उत्तराखंड: (गजब)-सरकारी कागजों में मृत किसान पांच साल बाद बोला साहब में जिंदा हूं…

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RANIKHET NEWS: उत्तराखंड के रानीखेत में एक गजब का मामला सामने आया। जहां एक जीवित किसान को सरकारी कागजों में मृत घोषित कर दिया गया, जिसके बाद लोगों में इसे लेकर गुस्सा देखने को मिला। रानीखेत के टूनाकोट गांव में जीवित किसान को मृत दिखाये जाने पर विभागीय कार्यप्रणाली की पोल खुल गई है। स्थानीय लोगों ने संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इधर ग्राम विकास अधिकारी ने कहा कि गलती कहां हुई पता लगा कर परिवार रजिस्टर को ठीक किया जायेगा।

टूनाकोट गांव के काश्तकार हरवंश सिंह को महत्वपूर्ण समझे जाने वाले परिवार रजिस्टर में पांच वर्ष पूर्व ही मृत दर्शा दिया गया है। हरबंस सिंह ने आवश्यकीय कार्य के लिए ग्राम विकास कार्यालय से परिवार रजिस्टर की नकल को आवेदन किया तो उन्हें मृत दिखाए जाने पर हरवंश के होश उड़ गए। उसे परिवार रजिस्टर में वर्ष 2017 में ही मृत दर्शा दिया गया है। जन्मतिथि में भी गड़बड़ी सामने आई है। किसान हरबंस सिंह के अनुसार महत्वपूर्ण परिवार रजिस्टर की नकल जैसे प्रपत्र में ही उन्हें मृत दर्शा दिया गया है जिससे वह पेंशन समेत कई अन्य लाभों से वंचित हो सकते हैं। परिवार के सदस्य भी प्रभावित हो सकते हैं। स्थानीय लोगों ने लापरवाही को गंभीर करार दिया है। ग्राम विकास अधिकारी नीता राणा के अनुसार किसान से संसोधन के लिए आवेदन मांगा जा रहा है। जल्द ही परिवार रजिस्टर को दुरुस्त किया जाएगा।

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पहाड़ प्रभात डैस्क

समाजशास्त्र में मास्टर की डिग्री के साथ (MAJMC) पत्रकारिता और जनसंचार में मास्टर की डिग्री। पत्रकारिता में 15 वर्ष का अनुभव। अमर उजाला, वसुन्धरादीप सांध्य दैनिक में सेवाएं दीं। प्रिंट और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म में समान रूप से पकड़। राजनीतिक और सांस्कृतिक के साथ खोजी खबरों में खास दिलचस्‍पी। पाठकों से भावनात्मक जुड़ाव बनाना उनकी लेखनी की खासियत है। अपने लंबे करियर में उन्होंने ट्रेंडिंग कंटेंट को वायरल बनाने के साथ-साथ राजनीति और उत्तराखंड की संस्कृति पर लिखने में विशेषज्ञता हासिल की है। वह सिर्फ एक कंटेंट क्रिएटर ही नहीं, बल्कि एक ऐसे शख्स हैं जो हमेशा कुछ नया सीखने और ख़ुद को बेहतर बनाने के लिए तत्पर रहते हैं। देश के कई प्रसिद्ध मैगजीनों में कविताएं और कहानियां लिखने के साथ ही वह कुमांऊनी गीतकार भी हैं अभी तक उनके लिखे गीतों को कुमांऊ के कई लोकगायक अपनी आवाज दे चुके है। फुर्सत के समय में उन्हें संगीत सुनना, किताबें पढ़ना और फोटोग्राफी पसंद है। वर्तमान में पहाड़ प्रभात डॉट कॉम न्यूज पोर्टल और पहाड़ प्रभात समाचार पत्र के एडिटर इन चीफ है।