स्वाभिमान

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अपनो का दिल बहलाने की खातिर
अपने दिल को दुखाया
जिन दोस्तो को दिल मे बसाया
उन्होने हमे क्यो आजमाया
दोस्ती दिल से रूह का अटूट बंधन
होती है।
दुख इस बात का है।
दोस्तो ने ही कठपुतली बनाना चाहा
मंजूर ना था जब हमे
आत्मा को मार कर स्वाभिमान को ठेस पहुंचाना। ।
उस दिन से खुद को भीड़ मे तन्हा पाया।
भीड़ मे अकेले, अकेले मे तूफान आया।।
हम संभल जाएगे , दोस्त दुख तेरे लिए है।
मेरी दोस्ती की सच्चाई तू देख न पाया।
निभाएगे दोस्ती मरते दम तक
माफ करना स्वाभिमान को मार कर हम न जी पाएगे।

रूपा चचरा, कटक उड़ीसा।

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पहाड़ प्रभात डैस्क

समाजशास्त्र में मास्टर की डिग्री के साथ (MAJMC) पत्रकारिता और जनसंचार में मास्टर की डिग्री। पत्रकारिता में 15 वर्ष का अनुभव। अमर उजाला, वसुन्धरादीप सांध्य दैनिक में सेवाएं दीं। प्रिंट और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म में समान रूप से पकड़। राजनीतिक और सांस्कृतिक के साथ खोजी खबरों में खास दिलचस्‍पी। पाठकों से भावनात्मक जुड़ाव बनाना उनकी लेखनी की खासियत है। अपने लंबे करियर में उन्होंने ट्रेंडिंग कंटेंट को वायरल बनाने के साथ-साथ राजनीति और उत्तराखंड की संस्कृति पर लिखने में विशेषज्ञता हासिल की है। वह सिर्फ एक कंटेंट क्रिएटर ही नहीं, बल्कि एक ऐसे शख्स हैं जो हमेशा कुछ नया सीखने और ख़ुद को बेहतर बनाने के लिए तत्पर रहते हैं। देश के कई प्रसिद्ध मैगजीनों में कविताएं और कहानियां लिखने के साथ ही वह कुमांऊनी गीतकार भी हैं अभी तक उनके लिखे गीतों को कुमांऊ के कई लोकगायक अपनी आवाज दे चुके है। फुर्सत के समय में उन्हें संगीत सुनना, किताबें पढ़ना और फोटोग्राफी पसंद है। वर्तमान में पहाड़ प्रभात डॉट कॉम न्यूज पोर्टल और पहाड़ प्रभात समाचार पत्र के एडिटर इन चीफ है।