HEALTH TIPS: बच्चों में वायरल बुखार, जानें इसके लक्षण और बचाव के उपाय

खबर शेयर करें

Viral Fever Symptoms:  मॉनसून यानी बारिश के महीने में बुखार होना आम बात हो जाती है. इस मौसम में सबसे ज्यादा वायरल फीवर की चपेट में लोग आते हैं. लेकिन वायरल फीवर से ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं,   जिसकी वजह से डेंगू, मलेरिया समेत वायरल फीवर जैसी बीमारियां भी हो सकती हैं। ऐसे में जुलाई से सितंबर के महीने में बहुत अधिक सावधानी बरतने की जरूरत होती है।

  1. गले में दर्द
  2. सिर दर्द
  3. जोड़ों में दर्द
  4. सिर का तेज गर्म होना
  5. अचानक से तेज बुखार जो समय-समय पर आता जाता रहे
  6. खांसी
  7. आंखों का लाल होना
  8. उल्टी या मतली
  9. बेहद थकान
  10. दस्त

बचाव के घरेलू नुस्‍खे-
1 हल्दी और सौंठ का पाउडर- सौंठ यानी कि अदरक का पाउडर और अदरक में होते है फीवर को ठीक करने वाले गुण। इसलिए एक चम्मच काली मिर्च के चूर्ण में एक छोटी चम्मच हल्दी, एक चम्मच सौंठ का चूर्ण और थोड़ी सी चीनी मिलाएं। अब इसे एक कप पानी में डालकर गर्म करें, फिर ठंडा करके पिएं।

Ad Ad

2 तुलसी – तुलसी में एंटीबायोटिक गुण होते हैं जिससे शरीर के अंदर के वायरस खत्म होते हैं। इसलिए एक चम्मच लौंग के चूर्ण में 10-15 तुलसी के ताजे पत्तों को मिलाएं। अब इसे 1 लीटर पानी में डालकर इतना उबालें जब तक यह सूखकर आधा न हो जाए। अब इसे छानें और ठंडा करके हर 1 घंटे में पिएं।

3 धनिये की चाय पिएं- धनिये में कई औषधीय गुण होते हैं। इसकी चाय बनाकर पीने से भी वायरल में जल्द आराम मिलता है।

4 मेथी का पानी पिएं- एक कप मेथी के दानों को रातभर भिगों लें और सुबह इसे छानकर हर एक घंटे में पिएं।

5 नींबू और शहद- नींबू का रस और शहद भी वायरल फीवर के असर को कम करते हैं। आप शहद और नींबू का रस का सेवन भी कर सकते हैं।

ADVERTISEMENTSAd Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad

पहाड़ प्रभात डैस्क

समाजशास्त्र में मास्टर की डिग्री के साथ (MAJMC) पत्रकारिता और जनसंचार में मास्टर की डिग्री। पत्रकारिता में 15 वर्ष का अनुभव। अमर उजाला, वसुन्धरादीप सांध्य दैनिक में सेवाएं दीं। प्रिंट और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म में समान रूप से पकड़। राजनीतिक और सांस्कृतिक के साथ खोजी खबरों में खास दिलचस्‍पी। पाठकों से भावनात्मक जुड़ाव बनाना उनकी लेखनी की खासियत है। अपने लंबे करियर में उन्होंने ट्रेंडिंग कंटेंट को वायरल बनाने के साथ-साथ राजनीति और उत्तराखंड की संस्कृति पर लिखने में विशेषज्ञता हासिल की है। वह सिर्फ एक कंटेंट क्रिएटर ही नहीं, बल्कि एक ऐसे शख्स हैं जो हमेशा कुछ नया सीखने और ख़ुद को बेहतर बनाने के लिए तत्पर रहते हैं। देश के कई प्रसिद्ध मैगजीनों में कविताएं और कहानियां लिखने के साथ ही वह कुमांऊनी गीतकार भी हैं अभी तक उनके लिखे गीतों को कुमांऊ के कई लोकगायक अपनी आवाज दे चुके है। फुर्सत के समय में उन्हें संगीत सुनना, किताबें पढ़ना और फोटोग्राफी पसंद है। वर्तमान में पहाड़ प्रभात डॉट कॉम न्यूज पोर्टल और पहाड़ प्रभात समाचार पत्र के एडिटर इन चीफ है।