जीएसटी अपील अधिकरण (GSTAT) देहरादून बेंच के सदस्यों ने कार्यभार किया ग्रहण

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  • जीएसटी अपील अधिकरण (GSTAT) CGST एवं SGST दोनों की राजस्व सुरक्षा करता है
  • जीएसटी अपील अधिकरण (GSTAT) के सदस्यों द्वारा प्रिसिंपल बेंच के साथ एक वेबिनॉर का आयोजन हुआ
  • GSTAT विरोधी व्याख्याओं को रोककर कर प्रशासन में एकरूपता एवं पारदर्शिता लाता है तथा कर, ब्याज, जुर्माने के उचित बंटवारे को सुनिश्चित करता है

बुधवार को जीएसटी अपील अधिकरण – GSTAT की देहरादून बेंच पूर्ण रूप से कार्यरत हुई। बेंच के सदस्य आनंद शाह, सदस्य (तकनीकी – केंद्रीय), राजेश जैन, सदस्य (न्यायिक), तथा नरेश कत्याल, सदस्य (न्यायिक) ने औपचारिक रूप से कार्यभार ग्रहण कर लिया गया है। इस मौके पर केंद्रीय वस्तु एवं सेवाकर आयुक्तालय, देहरादून तथा राज्य जीएसटी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी भी मौजूद रहे। इसके अतिरिक्त जीएसटी अपील अधिकरण (GSTAT) के सदस्यों द्वारा प्रिसिंपल बेंच के साथ एक वेबिनॉर का भी आयोजन हुआ।

यह कदम जीएसटी व्यवस्था में विवाद समाधान की प्रक्रिया को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। जीएसटी अपील अधिकरण (GSTAT) CGST एवं SGST दोनों की राजस्व सुरक्षा करता है तथा जीएसटी में निष्पक्ष, संतुलित विवाद समाधान प्रदान करता है। सहकारी संघवाद पर आधारित इसकी संरचना में न्यायिक एवं केंद्र-राज्य तकनीकी सदस्य शामिल हैं, जो दोनों पक्षों के हितों की समान रक्षा सुनिश्चित करते हैं।

GSTAT विरोधी व्याख्याओं को रोककर कर प्रशासन में एकरूपता एवं पारदर्शिता लाता है तथा कर, ब्याज, जुर्माने के उचित बंटवारे को सुनिश्चित करता है। देहरादून बेंच के शुरू होने से उत्तराखंड एवं आसपास के करदाताओं को तेज, निष्पक्ष अपील समाधान मिलेगा। यह जीएसटी परिषद एवं वित्त मंत्रालय की देशव्यापी बेंच सक्रिय करने की प्रतिबद्धता का हिस्सा है।

पहाड़ प्रभात डैस्क

समाजशास्त्र में मास्टर की डिग्री के साथ (MAJMC) पत्रकारिता और जनसंचार में मास्टर की डिग्री। पत्रकारिता में 15 वर्ष का अनुभव। अमर उजाला, वसुन्धरादीप सांध्य दैनिक में सेवाएं दीं। प्रिंट और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म में समान रूप से पकड़। राजनीतिक और सांस्कृतिक के साथ खोजी खबरों में खास दिलचस्‍पी। पाठकों से भावनात्मक जुड़ाव बनाना उनकी लेखनी की खासियत है। अपने लंबे करियर में उन्होंने ट्रेंडिंग कंटेंट को वायरल बनाने के साथ-साथ राजनीति और उत्तराखंड की संस्कृति पर लिखने में विशेषज्ञता हासिल की है। वह सिर्फ एक कंटेंट क्रिएटर ही नहीं, बल्कि एक ऐसे शख्स हैं जो हमेशा कुछ नया सीखने और ख़ुद को बेहतर बनाने के लिए तत्पर रहते हैं। देश के कई प्रसिद्ध मैगजीनों में कविताएं और कहानियां लिखने के साथ ही वह कुमांऊनी गीतकार भी हैं अभी तक उनके लिखे गीतों को कुमांऊ के कई लोकगायक अपनी आवाज दे चुके है। फुर्सत के समय में उन्हें संगीत सुनना, किताबें पढ़ना और फोटोग्राफी पसंद है। वर्तमान में पहाड़ प्रभात डॉट कॉम न्यूज पोर्टल और पहाड़ प्रभात समाचार पत्र के एडिटर इन चीफ है।