हल्द्वानी: कृषि की नई तकनीक सीखेंगे युवा, पंत विवि और स्किल टू स्केल”कौलिब्री फाउंडेशन के बीच हुआ MOU…

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PAHAD PRABHAT HALDWANI NEWS: उत्तराखंड के युवाओं को अधिक से अधिक कृषि के क्षेत्र में जोड़ने के लिए पंतनगर विश्वविद्यालय और स्किल टू स्केल”कौलिब्री फाउंडेशन द्वारा पोषित, पार्टनर्स इन प्रोस्पेरिटी की एक महत्वाकांक्षी परियोजना के बीच एमओयू हुआ । जिससे कि उत्तराखंड के युवाओं को कृषि के क्षेत्र में नई तकनीकी से जुड़ा जाए, उत्तराखंड के युवाओं को रोजगार परक बनाने के लिए संस्था द्वारा आज हल्द्वानी में आयोजित एक कार्यक्रम में विश्वविद्यालय और कंपनी द्वारा गोष्टी का कार्यक्रम भी आयोजित किया गया ।

स्किल टू स्केल तेजी से बढ़ते प्रव्रजन की चुनौतियों और ग्राम स्तर पर रोजगार की कमी का सामना करने, एक सकारात्मक और कार्य उन्मुख परियोजना है। यह परियोजना स्थानीय युवाओं की क्षमता विकास कर उन्हें उद्यमिता विकसित करने की प्रेरणा देगा और साथ ही लोगों और प्रकृति के बीच एक सकारात्मक सम्बन्ध स्थापित करेगा। पार्टनर्स इन प्रोस्पेरीटी, आने वाले दिनों में एक ऐसी पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने की दृष्टी रखता हैं, जहाँ आगामी पीढ़ी स्वेक्षा से कृषि को व्यवसाय के रूप में चुने और लम्बे समय से उत्तराखंड के वीरान और परित्यक्त गाँवों को लौट सकें।

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उत्तराखंड की “स्किल टू स्केल”, कौलिब्री फाउंडेशन द्वारा पोषित, पार्टनर्स इन प्रोस्पेरिटी की एक महत्वाकांक्षी परियोजना है जो युवाओं को कृषि सम्बंधित सार्थक व्यवसायों और दक्षताओं में पारंगत कर, स्थानीय स्तर पर रोज़गार प्राप्त करने, उद्यमी बनने में उचित सहयोग करेगी । प्रव्रजन के अधिकाँश मामलों में बेहतर रोज़गार के अवसर की खोज, युवाओं को बड़े शहरों की ओर ले जा रही है जिससे ग्रामीण क्षेत्रों का विकास थम सा गया है क्योंकि युवा अपने गावों में रहते हुए अपने बेहतर भविष्य की परिकल्पना कर पाने में अपने आप को असमर्थ पाते हैं। वैज्ञानिक और आधुनिक तकनीकों की जानकारी ग्रामीणों को अपनी क्षमताओं को पहचानने, स्वयं को आत्म स्थाई इकाई के रूप में विकसित करने और जिम्मेदारी के बोध के साथ विकास की राह पर अग्रसर होने में मदद करेंगे।

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पार्टनर्स इन प्रोस्पेरिटी ने गत वर्ष (ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से) 1250 युवाओं को जिसमे 812 महिलाएं शामिल है, जैविक कृषि, ट्रेक्टर चालन, वेल्डिंग, प्लंबिंग, एवं अन्य विधाओं में व्यायसायिक प्रशिक्षण दिया हैं। संस्था का ध्यान कृषि क्षेत्र संबंधित व्यवसायों जैसे नर्सरी प्रबंधन, वृक्षारोपण, बीज संरक्षण, कृमि खाद निर्माण इत्यादि पर केन्द्रित करना है जिससे वर्तमान की आवश्यकताओं की पूर्ति की जा सकें। स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षित कर उन्हें उचित शासकीय योजनाओं से जोड़ अनुवृत्ति और बाज़ार उन्मुखीकरण के माध्यम से उद्यमी बनाना प्रमुख उद्देश्य है।

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वर्ष 2022 के अंत तक पार्टनर्स इन प्रोस्पेरिटी 600 से अधिक स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षित कर 50 युवाओं को सफल उद्यमी बनाने में, कौलिब्री फाउंडेशन, बेल्जियम के सहयोग से, मदद करेगा। इस मुहीम में हम कॉर्पोरेट सेक्टर से अपील करते हैं की वे भी आगे आयें और इस पहल में अपनी सार्थक भूमिका निभाएं | कौलिब्री फाउंडेशन की अलीज़ी दुबस के अनुसार. “ उचित लक्षित पहल, निवेश और सहयोग उपलब्ध कराकर हम युवाओं को अपने जीवन के निर्णयों को स्वयं लेने में मदद करेंगे। यह स्थिति उन युवाओं, उनके परिवारों, क्षेत्र के आर्थिक उन्नति और टिकाऊ विकास को सकारात्मक रूप से प्रभावित करेंगी। पार्टनर्स इन प्रोस्पेरिटी के सहयोग से आरम्भ की गयी यह परियोजना ग्रामीण युवाओं में, कृषि एवं ग्रामीण सेवाओं के क्षेत्र में कौशल विकास के माध्यम से नयी संभावनाओं का संचार करेगा। इस साझेदारी में हम अपने साथी पार्टनर्स इन प्रोस्पेरिटी की विशेषज्ञता और व्यवसायिक दृष्टिकोण की क़द्र करते हैं।

इस अवसर पर जीबी पंत यूनिवर्सिटी पंतनगर के कुलपति ने बताया कि उन्होंने आज के युवाओं की मदद करने को विभिन्न तकनीकें और प्रशिक्षण माड्यूल विकसित किये हैं जिससे आज का युवा खेती में अपने सार्थक जुड़ाव को तलाश सके | पार्टनर्स इन प्रोस्पेरिटी CEO नरेश चौधरी ने जाहिर किया कि आज का युवा वर्ग खेती के व्यवसाय को आकर्षक नहीं मानता और शहर जाकर कमाई करना चाहता है।

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स्किल टू स्केल अभियान से हम इसका मुकाबला करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। खेती में अपार संभावनाएं हैं और उभरती तकनीकों के सहयोग से इसे उद्यमिता के तौर पर स्थापित किया जा सकता है। देश भर के युवा पीढ़ी में हम इस सन्देश को बढ़ावा देना चाहेंगे। यदि आप हमारी परियोजना से जुड़ना चाहते हैं तो संजय शाह के साथ पार्टनर्स इन प्रोस्पेरिटी (PnP) एक अलाभकारी संस्था से रूप में पंजीकृत है जिनका मुख्यालय नयी दिल्ली में, एवं इसके कैंप ऑफिस तेलंगाना, विशाखापटनम, आंध्र प्रदेश एवं जिला नैनीताल, उत्तराखंड में स्थित हैं

इनके आपूर्ति श्रंखला, सामाजिक एवं वातावरण विशेषज्ञ 14 से अधिक राज्यों में सुनिश्चित करते हैं की व्यापार की वस्तुएं जिम्मेदारीपूर्ण तरीके से ग्रहण की जाएँ जिसमे वातावरण और लोगों का पूरा ध्यान रखा जाये। इस मौके पर धीरेंद्र तिवारी, संजय शाह, सावन नेगी, खुर्रम परवेश और पीएनपी कर्मचारी मौजूद रहे, जबकि इवेंट को सफल बनाने मे ब्रदर्स एसोसिएट ने अहम भूमिका निभाई।

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पहाड़ प्रभात डैस्क

समाजशास्त्र में मास्टर की डिग्री के साथ (MAJMC) पत्रकारिता और जनसंचार में मास्टर की डिग्री। पत्रकारिता में 15 वर्ष का अनुभव। अमर उजाला, वसुन्धरादीप सांध्य दैनिक में सेवाएं दीं। प्रिंट और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म में समान रूप से पकड़। राजनीतिक और सांस्कृतिक के साथ खोजी खबरों में खास दिलचस्‍पी। पाठकों से भावनात्मक जुड़ाव बनाना उनकी लेखनी की खासियत है। अपने लंबे करियर में उन्होंने ट्रेंडिंग कंटेंट को वायरल बनाने के साथ-साथ राजनीति और उत्तराखंड की संस्कृति पर लिखने में विशेषज्ञता हासिल की है। वह सिर्फ एक कंटेंट क्रिएटर ही नहीं, बल्कि एक ऐसे शख्स हैं जो हमेशा कुछ नया सीखने और ख़ुद को बेहतर बनाने के लिए तत्पर रहते हैं। देश के कई प्रसिद्ध मैगजीनों में कविताएं और कहानियां लिखने के साथ ही वह कुमांऊनी गीतकार भी हैं अभी तक उनके लिखे गीतों को कुमांऊ के कई लोकगायक अपनी आवाज दे चुके है। फुर्सत के समय में उन्हें संगीत सुनना, किताबें पढ़ना और फोटोग्राफी पसंद है। वर्तमान में पहाड़ प्रभात डॉट कॉम न्यूज पोर्टल और पहाड़ प्रभात समाचार पत्र के एडिटर इन चीफ है।