उत्तराखंड: मिस्त्री के बेटे ने रच दिया इतिहास, गरुड़ के पंकज परिहार बने सेना में लेफ्टिनेंट

Pahad Prabhat News Bageshwar: कहते है ना प्रतिभा किसी की मोहताज नही होती। यह पहाड़ के बेटे ने साबित कर दिया। उसने मेहनत से माता-पिता के साथ ही गांव का नाम रोशन किया है। पहाड़ से कई प्रतिभाएं उभरकर सामनेे आ रही है। विगत दिनों कई युवा सेना का अंग बन बड़े-बड़े पदों पर विराजमान हुए है। इसमें बेटियां भी शामिल है। अब बागेश्वर जिले के गरूड़ के छोटे से गांव में मिस्त्री के बेटे ने सेना में लेफ्टिनेंट उत्तराखंड का नाम रोशन किया। बेटे की सफलता पर परिवार ही नहीं पूूरा गांव झूम उठा। गरीबी में पले-बढ़े बेटे ने सेना में शामिल होकर इतिहास रच दिया।
चेन्नई में आयोजित पासिग आउट परेड में गरूड़ के बूंगा गांव निवासी पंकज परिहार भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बन गए हैं। पंकज के लेफ्टिनेंट बनने पर गांव में खुशी का माहौल है। ग्रामीण पंकज की इस उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहे हैं। गरीब के बेटेे ने गांव का नाम रोशन कर कई युवाओं को प्रेरणा दी है कि मेहनत के दम पर कोई भी बड़ा पद पाया जा सकता है। पंकज अपने माता-पिता के इकलौते पुत्र हैं।

बेटे के सेना में लेफ्टिनेंट बनने पर माता-पिता भावुक हो गये। पंकज के पिता भगवत सिंह परिहार मिस्त्री का काम करते हैं जबकि माता राधा देवी गृहिणी है। पंकज की तीन बहनें हैं। एक मिस्त्री के बेटे के लेफ्टिनेंट बनने पर पूरा गांव गौरवांवित है। पंकज ने सेंटर स्कूल ग्वालदम से कक्षा पांच पास किया। उसके बाद वह अपनी मौसी के साथ लखनऊ चले गए। वहां सेंटर स्कूल से उन्होंने 10 और 12वीं की परीक्षा पास की। पिता ने बताया कि कोरोना के कारण वह पासिग आउट परेड में शामिल नहीं हो सके। पिता ने बताया कि उनका बेटा घर आने वाला है।