5 जून पर विशेष: प्रकृति पर्यावरण

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अहा! ईश्वर ने प्रकृति को कितना सुन्दर बनाया है,
इस प्रकृति ने हम सबको लुभाया है।
कल-कल,छल-छल नदियां बहती,
डाल-डाल पर चिडिय़ा चहकती
हरे-भरे वृक्ष सबके मन को हरते,
हम सबके मन में खुशियां भरते।
रंग-बिरंगे फूलों से भी घाटियां,
वाह! कितनी सुन्दर है, प्रकृति की वादियां वाह…
जीव-जन्तु इसकी शोभा बढ़ाते है,
पर्यावरण को भी ये बचाते हैं,
इसके विशाल पर्वत प्रहरी जैसे
दुश्मन हमला करेगा हम पर कैसे?
शस्य श्यामल सब खेत खलिहान,
प्रकृति ने दिया है, ये अनुपम वरदान प्रकृति…
वाह! कितनी सुन्दर इसमें विकृृति
करो मत तुम इसका विनाश,
रूक जायेगा देश का विकास, रूक…
जीव-जन्तु और वृक्ष सब इसके श्रृंगार,
करो न इन पर तुम अत्याचार करो…
जन-जन को बतलाना है,
हमें प्रकृति को बचाना है,
ईश्वर की यह कृति महान
करें हम इसका सम्मान, करे…
भगवती धपोला
प्रवक्ता अंग्रेजी, राइंका लालकुआं जिला नैनीताल

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पहाड़ प्रभात डैस्क

समाजशास्त्र में मास्टर की डिग्री के साथ (MAJMC) पत्रकारिता और जनसंचार में मास्टर की डिग्री। पत्रकारिता में 15 वर्ष का अनुभव। अमर उजाला, वसुन्धरादीप सांध्य दैनिक में सेवाएं दीं। प्रिंट और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म में समान रूप से पकड़। राजनीतिक और सांस्कृतिक के साथ खोजी खबरों में खास दिलचस्‍पी। पाठकों से भावनात्मक जुड़ाव बनाना उनकी लेखनी की खासियत है। अपने लंबे करियर में उन्होंने ट्रेंडिंग कंटेंट को वायरल बनाने के साथ-साथ राजनीति और उत्तराखंड की संस्कृति पर लिखने में विशेषज्ञता हासिल की है। वह सिर्फ एक कंटेंट क्रिएटर ही नहीं, बल्कि एक ऐसे शख्स हैं जो हमेशा कुछ नया सीखने और ख़ुद को बेहतर बनाने के लिए तत्पर रहते हैं। देश के कई प्रसिद्ध मैगजीनों में कविताएं और कहानियां लिखने के साथ ही वह कुमांऊनी गीतकार भी हैं अभी तक उनके लिखे गीतों को कुमांऊ के कई लोकगायक अपनी आवाज दे चुके है। फुर्सत के समय में उन्हें संगीत सुनना, किताबें पढ़ना और फोटोग्राफी पसंद है। वर्तमान में पहाड़ प्रभात डॉट कॉम न्यूज पोर्टल और पहाड़ प्रभात समाचार पत्र के एडिटर इन चीफ है।