देहरादून: आयुष चिकित्सकों की प्रांतीय बैठक में 11 सूत्रीय प्रस्ताव पारित, सरकार से की ये मांग

Dehradun News: राजकीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा सेवा संघ, उत्तराखंड की प्रांतीय कार्यकारिणी की बैठक सोमवार को आयोजित हुई, जिसमें चिकित्सकों से जुड़े विभिन्न लंबित मामलों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में सर्वसम्मति से 11 सूत्रीय प्रस्ताव पारित करते हुए राज्य सरकार से शीघ्र कार्रवाई की मांग की गई।
बैठक में वर्ष 2013 एवं 2015 बैच के चिकित्साधिकारियों को एसीपी (एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन) का लाभ दिए जाने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। संघ ने कहा कि संबंधित बैच के अनेक चिकित्साधिकारी 10 वर्ष की संतोषजनक सेवा पूर्ण कर चुके हैं, लेकिन लंबित एसीआर प्रकरणों के कारण उन्हें अब तक एसीपी का लाभ नहीं मिल पाया है। संघ ने मांग की कि तिथि निर्धारण कर पात्र चिकित्सकों को नियमानुसार एसीपी प्रदान किया जाए।

इसके अलावा आयुष विभाग में निदेशक/कार्यवाहक निदेशक की नियुक्ति विभागीय संवर्ग से किए जाने पर जोर दिया गया। संघ का कहना है कि विभागीय अनुभव रखने वाले अधिकारी ही नीतिगत निर्णयों को प्रभावी ढंग से लागू कर सकते हैं। साथ ही निदेशालय में रिक्त संयुक्त निदेशक पदों पर भी शीघ्र तैनाती की मांग की गई।
प्रदेश के राजकीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सालयों में मानक गुणवत्ता एवं पेटेंट औषधियों की कमी पर चिंता व्यक्त करते हुए पर्याप्त और समयबद्ध आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की गई।
बैठक में वर्ष 2024 बैच के चिकित्सा अधिकारियों का परिवीक्षा काल फरवरी 2026 में पूर्ण होने पर उनके स्थायीकरण के आदेश जारी करने की मांग भी उठाई गई। अन्य मांगों में आयुष विंग में बहुउद्देशीय कर्मियों की नियुक्ति, आयुष चिकित्सकों को निशुल्क पैथोलॉजी जांच के लिए अधिकृत करने, एमडी/एमएस अध्ययन अवकाश की लंबित अवधि को स्वीकृत कर एसीपी में शामिल करने, आयुष्मान आरोग्य मंदिर के अनटाइड फंड के व्यय में पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा लंबित टीए/डीए बिलों के भुगतान जैसे विषय शामिल रहे।
संघ ने अनिवार्य स्थानांतरण प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने हेतु सुगम और दुर्गम सेवा अवधि को पोर्टल पर दर्ज करने की भी मांग की। साथ ही जिला संघ अल्मोड़ा एवं उधम सिंह नगर के चुनाव 15 मार्च 2026 तक संपन्न कराने का निर्णय लिया गया। बैठक में चिकित्सकों के हितों के विरुद्ध कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रति निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। संघ ने चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति होने पर कड़ा रुख अपनाया जाएगा। बैठक में प्रांतीय एवं जनपदीय कार्यकारिणी के सभी सदस्य उपस्थित रहे।



















