Health Tips: क्या है पीरियड्स आने की सही उम्र, लड़कियों को जानकारी होनी जरूरी…

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Right Age of Periods: पीरियड्स, जिसे मासिक धर्म, रजोधर्म या मेंस्ट्रुअल साइकिल भी कहा जाता है, महिलाओं के जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. यह एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, जिसमें यूटरस की परत मासिक रूप से छूटती है और वजाइना से ब्लड के रूप में बाहर निकलती है. यह प्रक्रिया हर महीने 5 दिनों तक चलती है. आज भी महिलाओं में पीरियड्स को लेकर कंफ्यूजन रहता है. ज्यादातर महिलाएं इस बात से अनजान हैं कि आखिरकार पीरियड्स आने की सही उम्र क्या है? और पहली बार पीरियड्स के क्या लक्षण दिखाई देते हैं?

एक्सपर्ट्स की मानें तो किसी भी महिला में पीरियड्स आने की उम्र तय नहीं की जा सकती है. लड़कियों को हार्मोन, बॉडी स्ट्रक्चर और जीन्स के आधार पर पीरियड्स होते हैं. ज्यादातर लड़कियों को पहली बार पीरियड्स 10 से 15 साल की उम्र में होते हैं. वहीं कुछ को 16 से 18 साल के बीच में पीरियड्स आ जाते हैं, लेकिन कुछ लड़कियों के 9 साल की उम्र में यह प्रोसेस शुरू हो जाता है.

पहली बार पीरियड्स आने पर ज्यादातर लड़कियों को यह पता भी नहीं होता है कि यह क्या है और क्यों होता है? इसकी शुरूआत होने पर बॉडी को कुछ सिग्नल जैसे पैरों, अंडरआर्म और वजाइना पर बाल आना शामिल है. इसके अलावा पीरियड्स शुरू होने से पहले वजाइना से खून के छोटे थक्के निकलने लगते हैं. चेहरे पर अचानक पिंपल्स निकलना, सीने, पीठ और कमर में दर्द होने पर भी पीरियड्स आने की संभावना बढ़ जाती है. कब्ज और शरीर में थकान महसूस होना भी इसका संकेत देता है.

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एक्सपर्ट के अनुसार पहली बार पीरियड्स आने पर बहुत कम ब्लीडिंग होती है, जिसमें लाल और भूरे रंग के खून के धब्बे दिखाई देते हैं. समय के साथ हार्मोन स्टेबल होते हैं और पीरियड्स सर्कल रेगुलर हो जाता है. पहली बार पीरियड्स में 6 चम्मच के बराबर खून निकलता है. इस दौरान ज्यादा ब्लीडिंग होने पर घबराने की जरूरत नहीं होती है, लेकिन डॉक्टर से सलाह लेना बेहतरीन विकल्प है.

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पहाड़ प्रभात डैस्क

समाजशास्त्र में मास्टर की डिग्री के साथ (MAJMC) पत्रकारिता और जनसंचार में मास्टर की डिग्री। पत्रकारिता में 15 वर्ष का अनुभव। अमर उजाला, वसुन्धरादीप सांध्य दैनिक में सेवाएं दीं। प्रिंट और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म में समान रूप से पकड़। राजनीतिक और सांस्कृतिक के साथ खोजी खबरों में खास दिलचस्‍पी। पाठकों से भावनात्मक जुड़ाव बनाना उनकी लेखनी की खासियत है। अपने लंबे करियर में उन्होंने ट्रेंडिंग कंटेंट को वायरल बनाने के साथ-साथ राजनीति और उत्तराखंड की संस्कृति पर लिखने में विशेषज्ञता हासिल की है। वह सिर्फ एक कंटेंट क्रिएटर ही नहीं, बल्कि एक ऐसे शख्स हैं जो हमेशा कुछ नया सीखने और ख़ुद को बेहतर बनाने के लिए तत्पर रहते हैं। देश के कई प्रसिद्ध मैगजीनों में कविताएं और कहानियां लिखने के साथ ही वह कुमांऊनी गीतकार भी हैं अभी तक उनके लिखे गीतों को कुमांऊ के कई लोकगायक अपनी आवाज दे चुके है। फुर्सत के समय में उन्हें संगीत सुनना, किताबें पढ़ना और फोटोग्राफी पसंद है। वर्तमान में पहाड़ प्रभात डॉट कॉम न्यूज पोर्टल और पहाड़ प्रभात समाचार पत्र के एडिटर इन चीफ है।