पहाड़ का सावन…

खबर शेयर करें

खिल रहा है गुलबहार
बेल लिपट रही है ठांगरे से
खिल रहे हैं फूल-फूल्यड़ पीले- हरे
डलिया फांटौ में सिमट रही है
दूर तक फैले धार-इजरों की हरी घास
घस्यारी गा रही है विरह के गीत दूर कहीं
जंगल में नचाता मदमस्त मोर पांख फैलाये
कहाँ समझता है पीर विरहणी की

घुमड़ते बादलों से भीगता वो पर्वत
फैला है रक्तपिपासु जोंकों का कहर
मेढ़क टरटराते फुदक रहे हैं हर तरफ
ज्योँ माननीय कर रहे हो चुनाव प्रचार
गनेल की तरह व्यवस्थापक- संचालक
लिपट रहे हैं हरे- हरे पात पतेलों पर
मच्छरों के साथ हो रहा खूनी संघर्ष
झिंगुर तोड़ रहा सन्नाटा बोझिल रातों का

उफनती नदियों का वेग मचा रहा हाहाकार
गाड़-गधेरों की भी कम नहीं रफ्तार
बह रही है मिट्टी खेतों-सेरों- स्यारों से
चटक रही है युगों की निर्मित शैल संरचनाएँ
सरक -दरक रहे ये पहाड़
मलवे के ढेर से पटी है घुमावदार सड़कें
फटते बादलों से आतंकित गावँ- बाखलियाँ
कैसे गाए कोई दीवाना भला इन वादियों में
आया है सावन झूम के यहाँ

यह भी पढ़ें 👉  नैनीताल: घास लेने गई महिला को गुलदार ने बनाया निवाला

खरक -खत्तों की तरफ जा रहे ग्वाले
घट-घराटों में चल रहा है अनाजों का पिसान
शिवालयों में हो रहा पार्थिव पूजन-नमन-वंदन
आ रहे मेले त्योहार चल रहे भजन कीर्तन
आपदाओं विपदाओं से सहमे पहाड़
बनते हैं फिर जीवटता की मिशाल
रोपे जा रहे हैं बाँज-तिलोंज-देवदार
नयी उम्मीद की फूटेगी फिर नयी सीर कोई
निकलेगी फिर कोई नयी गंगा हिमाल से

यह भी पढ़ें 👉  चमोली: श्री बदरीनाथ धाम मास्टर प्लान की समीक्षा, मुख्यमंत्री धामी ने दिए सख्त निर्देश

भगवती प्रसाद जोशी
अल्मोड़ा/नैनीताल, उत्तराखंड

ADVERTISEMENTSAd Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad

पहाड़ प्रभात डैस्क

समाजशास्त्र में मास्टर की डिग्री के साथ (MAJMC) पत्रकारिता और जनसंचार में मास्टर की डिग्री। पत्रकारिता में 15 वर्ष का अनुभव। अमर उजाला, वसुन्धरादीप सांध्य दैनिक में सेवाएं दीं। प्रिंट और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म में समान रूप से पकड़। राजनीतिक और सांस्कृतिक के साथ खोजी खबरों में खास दिलचस्‍पी। पाठकों से भावनात्मक जुड़ाव बनाना उनकी लेखनी की खासियत है। अपने लंबे करियर में उन्होंने ट्रेंडिंग कंटेंट को वायरल बनाने के साथ-साथ राजनीति और उत्तराखंड की संस्कृति पर लिखने में विशेषज्ञता हासिल की है। वह सिर्फ एक कंटेंट क्रिएटर ही नहीं, बल्कि एक ऐसे शख्स हैं जो हमेशा कुछ नया सीखने और ख़ुद को बेहतर बनाने के लिए तत्पर रहते हैं। देश के कई प्रसिद्ध मैगजीनों में कविताएं और कहानियां लिखने के साथ ही वह कुमांऊनी गीतकार भी हैं अभी तक उनके लिखे गीतों को कुमांऊ के कई लोकगायक अपनी आवाज दे चुके है। फुर्सत के समय में उन्हें संगीत सुनना, किताबें पढ़ना और फोटोग्राफी पसंद है। वर्तमान में पहाड़ प्रभात डॉट कॉम न्यूज पोर्टल और पहाड़ प्रभात समाचार पत्र के एडिटर इन चीफ है।