हल्द्वानी के राकेश मिश्रा ने 14,600 फीट ऊंचे गौमुख-तपोवन ट्रैक को 3 दिन में किया पूरा

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Haldwani News: उत्तरकाशी जिले के अंतर्गत स्थित गंगोत्री नेशनल पार्क में 14,600 फीट की ऊंचाई पर स्थित कठिन श्रेणी के गौमुख-तपोवन ट्रैक को हल्द्वानी के कमलुआगांजा निवासी राकेश मिश्रा ने अपने साथियों के साथ सफलतापूर्वक पूरा कर लिया। सामान्यतः 4 से 5 दिनों में पूरा होने वाले इस ट्रैक को टीम ने मात्र 3 दिनों में पूरा कर एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की।

राकेश मिश्रा और उनकी टीम ने 8 जून को गंगोत्री से अपनी यात्रा शुरू की। पहले दिन टीम ने लगभग 14 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर भोजवासा कैंप साइट तक पहुंच बनाई। इस दौरान रास्ते में करीब एक किलोमीटर लंबे भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र को पार करना पड़ा, जहां टीम को काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा।

दूसरे दिन सुबह टीम भोजवासा से आगे बढ़ी और लगभग 7 किलोमीटर का ट्रैक तय कर तपोवन पहुंची। इस मार्ग में गौमुख भी शामिल है, जिसे हिंदू धर्म में मां गंगा का उद्गम स्थल माना जाता है। यहां से टीम ने भारत के दूसरे सबसे लंबे गंगोत्री ग्लेशियर के किनारे-किनारे आगे बढ़ते हुए लगभग 2.5 किलोमीटर की बेहद कठिन खड़ी चढ़ाई पार की। रास्ते में शिवलिंग पर्वत के आधार क्षेत्र से निकलने वाली आकाश गंगा नदी को पार करने के बाद टीम तपोवन पहुंची और अपने लक्ष्य को प्राप्त किया।

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तीसरे दिन सुबह टीम ने तपोवन से वापसी शुरू की। गौमुख में पवित्र स्नान करने के बाद बिना भोजवासा में रुके करीब 21 किलोमीटर की लंबी पैदल यात्रा कर सीधे गंगोत्री पहुंची। शाम को मां गंगा की आरती में शामिल होने के बाद गौमुख से लाया गया गंगाजल शिवालय में अर्पित किया गया और इसी के साथ तीन दिनों में ट्रैक सफलतापूर्वक पूरा हुआ।

इस अभियान में राकेश मिश्रा के साथ भीमताल निवासी तरुण, फर्रुखाबाद (उत्तर प्रदेश) के शिवेंद्र तथा दिल्ली निवासी सुनील और हेम शामिल रहे। नेपाल मूल के एवं वर्तमान में उत्तरकाशी स्थित शिवा एडवेंचर से जुड़े अनुभवी गाइड खेम बहादुर के मार्गदर्शन में दल ने शिवलिंग, भागीरथी समूह और मेरु जैसी 6000 मीटर से अधिक ऊंची हिमालयी चोटियों के मध्य स्थित इस चुनौतीपूर्ण ट्रैक को सफलतापूर्वक पूरा किया। राकेश मिश्रा की इस उपलब्धि से हल्द्वानी सहित पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। साहसिक पर्यटन और पर्वतारोहण के क्षेत्र में यह उपलब्धि युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन रही है।

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पहाड़ प्रभात डैस्क

समाजशास्त्र में मास्टर की डिग्री के साथ (MAJMC) पत्रकारिता और जनसंचार में मास्टर की डिग्री। पत्रकारिता में 15 वर्ष का अनुभव। अमर उजाला, वसुन्धरादीप सांध्य दैनिक में सेवाएं दीं। प्रिंट और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म में समान रूप से पकड़। राजनीतिक और सांस्कृतिक के साथ खोजी खबरों में खास दिलचस्‍पी। पाठकों से भावनात्मक जुड़ाव बनाना उनकी लेखनी की खासियत है। अपने लंबे करियर में उन्होंने ट्रेंडिंग कंटेंट को वायरल बनाने के साथ-साथ राजनीति और उत्तराखंड की संस्कृति पर लिखने में विशेषज्ञता हासिल की है। वह सिर्फ एक कंटेंट क्रिएटर ही नहीं, बल्कि एक ऐसे शख्स हैं जो हमेशा कुछ नया सीखने और ख़ुद को बेहतर बनाने के लिए तत्पर रहते हैं। देश के कई प्रसिद्ध मैगजीनों में कविताएं और कहानियां लिखने के साथ ही वह कुमांऊनी गीतकार भी हैं अभी तक उनके लिखे गीतों को कुमांऊ के कई लोकगायक अपनी आवाज दे चुके है। फुर्सत के समय में उन्हें संगीत सुनना, किताबें पढ़ना और फोटोग्राफी पसंद है। वर्तमान में पहाड़ प्रभात डॉट कॉम न्यूज पोर्टल और पहाड़ प्रभात समाचार पत्र के एडिटर इन चीफ है।