वतन मेरा हिन्दुस्तान…

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इरादें हैं तुम्हारें नेक, इरादें हैं हमारे नेक,
लहूँ का रंग तेरा एक, लहूँ का रंग मेरा एक
ऐहसास देशभक्ति का हमें इस राह पर लाया,
धर्म हो भले अनेक, फिर भी देश हैं मेरा एक।।
मोहब्बत देश से करके एक बार तुम देखों,
ऐहसास देशभक्ति का जगाकर दिल में तुम देखों,
झुकेगा सिर दुश्मन का तुम्हारें सामने हर बार,
कफ़न को बांधकर सिर पर तुम हुँकार कर देखों।
शहीदों की शहादत को बसाकर दिल में तुम रखना,
लहूँ में अंगार आज़ादी का जलाकर तुम रखना,
उठे गर आँख दुश्मन की वतन के सामने जब भी,
बनकर चट्टान सीना तान उसका मर्दन तुम करना।।
हौसला हो अगर दिल में राह बन जाती है आसान
फ़िर क्यों एकदूजे से यहाँ यूँ लड़ रहा इंसान
आओ मिलकर हम बनाये अपने सपनों का जहाँ
देश तेरा भी हिंदुस्तान, देश मेरा भी हिंदुस्तान।।
अजय कुमार पाण्डे, कुसुमखेड़ा हल्द्वानी मो – 9917942686

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पहाड़ प्रभात डैस्क

संपादक - जीवन राज ईमेल - [email protected]

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