हल्द्वानीः पारंपरिक रंग और आधुनिक संगीत का संगम, कुमाऊँनी गीत ‘चूड़ी कंगना’ रिलीज़

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Haldwani News: कुमाऊँनी लोकसंगीत प्रेमियों के लिए एक खुशखबरी सामने आई है। पारंपरिक रंग, संस्कृति और आधुनिक संगीत के सुंदर संगम से सजा धमाकेदार कुमाऊँनी गीत ‘चूड़ी कंगना’ इन दिनों खूब चर्चा में है। इस गीत ने रिलीज़ होते ही श्रोताओं के दिलों में खास जगह बना ली है और सोशल मीडिया से लेकर पहाड़ के गांवों तक इसकी गूंज सुनाई दे रही है।

गीत को अपनी सुरीली और दमदार आवाज़ से सजाया है सुप्रसिद्ध कुमाऊँनी गायक इंद्रर आर्या ने। इंद्रर आर्या की गायकी में जहां पहाड़ की मिट्टी की खुशबू महसूस होती है, वहीं भावनाओं की गहराई भी श्रोताओं को सीधे जोड़ लेती है। गीत के बोल राजा चंदोला ने लिखे हैं, जिन्होंने कुमाऊँ की लोकसंस्कृति, आभूषणों और रिश्तों की भावनात्मक मिठास को शब्दों में बखूबी पिरोया है। ‘चूड़ी कंगना’ के बोल सरल, मधुर और लोकभावना से भरपूर हैं, जो हर उम्र के श्रोता को आकर्षित करते हैं।

गीत का संगीत असीम मंगोली ने तैयार किया है। उनका संगीत पारंपरिक कुमाऊँनी लोकधुनों और आधुनिक वाद्य यंत्रों का शानदार मिश्रण है, जो गीत को सुनते ही झूमने पर मजबूर कर देता है। संगीत की धुन इतनी कर्णप्रिय है कि यह गीत बार-बार सुनने की इच्छा जगाता है।

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इस खूबसूरत प्रस्तुति को हुड़की प्रोडक्शन के बैनर तले तैयार किया गया है, जिसके प्रोड्यूसर पृथ्वी राज सिंह बोरा हैं। उन्होंने स्थानीय कलाकारों और संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास किया है। ‘चूड़ी कंगना’ न केवल एक गीत है, बल्कि यह कुमाऊँ की लोकसंस्कृति, परंपराओं और संगीत की समृद्ध विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम भी बन रहा है। कुल मिलाकर, ‘चूड़ी कंगना’ कुमाऊँनी संगीत जगत में एक यादगार और धमाकेदार प्रस्तुति साबित हो रही है, जिसे श्रोताओं का भरपूर प्यार मिल रहा है।

पहाड़ प्रभात डैस्क

समाजशास्त्र में मास्टर की डिग्री के साथ (MAJMC) पत्रकारिता और जनसंचार में मास्टर की डिग्री। पत्रकारिता में 15 वर्ष का अनुभव। अमर उजाला, वसुन्धरादीप सांध्य दैनिक में सेवाएं दीं। प्रिंट और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म में समान रूप से पकड़। राजनीतिक और सांस्कृतिक के साथ खोजी खबरों में खास दिलचस्‍पी। पाठकों से भावनात्मक जुड़ाव बनाना उनकी लेखनी की खासियत है। अपने लंबे करियर में उन्होंने ट्रेंडिंग कंटेंट को वायरल बनाने के साथ-साथ राजनीति और उत्तराखंड की संस्कृति पर लिखने में विशेषज्ञता हासिल की है। वह सिर्फ एक कंटेंट क्रिएटर ही नहीं, बल्कि एक ऐसे शख्स हैं जो हमेशा कुछ नया सीखने और ख़ुद को बेहतर बनाने के लिए तत्पर रहते हैं। देश के कई प्रसिद्ध मैगजीनों में कविताएं और कहानियां लिखने के साथ ही वह कुमांऊनी गीतकार भी हैं अभी तक उनके लिखे गीतों को कुमांऊ के कई लोकगायक अपनी आवाज दे चुके है। फुर्सत के समय में उन्हें संगीत सुनना, किताबें पढ़ना और फोटोग्राफी पसंद है। वर्तमान में पहाड़ प्रभात डॉट कॉम न्यूज पोर्टल और पहाड़ प्रभात समाचार पत्र के एडिटर इन चीफ है।