गिरीश तिवारी ‘गिर्दा’ पुरस्कार से सम्मानित होंगे राजेंद्र ढैला

खबर शेयर करें

देहरादून। उत्तराखंड भाषा संस्थान, देहरादून द्वारा वर्ष 2025-26 के लिए साहित्य सृजन एवं साहित्यिक योगदान के तहत “उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान” के अंतर्गत कुमाउनी भाषा लेखन के लिए प्रतिष्ठित गिरीश तिवारी ‘गिर्दा’ पुरस्कार कुमाउनी कवि एवं लेखक राजेंद्र ढैला को प्रदान किया जाएगा। उन्हें यह सम्मान उनकी पुस्तक ‘कुमाउनी साहित्यकार कोश साक्षात्कार’ के लिए दिया जा रहा है।

संस्थान की ओर से राजेंद्र ढैला को इस उपलब्धि के लिए नगद पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान समारोह 30-31 मार्च 2026 को देहरादून में आयोजित होगा।

Ad Ad

मूल रूप से अल्मोड़ा जनपद के लमगड़ा विकासखंड स्थित ग्राम ढैली के निवासी राजेंद्र ढैला वर्तमान में काठगोदाम, हल्द्वानी में निवास कर रहे हैं। वे सिडकुल, रुद्रपुर की एक कंपनी में कार्यरत हैं, साथ ही कुमाउनी भाषा, साहित्य और संस्कृति के संरक्षण व प्रचार-प्रसार में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

यह भी पढ़ें 👉  नवरात्रि पर सेवा भारती ने किया कन्या पूजन, बच्चों को बांटे उपहार

राजेंद्र ढैला अपनी टीम ‘घुगुती जागर’ के माध्यम से लोक संस्कृति को कविता, गीत-संगीत और होलियों के जरिए जन-जन तक पहुंचा रहे हैं। उनकी टीम द्वारा प्रस्तुत लोकगीतों और पारंपरिक होलियों को लोगों द्वारा काफी सराहा जा रहा है, जिन्हें वे अपने यूट्यूब चैनल और फेसबुक प्लेटफॉर्म पर भी साझा करते हैं। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर उनके मित्रों, साहित्यकारों और विभिन्न सामाजिक-सांस्कृतिक संस्थाओं ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

पहाड़ प्रभात डैस्क

समाजशास्त्र में मास्टर की डिग्री के साथ (MAJMC) पत्रकारिता और जनसंचार में मास्टर की डिग्री। पत्रकारिता में 15 वर्ष का अनुभव। अमर उजाला, वसुन्धरादीप सांध्य दैनिक में सेवाएं दीं। प्रिंट और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म में समान रूप से पकड़। राजनीतिक और सांस्कृतिक के साथ खोजी खबरों में खास दिलचस्‍पी। पाठकों से भावनात्मक जुड़ाव बनाना उनकी लेखनी की खासियत है। अपने लंबे करियर में उन्होंने ट्रेंडिंग कंटेंट को वायरल बनाने के साथ-साथ राजनीति और उत्तराखंड की संस्कृति पर लिखने में विशेषज्ञता हासिल की है। वह सिर्फ एक कंटेंट क्रिएटर ही नहीं, बल्कि एक ऐसे शख्स हैं जो हमेशा कुछ नया सीखने और ख़ुद को बेहतर बनाने के लिए तत्पर रहते हैं। देश के कई प्रसिद्ध मैगजीनों में कविताएं और कहानियां लिखने के साथ ही वह कुमांऊनी गीतकार भी हैं अभी तक उनके लिखे गीतों को कुमांऊ के कई लोकगायक अपनी आवाज दे चुके है। फुर्सत के समय में उन्हें संगीत सुनना, किताबें पढ़ना और फोटोग्राफी पसंद है। वर्तमान में पहाड़ प्रभात डॉट कॉम न्यूज पोर्टल और पहाड़ प्रभात समाचार पत्र के एडिटर इन चीफ है।