हल्द्वानी: सुशीला तिवारी में डिलवरी के बाद नवजात की मौत, पहाड़ से आये परिजनों ने काटा हंगामा…

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Haldwani News: हमेशा विवादों में सुशीला तिवारी अस्पताल एक बार फिर सुर्खियों में आ गया। जहाँ इलाज ने मिलने पर एक नवजात की मौत हो गई। आरोप है कि कई बार बच्चे का स्वास्थ्य खराब होने पर चिकित्सक को बुलाने का अनुरोध किया गया था। लेकिन कोई भी चिकित्सक देखने के लिए नहीं पहुंच। जिसके बाद स्वजनों ने जमकर हंगामा किया। इस मामले में अस्पताल प्रबंधन ने लिखित शिकायत मिलने पर जांच का आश्वासन दिया है।

जानकारी के अनुसार रानीखेत निवासी दीपा मेहरा डिलीवरी के लिए पहले रानीखेत अस्पताल पहुंची थीं। जहाँ डाक्टर ने बच्चे के मुंह में गंदगी जाने की बात कहकर बच्चे को हायर सेंटर ले जाने को कहा। विगत 15 सितंबर को महिला को हायर सेंटर रेफर कर दिया। परिजन दीपा को लेकर तीन बजे सुशीला तिवारी अस्पताल पहुंचे। इमरजेंसी में डाक्टरों ने जांच कर स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में भेज दिया। जहाँ डाक्टर ने नॉर्मल डिलीवरी की बात कही। शाम छह बजे नार्मल डिलीवरी हो गई।

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महिला के रिश्तेदार रीता बोरा का कहना है कि तब डाक्टर ने बताया था कि बच्चा स्वस्थ है। एनआइसीयू की जरूरत नहीं है। वैसे भी बच्चा स्वस्थ लग रहा था। रीता ने आरोप लगाया कि 17 की शाम से ही बच्चे का मूवमेंट कम हो गया। इसके बाद वह डाक्टर को बुलाने की गुहार लगाते रहे। आज सुबह भी जब छह बजे वह पहुंची और जब हल्ला मचाया तो एक कर्मचारी पहुंचा। जब बच्चे को देखा तो कह दिया गया कि बच्चे की मौत हो गई है। हमने फिर डाक्टर को बुलाने का अनुरोध किया, लेकिन नहीं बुलाया।

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उन्होंने आरोप लगाया कि नवजात की मौत में अस्पताल की घोर लापरवाही हुई है। परिजनों ने कर्मचारियों को खरी-खोटी भी सुनाई। इस मामले में प्राचार्य प्रो. अरुण जोशी ने का कहना है कि घटना के बारे में जानकारी मिली है। परिजनों ने लिखकर देते हैं तो मामले की जांच कराई जाएगी। इसमें जो भी दोषी मिलेगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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