टी20 वर्ल्ड कप के बीच रिंकू सिंह के घर पसरा मातम, पिता का निधन

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New Delhi: भारतीय टीम के विस्फोटक बल्लेबाज रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह का निधन हो गया है। उन्होंने ग्रेटर नोएडा स्थित यथार्थ अस्पताल में अंतिम सांस ली। वह चौथे चरण के लिवर कैंसर से पीड़ित थे और पिछले कई दिनों से वेंटिलेटर सपोर्ट पर थे। उनकी हालत नाजुक होने के कारण उन्हें लगातार रीनल रिप्लेसमेंट थेरेपी दी जा रही थी।

परिवार के अनुसार, खानचंद सिंह का कई महीनों से इलाज चल रहा था। हाल ही में तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर उन्हें ग्रेटर नोएडा के यथार्थ अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही थी। तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।

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पिता की हालत बिगड़ने पर टीम से जुड़े घटनाक्रम

पिता की गंभीर स्थिति के चलते रिंकू सिंह को अंतरराष्ट्रीय दायित्वों के बीच समय निकालकर उनसे मिलने आना पड़ा था। 24 फरवरी को चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में टीम इंडिया के अभ्यास सत्र में भी वह शामिल नहीं हुए थे और नोएडा पहुंचकर पिता का हालचाल लिया था।

पिता के निधन के बाद रिंकू सिंह के जल्द ही घर लौटने की संभावना है। वह आगामी मुकाबलों में हिस्सा ले पाएंगे या नहीं, इस पर अभी कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

संघर्षों से भरी रही खानचंद सिंह की जिंदगी

खानचंद सिंह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ के निवासी थे। उन्होंने जीवनभर कड़ी मेहनत की और घर-घर गैस सिलेंडर पहुंचाने का काम किया। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने बेटे रिंकू सिंह के क्रिकेट करियर को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। रिंकू सिंह की सफलता के बाद भी खानचंद सिंह ने अपना काम नहीं छोड़ा था। परिवार और खेल जगत में उनके निधन से शोक की लहर है।

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पहाड़ प्रभात डैस्क

समाजशास्त्र में मास्टर की डिग्री के साथ (MAJMC) पत्रकारिता और जनसंचार में मास्टर की डिग्री। पत्रकारिता में 15 वर्ष का अनुभव। अमर उजाला, वसुन्धरादीप सांध्य दैनिक में सेवाएं दीं। प्रिंट और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म में समान रूप से पकड़। राजनीतिक और सांस्कृतिक के साथ खोजी खबरों में खास दिलचस्‍पी। पाठकों से भावनात्मक जुड़ाव बनाना उनकी लेखनी की खासियत है। अपने लंबे करियर में उन्होंने ट्रेंडिंग कंटेंट को वायरल बनाने के साथ-साथ राजनीति और उत्तराखंड की संस्कृति पर लिखने में विशेषज्ञता हासिल की है। वह सिर्फ एक कंटेंट क्रिएटर ही नहीं, बल्कि एक ऐसे शख्स हैं जो हमेशा कुछ नया सीखने और ख़ुद को बेहतर बनाने के लिए तत्पर रहते हैं। देश के कई प्रसिद्ध मैगजीनों में कविताएं और कहानियां लिखने के साथ ही वह कुमांऊनी गीतकार भी हैं अभी तक उनके लिखे गीतों को कुमांऊ के कई लोकगायक अपनी आवाज दे चुके है। फुर्सत के समय में उन्हें संगीत सुनना, किताबें पढ़ना और फोटोग्राफी पसंद है। वर्तमान में पहाड़ प्रभात डॉट कॉम न्यूज पोर्टल और पहाड़ प्रभात समाचार पत्र के एडिटर इन चीफ है।