिषद की भूमिका और क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर इसके प्रभाव पर प्रकाश डाला तथा संस्थान द्वारा किए जा रहे विभिन्न शोध कार्यो यथा पर्यावरणीय प्रभाव आकलन, पर्यावरण-अनुकूलन, पौधों के प्रसार, आनुवंशिक सुधार और टिशू कल्चर तकनीक, लुप्तप्राय पौधों की प्रजातियों के संरक्षण और रोग प्रतिरोधी पौधों की किस्मों के विकास, माइक्रोबियल उपभेदों का लक्षण वर्णन, उन्नत माइक्रोबियल प्रदर्शन के लिए आनुवंशिक संशोधन और नए जैव प्रौद्योगिकी अनुप्रयोगों आदि की विस्तृत जानकारी प्रदान की। उत्तराखंड जैव प्रौद्योगिकी परिषद के वैज्ञानिक डॉ. सुमित पुरोहित एवं डॉ. मणींद्र मोहन के सहयोग से शिक्षार्थियों ने नवीनतम जैव प्रौद्योगिकी अनुप्रयोगों पर विस्तृत जानकारी प्राप्त की। भ्रमण के अन्त में डॉ. प्रीति पंत द्वारा विश्वविद्यालय‌ की ओर से सभी को विशेष रूप से संस्थान के निदेशक प्रो. संजय कुमार को धन्यवाद ज्ञापित किया।

पहाड़ प्रभात डैस्क

समाजशास्त्र में मास्टर की डिग्री के साथ (MAJMC) पत्रकारिता और जनसंचार में मास्टर की डिग्री। पत्रकारिता में 15 वर्ष का अनुभव। अमर उजाला, वसुन्धरादीप सांध्य दैनिक में सेवाएं दीं। प्रिंट और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म में समान रूप से पकड़। राजनीतिक और सांस्कृतिक के साथ खोजी खबरों में खास दिलचस्‍पी। पाठकों से भावनात्मक जुड़ाव बनाना उनकी लेखनी की खासियत है। अपने लंबे करियर में उन्होंने ट्रेंडिंग कंटेंट को वायरल बनाने के साथ-साथ राजनीति और उत्तराखंड की संस्कृति पर लिखने में विशेषज्ञता हासिल की है। वह सिर्फ एक कंटेंट क्रिएटर ही नहीं, बल्कि एक ऐसे शख्स हैं जो हमेशा कुछ नया सीखने और ख़ुद को बेहतर बनाने के लिए तत्पर रहते हैं। देश के कई प्रसिद्ध मैगजीनों में कविताएं और कहानियां लिखने के साथ ही वह कुमांऊनी गीतकार भी हैं अभी तक उनके लिखे गीतों को कुमांऊ के कई लोकगायक अपनी आवाज दे चुके है। फुर्सत के समय में उन्हें संगीत सुनना, किताबें पढ़ना और फोटोग्राफी पसंद है। वर्तमान में पहाड़ प्रभात डॉट कॉम न्यूज पोर्टल और पहाड़ प्रभात समाचार पत्र के एडिटर इन चीफ है।