हल्द्वानीः करोड़ों की जमीन खुर्द-बुर्द, शहर के बड़े नेता और बड़े व्यापारी समेत रसूखदारों को बेच दी दान की जमीन…

karodo ki bhumi dan m bechi
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Haldwani News: हल्द्वानी में जमीन की खुर्द-बुर्द को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। करीब 50 बीघा जमीन पर शहर के एक बड़े नेता और बड़े कारोबारी समेत कई लोगों ने खरीदी है। सूचना के अधिकार में इस बात का खुलासा हुआ है। यह खबर लगते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया। कारोबारी और नेता दोनों ने अपनी पत्नियों के नाम ये जमीन ली है।

गौलापार के देवला तल्ला पजाया में करोड़ों रुपये की सीलिंग की जमीन वर्ग 1-क (भूमिधरी) श्रेणी में दर्ज कर दी गई। यह सब अधिकारियों की मिलीभगत से हुआ। जिस व्यक्ति के नाम ये जमीन दर्ज हुई उसने इसे दूसरे व्यक्ति को दान कर दिया। दान लेने वाले ने भी शहर के सात रसूखदारों को ये जमीन बेच दी। अब डीएम ने सीडीओ के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम का गठन कर 10 दिन में जांच रिपोर्ट देने के लिए कहा है।

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सूचना के अधिकार में इस संबंध में खुलासा होने के बाद गौलापार निवासी आरटीआई कार्यकर्ता रविशंकर जोशी ने मंगलवार को पत्रकारों को यह जानकारी दी। जोशी ने कहा कि फरवरी 2016 में तत्कालीन अधिकारियों ने देवला तल्ला पजाया में 3.107 हेक्टेयर सीलिंग की भूमि वर्ग 1(क) श्रेणी में दर्ज कर करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान पहुंचाया। जिस व्यक्ति के नाम यह जमीन की गई, उसने बिना रक्त संबंधों के यह जमीन दूसरे व्यक्ति को दान में दी।

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दान में लेने वाले व्यक्ति ने शहर के सात रसूखदारों को जमीन बेच दी। इसमें से एक खरीदार तो जमीन दान देने वाले का ही बेटा है। उसने यह जमीन अपने पिता से न लेकर उस व्यक्ति खरीदी। जमीन खरीदने वालों में राजनीति में ऊंची पहुंच रखने वाले लोग और शहर के नामचीन व्यापारी शामिल हैं। शिकायत मिलने के बाद डीएम धीराज गर्ब्याल ने तीन सदस्यीय टीम गठित की है जिसमें सीडीओ, एडीएम और एसडीएम हल्द्वानी को नामित किया है। उन्होंने 10 दिनों के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

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आरटीआई कार्यकर्ता रवि शंकर जोशी ने बताया कि 1991 में जब यह जमीन सरकारी घोषित करने के आदेश हुए तो भू-स्वामी कोर्ट में चला गया। आरटीआई में खुलासा हुआ है कि डीएम कोर्ट में क्या आदेश हुए, केस कहां है, इसका कहीं उल्लेख नहीं किया गया है। हल्द्वानी। आईटीआई में मांगी गई सूचना में साफ है कि भू-स्वामी के पास जगतपुर, देवलातल्ला पजाया और कुंवरपुर में 10.519 हेक्टेयर वैध भूमि और देवला तल्ला पजाया में 6.285 हेक्टेयर अवैध रूप से कब्जे वाली भूमि थी।

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