हल्द्वानीः पांच दिन बाद हुआ महिला का अंतिम संस्कार, जमीन के लालच में एक बोला मैं पति हूं तो दूसरा बोला मैं बेटा, दोनों का दावा निकला झूठा…

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Haldwani News: हल्द्वानी में गजब का मामला देखने को मिला। जहां मृतक महिला की प्रोपटी को पाने के लिए पांच दिन प्रशासन उलझा रहाह। खुद को मृतक के परिजन बताने वाले सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय में जद्दोजहद करते रहे, लेकिन कोई भी प्रमाण नहीं दिखा सका। इतने नातेदार सामने आने के पीछे वृद्धा की 18 बीघा जमीन का मालिक बनने की मंशा बताई जा रही है। आगे पढ़िये…

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दो दिन तक दस्तावेजों के भौतिक सत्यापन में पति और बेटे दोनों का दावा झूठा निकला। जो पति खुद को राजू डैनियल बता रहा था। मैरिज सार्टिफिकेट में पति का नाम डेनिस यूनुस मसीह निकला। जिसके बाद शनिवार को पुलिस ने मजिस्ट्रेट आदेश पर शव की अंत्येष्टि कर दी।

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पूरा मामला नैनीताल रोड प्रेम कुटीर काठगोदाम हल्द्वानी निवासी 59 साल की पूनम अलका सिंह का हैं जिसका विगत आठ नवंबर को बीमारी के चलते मौत हो गई थी। अंत्येष्टि को लेकर पहले बेटे सन्नी व केयर टेकर पदमा देवी ने दावा किया था। दोनों के बीच हंगामा होने पर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम हाउस में लाकर डीप फ्रिजर में रखवा दिया था। मृतक पूनम अलका सिंह पुत्री प्रवीण चंद्र सिंह 18 बीघा जमीन की मालकिन थीं।

नौ नवंबर को राजू डेनियल ने पंजाब से पहुंचकर अंत्येष्टि करने का दाव ठोक दिया। उसका कहना था कि पूनम से उसकी शादी 1994 में हुई। शादी के काफी समय तक दोनों साथ रहे और बाद में नौकरी के लिए पंजाब चले गए थे। वहीं बेटे का कहना था कि उनके पिता ने पूनम अलका से दूसरी शादी की थी। पूनम से शादी के तीन माह बाद पिता हत्या कर दी गई। वह पहली मां के बेटे हैं। इसलिए सौतेली मां के अंत्येष्टि की जिम्मेदारी उनकी होती है।

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सिटी मजिस्ट्रेट इन पक्षों को सुन रही थी। मामला सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह के समक्ष पहुंच गया। दस्तावेजों से यह सामने आना था कि पूनम अलका का असली वारिस आखिर है कौन। सिटी मजिस्ट्रेट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद पुलिस के माध्यम से दस्तावेज तलब किए थे। शनिवार को दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन हुआ। इसमें न तो राजू पति होने का प्रमाण दे सका और न ही सन्नी बेटा होने का सबूत।

सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन के आधार पर इस निष्कर्ष पर पहुंची कि पूनम अलका सिंह के पास इसाई धर्म की सदस्यता का प्रमाण पत्र है और शादी के बाद वह इसाई धर्म के रीति-रिवाजों के अनुसार जीवनव्यापन कर रही थी। एसओ प्रमोद पाठक ने बताया कि आदेश के क्रम में लाश की अंत्येष्टि की गई।

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अंत्येष्टि को लेकर मैं-मैं करने वाले बेटे ने शनिवार को मां की अंत्येष्टि से दूरी बना ली। एसआई महेंद्र राज सिंह ने बताया कि सिटी मजिस्ट्रेट ने अंत्येष्टि में किसी के भी शामिल होने के आदेश दिए थे। लेकिन मुख्य काम पादरी को करना था। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद वृद्धा के अंत्येष्टि हुई। इस दौरान पति तो मौजूद रहे, लेकिन बेटे ने दूरी बनाई।

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पहाड़ प्रभात डैस्क

संपादक - जीवन राज ईमेल - [email protected]

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